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मुजफ्फरनगर थप्पड़ कांड : सुप्रीम कोर्ट ने कहा, पीड़ित छात्र को गोद ले शारदेन स्कूल, पढ़िए क्या है पूरा मामला

Sat, 11 May 2024 10:51 AM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर Published by: कपिल kapil Updated Sat, 11 May 2024 10:51 AM IST
सार

Muzaffarnagar slap case : मुजफ्फरनगर के खुब्बापुर थप्पड़ कांड में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि शारदेन स्कूल ही पीड़ित छात्र को गोद ले ले। जानिए आखिर पूरा मामला क्या है।

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Muzaffarnagar slapping case: Supreme Court said that Sharden School should adopt victim student
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI

विस्तार

मुजफ्फरनगर के खुब्बापुर थप्पड़ कांड को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। उच्चतम न्यायालय ने निर्देश दिए कि मामले को सहानुभूतिपूर्वक देखते हुए शारदेन स्कूल ही पीड़ित छात्र को उसकी पढ़ाई के लिए गोद ले ले। अब मामले की अगली सुनवाई 26 जुलाई को होगी।

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शाहपुर ब्लॉक के गांव खुब्बापुर स्थित नेहा पब्लिक स्कूल में एक अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र को उसके सहपाठियों से थप्पड़ लगवाए जाने के मामले में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। जिला शिक्षा विभाग से खंड शिक्षा अधिकारी शाहपुर संजय भारती भी कोर्ट में पहुंचे।

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बीएसए शुभम शुक्ला ने बताया कि उच्चतम न्यायालय ने सुनवाई के दौरान कहा कि पीड़ित छात्र को गोद लेने के लिए एनजीओ की व्यवस्था तो नहीं हो पाई है। ऐसे में सहानुभूतिपूर्वक रूप से पीड़ित छात्र को शारदेन स्कूल ही गोद ले ले, ताकि वह विद्यालय में निशुल्क पढ़ाई कर सकें। इसके अलावा उन्होंने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि विद्यालयों में आरटीई के तहत और उसकी गाइडलाइन का पालन भी किया जाए।

बीएसए शुभम शुक्ला ने कहा कि पीड़ित छात्र मेरठ रोड स्थित शारदेन स्कूल में कक्षा तीन में अध्ययनरत है। फिलहाल छात्र की तिमाही फीस जमा करा दी गई है। इसके अलावा उसका कोर्स और ड्रेस के साथ ही परिवहन खर्च की भी व्यवस्था करा दी गई है। कोर्ट के दिशा निर्देशों पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि छात्र को गोद लेने के लिए कोई भी एनजीओ नहीं मिल पाया है।

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यह था पूरा मामला
खुब्बापुर गांव के स्कूल में शिक्षिका ने पांच का पहाड़ा नहीं सुनाने पर अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र की सहपाठियों से पिटाई करा दी थी। इसी दौरान जातीय टिप्पणी का भी आरोप है। प्रकरण के दौरान पीड़ित छात्र के चचेरे भाई ने वीडियो बना लिया। वीडियो के वायरल होते ही प्रतिक्रियाएं आने लगीं और शिक्षिका की गिरफ्तार करने की मांग उठने लगी। आरोपी शिक्षिका पर एफआईआर दर्ज हो गई थी। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के पोते तुषार गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी, जिसकी सुनवाई 26 जुलाई को होगी।

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