मुजफ्फरनगर: कुख्यात विक्की त्यागी का हत्यारोपी गिरफ्तार, कोर्ट रूम में सुनवाई के दौरान हुई थी दुस्साहसिक हत्या
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शहर कोतवाली पुलिस शुक्रवार देर रात शामली रोड स्थित काली नदी पुल पर चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान शामली रोड की तरफ से संदिग्ध स्कूटी पर आते युवक को रोकने का प्रयास किया गया, तो वह भागने लगा। इंस्पेक्टर अनिल कपरवान ने बताया कि घेराबंदी कर आरोपी को दबोच लिया गया, जिसके पास से तंमचा-कारतूस बरामद किए गए।
इंस्पेक्टर ने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम अनिल बालियान उर्फ पिंटू बताया। जब आरोपी की जांच-पड़ताल की गई तो पता चला कि वह कुख्यात विक्रांत उर्फ विक्की त्यागी की फरवरी 2015 में कोर्ट में हुई हत्या में शामिल रहा था।
आरोपी का नाम सीबीसीआईडी की जांच में सामने आया था, जिसके बाद से ही वह फरार चल रहा था। आरोपी के खिलाफ कुर्की कार्रवाई भी की जा चुकी है और करीब दो साल पूर्व फरारी में ही उसके खिलाफ चार्जशीट भी कोर्ट में दाखिल की जा चुकी है। पूछताछ के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया।
कोर्ट रूम में सुनवाई के दौरान हुई थी दुस्साहसिक हत्या
कुख्यात विक्रांत उर्फ विक्की त्यागी की हत्या दुस्साहसिक तरीके से कोर्ट रूम के भीतर सुनवाई के दौरान गोलियां बरसाकर की गईं थीं। हत्यारोपी सागर मलिक अधिवक्ता की वेशभूषा में कोर्ट रूम में पहुंचा था और हत्या के बाद खुद को सरेंडर कर दिया था। कोर्ट रूम में कुख्यात की हत्या का यह अपनी तरह का जघन्य मामला था।
पश्चिमी यूपी का कुख्यात माफिया विक्रांत उर्फ विक्की त्यागी के खौफ से वेस्ट यूपी के कई जिले के लोग थर्राते थे। 16 फरवरी 2015 को कोर्ट-दशम में उस समय विक्की त्यागी की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी, जब वह उदयवीर चेयरमैन सामूहिक हत्याकांड में जिला कारागार से सुनवाई पर कोर्ट पहुंचा था।
हत्यारोपी सागर मलिक, निवासी गांव बहावड़ी अधिवक्ता की वेशभूषा में कोर्ट में पहुंचा था और मुकदमे की सुनवाई के दौरान ही उसने फाइलों में छिपाकर लाई गई पिस्टल निकालकर विक्की त्यागी पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दी थीं।
एक मैग्जीन खत्म होने के बाद बेखौफ आरोपी ने पिस्टल में दूसरी मैग्जीन भरकर विक्की त्यागी पर गोलियां बरसाईं थीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। विक्की त्यागी की दुस्साहसिक हत्या के बाद हत्यारोपी सागर मलिक ने मौके पर ही खुद को सरेंडर कर दिया था।
सीओ समेत दस से अधिक के खिलाफ दर्ज हुई थी रिपोर्ट
विक्की त्यागी की दुस्साहसिक हत्या के मामले में उसकी मां सुप्रभा त्यागी ने सीओ अनुज चौधरी, इंस्पेक्टर सचिन मलिक व कांस्टेबल विकास समेत दस से अधिक लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इनमें उदयवीर चेयरमैन के बेटा रंजनवीर भी नामजद किया गया था।