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Muzaffarnagar News: एनएचएम संविदा कर्मचारियों की हड़ताल, स्वास्थ्य सेवा प्रभावित

Fri, 09 Oct 2026 01:27 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 09 Oct 2026 01:27 AM IST
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NHM contractual employees on strike; healthcare services affected.
मुजफ्फरनगर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मचारी बृहस्पतिवार को हड़ताल पर रहे। अपनी मांगों को लेकर कर्मचारियों ने सीएमओ कार्यालय पर धरना देकर नारेबाजी की। इस दौरान आयुष विंग पूरी तरह बंद रही। महिला अस्पताल ओपीडी और टीबी अस्पताल में सेवाएं प्रभावित रहीं। इसके चलते मरीजों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
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सीएमओ कार्यालय पर दिए गए धरने पर एनएचएम संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संगठन के जिलाध्यक्ष डॉ. सचिन जैन ने कहा कि प्रदेशभर में संविदा कर्मचारी लंबे समय से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि कई लोग 15 वर्षों से अधिक समय से स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत हैं, इसके बावजूद नियमितीकरण और वेतन वृद्धि समेत उनकी मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।
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संगठन ने स्पष्ट किया कि मांगों के समाधान तक धरना जारी रहेगा। धरने में जिला महिला चिकित्सालय, जिला चिकित्सालय पुरुष और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से जुड़े संविदा कर्मचारी शामिल रहे।
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इनमें डॉ. फैसल सिद्दीकी, डॉ. राकेश बंसल, डॉ. शमशेर, डॉ. रमन, डॉ. प्रीति गर्ग, डॉ. बलजीत कौर, डॉ. अनिल कुमार, डॉ. इंदू कटारिया, डॉ. बबिता, डॉ. इफ्तिखार अहमद, डॉ. सुदेश वर्मा, डॉ. सुधा, डॉ. आमिर सहित अनेक कर्मचारी मौजूद रहे।
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विभिन्न संगठनों ने धरने को दिया समर्थन
एनएचएम के धरने को कई संगठनों की ओर से समर्थन मिला। राजकीय नर्सिंग ऑफिसर संगठन की अध्यक्ष सरिता सिंह ने कहा कि उनका संगठन एनएचएम संविदा कर्मचारियों के साथ खड़ा है। आशा संगठन की जिलाध्यक्ष निर्मला चौधरी ने भी आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा कि संविदा कर्मचारी लंबे समय से स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान दे रहे हैं और उनकी मांगों पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए। डिप्लोमा फार्मेसी एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष मनोज त्यागी और मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष पाकेश कुमार ने भी धरने में पहुंचकर समर्थन जताया।
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हड़ताल के कारण नहीं हो पाई जांच
टीबी हॉस्पिटल पहुंची सोमवती ने बताया कि जांच के लिए वह टीबी हॉस्पिटल आई थी। लेकिन हड़ताल होने के कारण जांच करने से इन्कार कर दिया गया। उन्होंने बताया कि वह जसवंतपुरी से आई थी। जांच न होने के कारण समस्या पैदा हो गई।
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अस्पताल में नहीं मिल पाया कोई स्टॉफ
खालापार की शकीला ने बताया कि वह अपनी जांच रिपोर्ट की जानकारी लेने के लिए टीबी हॉस्पिटल पहुंची थी। लेकिन वहां स्टॉफ का कोई भी व्यक्ति नहीं मिल पाया। रिपोर्ट न मिलने से समस्या का सामना करना पड़ा। बताया कि हड़ताल है।
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हड़ताल के कारण नहीं हुई भाई की स्वास्थ्य जांच
नाजिम ने बताया कि वह टीबी से ग्रसित अपने भाई को दिखाने के लिए लाया था। लेकिन कोई पैरा मेडिकल स्टॉफ न होने के कारण उसके भाई भी स्वास्थ्य जांच नहीं हो पाई।
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वर्जन
ओपीडी में एनएचएम की तीन चिकित्सक बैठती हैं। तीनों ही हड़ताल पर रहीं। इसलिए उन्होंने आपातकालीन कक्ष में तैनात चिकित्सक के साथ ओपीडी आने वाले मरीजों को परामर्श दिया। - डॉ. मुरली भास्कर, सीएमएस जिला महिला अस्पताल

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वैकल्पिक व्यवस्था की गई थी। इसलिए स्वास्थ्य सेवाओं पर हड़ताल का अधिक प्रभाव नहीं पड़ा। आंशिक रूप से कुछ सेवा प्रभावित हुई। लेकिन अधिकतर सेवाएं संचालित रहीं। - डॉ. सुनील तेवतिया, सीएमओ
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