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पुलिस को मिला नीरज का 14 दिन का न्यायिक रिमांड
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Thu, 04 Aug 2016 12:18 AM IST
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अखिल के हत्यारोपी का मददगार नीरज।
- फोटो : अमर उजाला
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आसाराम के रसोइए अखिल गुप्ता के हत्यारोपी की सहायता करने के आरोपी को बुधवार को सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने आरोपी का 14 दिन की न्यायिक रिमांड दे दिया है। रिमांड अवधि में पुलिस इस हाईप्रोफाइल मामले में आरोपी से पूछताछ करेगी। इस दौरान आरोपी की निशानदेही पर मर्डर में इस्तेमाल हथियार, बाइक और अन्य सामान की बरामदगी की जाएगी।
आसाराम के रसोइए और शहर के गीता एन्कलेव निवासी अखिल गुप्ता की हत्या के आरोपी कार्तिक हलदार के लिए शहर में कमरा, बाइक, सिम और खाने-पीने की व्यवस्था करने के आरोपी कासमपुर खोला निवासी नीरज को भारी पुलिस फोर्स की मौजूदगी में बुधवार को सीजेएम कोर्ट में सहारनपुर पुलिस ने पेश किया। इस दौरान नईमंडी कोतवाली पुलिस ने कोर्ट से आरोपी से पूछताछ के लिए रिमांड पर लेने के लिए प्रार्थनापत्र दिया।
एसएसआई केपी सिंह ने बताया कि आरोपी नीरज आज से अखिल गुप्ता की हत्या के केस में तलब हो गया है। सीजेएम कोर्ट ने पुलिस को नीरज का 17 अगस्त तक के लिए 14 दिन का रिमांड दे दिया है। फिलहाल आरोपी को सहारनपुर पुलिस की हिरासत में वापस देवबंद जेल भेज दिया गया है। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी से हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार और अन्य जानकारियां जुटाएगी। उस मकान को देखा जाएगा, जहां आरोपी करीब एक माह तक किराए पर रहे।
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पौने दो वर्ष बाद पकड़ में आया गुनहगार
अखिल गुप्ता की हत्या में शामिल आरोपी के गिरेबान तक पहुंचने में पुलिस को पौने दो साल लग गए। शातिर नीरज को लेकर पुलिस ने मुजफ्फरनगर से गुजरात तक की धूल फांकी। शातिर पुलिस को चकमा देता रहा। बाद में मिरगपुर से गाय चुराते हुए पुलिस ने उसे पकड़ा था।
सूरत की दो बहनों और शाहजहांपुर की किशोरी से दुष्कर्म और यौन शोषण के मामले में जोधपुर जेल में बंद संत आसाराम के खिलाफ गवाही देने पर रसोइए अखिल गुप्ता की 11 जनवरी 2015 को जानसठ रोड पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस के काफी प्रयास के बाद भी हत्यारोपियों के बारे में कुछ पता नहीं चल पाया था। मार्च 2016 को गुजरात एटीएस ने छतीसगढ़ के रायपुर से कार्तिक हलदार नाम के शूटर को दबोच लिया।
उसने पूछताछ में पुलिस के सामने अखिल की हत्या का सच कबूला। कार्तिक ने पूछताछ में नीरज का नाम लिया और बताया कि उसी ने शहर में ठहरने, खाने-पीने, वाहन, हथियार, सिम आदि की व्यवस्था कराई थी। पुलिस इसकी तलाश में जुटी, लेकिन कुछ पता नहीं चल पाया। इसी बीच 19 जुलाई को देवबंद के मिरगपुर गांव से गाय चुराते एक युवक को पुलिस ने पकड़ा।
पूछताछ में उसने पुलिस को खुद को मीरापुर के कासमपुर खोला निवासी नीरज बताया। आरोपी ने खुद ही पुलिस के सामने अखिल गुप्ता की हत्या में अपनी संलिप्तता को कबूला। मामले की जानकारी मिलने पर नईमंडी कोतवाली पुलिस ने देवबंद कोतवाली पहुंचकर आरोपी से पूछताछ की। आरोपी ने करीब दस वर्ष पूर्व कासमपुर खोला में अपना घर छोड़ दिया था और आसाराम का अनुयायी बन गया था।
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आसाराम के रसोइए और शहर के गीता एन्कलेव निवासी अखिल गुप्ता की हत्या के आरोपी कार्तिक हलदार के लिए शहर में कमरा, बाइक, सिम और खाने-पीने की व्यवस्था करने के आरोपी कासमपुर खोला निवासी नीरज को भारी पुलिस फोर्स की मौजूदगी में बुधवार को सीजेएम कोर्ट में सहारनपुर पुलिस ने पेश किया। इस दौरान नईमंडी कोतवाली पुलिस ने कोर्ट से आरोपी से पूछताछ के लिए रिमांड पर लेने के लिए प्रार्थनापत्र दिया।
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एसएसआई केपी सिंह ने बताया कि आरोपी नीरज आज से अखिल गुप्ता की हत्या के केस में तलब हो गया है। सीजेएम कोर्ट ने पुलिस को नीरज का 17 अगस्त तक के लिए 14 दिन का रिमांड दे दिया है। फिलहाल आरोपी को सहारनपुर पुलिस की हिरासत में वापस देवबंद जेल भेज दिया गया है। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी से हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार और अन्य जानकारियां जुटाएगी। उस मकान को देखा जाएगा, जहां आरोपी करीब एक माह तक किराए पर रहे।
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पौने दो वर्ष बाद पकड़ में आया गुनहगार
अखिल गुप्ता की हत्या में शामिल आरोपी के गिरेबान तक पहुंचने में पुलिस को पौने दो साल लग गए। शातिर नीरज को लेकर पुलिस ने मुजफ्फरनगर से गुजरात तक की धूल फांकी। शातिर पुलिस को चकमा देता रहा। बाद में मिरगपुर से गाय चुराते हुए पुलिस ने उसे पकड़ा था।
सूरत की दो बहनों और शाहजहांपुर की किशोरी से दुष्कर्म और यौन शोषण के मामले में जोधपुर जेल में बंद संत आसाराम के खिलाफ गवाही देने पर रसोइए अखिल गुप्ता की 11 जनवरी 2015 को जानसठ रोड पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस के काफी प्रयास के बाद भी हत्यारोपियों के बारे में कुछ पता नहीं चल पाया था। मार्च 2016 को गुजरात एटीएस ने छतीसगढ़ के रायपुर से कार्तिक हलदार नाम के शूटर को दबोच लिया।
उसने पूछताछ में पुलिस के सामने अखिल की हत्या का सच कबूला। कार्तिक ने पूछताछ में नीरज का नाम लिया और बताया कि उसी ने शहर में ठहरने, खाने-पीने, वाहन, हथियार, सिम आदि की व्यवस्था कराई थी। पुलिस इसकी तलाश में जुटी, लेकिन कुछ पता नहीं चल पाया। इसी बीच 19 जुलाई को देवबंद के मिरगपुर गांव से गाय चुराते एक युवक को पुलिस ने पकड़ा।
पूछताछ में उसने पुलिस को खुद को मीरापुर के कासमपुर खोला निवासी नीरज बताया। आरोपी ने खुद ही पुलिस के सामने अखिल गुप्ता की हत्या में अपनी संलिप्तता को कबूला। मामले की जानकारी मिलने पर नईमंडी कोतवाली पुलिस ने देवबंद कोतवाली पहुंचकर आरोपी से पूछताछ की। आरोपी ने करीब दस वर्ष पूर्व कासमपुर खोला में अपना घर छोड़ दिया था और आसाराम का अनुयायी बन गया था।