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Muzaffarnagar News: जीएसटी में नई इकाइयों को मिले आईटीसी रिफंड
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मुजफ्फरनगर। आईआईए की ओर से केंद्रीय वित्त मंत्री को ज्ञापन भेजकर मांग की गई है कि नई इकाइयों के लिए जीएसटी में आईटीसी रिफंड दिया जाए।
आईआईए चेयरमैन अमित जैन और डिवीजनल सेक्रेट्री पवन कुमार गोयल ने बताया कि देश में नई औद्योगिक इकाई स्थापित करना प्रत्येक उद्यमी के लिए कठिन एवं चुनौतीपूर्ण कार्य है। ऐसी स्थिति में भूमि, भवन एवं प्लांट–मशीनरी पर भारी निवेश करना अनिवार्य होता है, जिस पर जीएसटी का भुगतान भी किया जाता है। कहा कि नई इकाई की प्रारंभिक अवस्था में बिक्री अत्यंत सीमित रहती है, जबकि निवेश अत्यधिक होता है।
मशीनरी पर अदा किए गए जीएसटी का इनपुट टैक्स क्रेडिट वर्षों तक अप्रयुक्त पड़ा रहता है क्योंकि उसकी भरपाई बिक्री से संभव नहीं हो पाती। इसी प्रकार भवन निर्माण पर चुकाए गए जीएसटी का कोई आईटीसी लाभ वर्तमान में उपलब्ध नहीं है। फलस्वरूप अधिकांश नई इकाइयों की कार्यशील पूंजी (वर्किंग कैपिटल) शीघ्र ही समाप्त हो जाती है और वे अपनी स्थापना के प्रारंभिक वर्षों में ही बंद होने की स्थिति में पहुंच जाती हैं।
ज्ञापन में मांग उठाई कि नई औद्योगिक इकाइयों द्वारा प्लांट–मशीनरी पर अदा किए गए जीएसटी का आईटीसी रिफंड के रूप में वापस करने की व्यवस्था की जाए। भवन निर्माण पर दिए गए जीएसटी को भी आईटीसी लाभ के अंतर्गत सम्मिलित कर उसका समुचित रिफंड उपलब्ध कराया जाए।
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आईआईए चेयरमैन अमित जैन और डिवीजनल सेक्रेट्री पवन कुमार गोयल ने बताया कि देश में नई औद्योगिक इकाई स्थापित करना प्रत्येक उद्यमी के लिए कठिन एवं चुनौतीपूर्ण कार्य है। ऐसी स्थिति में भूमि, भवन एवं प्लांट–मशीनरी पर भारी निवेश करना अनिवार्य होता है, जिस पर जीएसटी का भुगतान भी किया जाता है। कहा कि नई इकाई की प्रारंभिक अवस्था में बिक्री अत्यंत सीमित रहती है, जबकि निवेश अत्यधिक होता है।
मशीनरी पर अदा किए गए जीएसटी का इनपुट टैक्स क्रेडिट वर्षों तक अप्रयुक्त पड़ा रहता है क्योंकि उसकी भरपाई बिक्री से संभव नहीं हो पाती। इसी प्रकार भवन निर्माण पर चुकाए गए जीएसटी का कोई आईटीसी लाभ वर्तमान में उपलब्ध नहीं है। फलस्वरूप अधिकांश नई इकाइयों की कार्यशील पूंजी (वर्किंग कैपिटल) शीघ्र ही समाप्त हो जाती है और वे अपनी स्थापना के प्रारंभिक वर्षों में ही बंद होने की स्थिति में पहुंच जाती हैं।
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ज्ञापन में मांग उठाई कि नई औद्योगिक इकाइयों द्वारा प्लांट–मशीनरी पर अदा किए गए जीएसटी का आईटीसी रिफंड के रूप में वापस करने की व्यवस्था की जाए। भवन निर्माण पर दिए गए जीएसटी को भी आईटीसी लाभ के अंतर्गत सम्मिलित कर उसका समुचित रिफंड उपलब्ध कराया जाए।
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