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उत्तम शुगर मिल पर बकाया गन्ना भुगतान के लिए किसानों का धरना

Tue, 19 Mar 2019 12:46 AM IST
Deepak Kausik अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर Published by: Deepak Kausik Updated Tue, 19 Mar 2019 12:46 AM IST
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Muzaffarnagar's Uttam Sussar Mill
उत्तम शुगर मिल पर धरने के दौरान किसानों को संबोधित करते किसान नेता। - फोटो : अमर उजाला
पुरकाजी में गन्ना भुगतान और मिल में आने जाने वाले रास्तों को लेकर सोमवार को गांवों के किसानों ने उत्तम शुगर मिल खाईखेड़ी गेट पर धरना दिया। जल्द ही भुगतान न करने और मिल के रास्तों की मरम्मत न कराने पर मिल की बिजली बंद करने और भुगतान होने तक धरना जारी रखने की चेतावनी दी। इस पर मिल की ओर से नौ करोड़ रुपये के भुगतान का चेक जारी किया गया, तब जाकर पांच घंटे से जारी धरना समाप्त किया गया।
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सोमवार सुबह करीब ग्यारह बजे भूराहेड़ी, खाईखेड़ी, बरला, धमात, तुग़लकपुर, कमहेड़ा, तेजलहेड़ा , छपार आदि गांवों के भारी संख्या में किसान उत्तम शुगर मिल खाईखेड़ी पहुंचे और मिल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मिल गेट पर धरने पर बैठ गए। धरने को संबोधित करते हुए भाकियू जिलाध्यक्ष राजू अहलावत ने कहा कि मिल प्रशासन किसानों के गन्ने का समय से भुगतान न कर किसानों का उत्पीड़न कर रहा है। उन्होंने किसानों से एकजुटता बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि कुछ लोगों ने सत्ता की आड़ में तीन दिन पूर्व मिल में आकर मिल कर्मियों को बंधक बनाकर किसानों के भुगतान की मांग कर हमारे धरने को प्रभावित करने का प्रयास किया है।
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ऐसे लोग किसानों को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। इसके अलावा भी मिल प्रबंधन कुछ गन्ना माफिया से साठगांठ कर गन्ने को अवैध तरीके से लेकर किसानों का उत्पीड़न कर रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने किसानों का गन्ना भुगतान और मिल में आने जाने वाले रास्तों की मरम्मत न कराने तक मिल की बेची जा रही बिजली बंद करने और धरना जारी रखने की चेतावनी दी। इस पर मिल डीजीएम सैम अंसार मिल कर्मियों के साथ धरना स्थल पर पहुंचे। जिन्हें देखकर धरने पर मौजूद भाकियू नेता गौरव टिकैत और जिला अध्यक्ष राजू अहलावत आगबबूला हो गए। डीजीएम पर मनमानी करने का आरोप लगाया। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक डीजीएम माफी नही मांगेंगे तब तक कोई वार्ता नहीं की जाएगी।
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डीजीएम ने किसानों से अपने किए पर खेद व्यक्त किया। करीब तीन बजे किसानों के बीच पहुंचे जिला गन्ना अधिकारी डॉ आरडी द्विवेदी ने भाकियू जिलाध्यक्ष और किसानों के साथ मिल के रास्तों का निरीक्षण किया। उन्होंने मिल प्रशासन से वार्ता कर जल्द ही रास्तों की मरम्मत कराने का आश्वासन दिया। उसके उपरांत डीजीएम द्वारा नौ करोड़ का चेक जिला गन्ना अधिकारी को सौंपा। 20 करोड़ रुपये का भुगतान 31 मार्च तक करने की बात कही, जिस पर करीब चार बजे धरना समाप्त कर दिया गया। धरने में भाकियू के प्रदेश महासचिव जहीर फारूकी, मंडल महासचिव नवीन राठी, विकास शर्मा, संजय त्यागी, वीरेंद्र राठी, बिट्टू राठी, विवेक राठी कपिल राठी, वीरेंद्र सिंह, मनीष प्रधान, शुभम त्यागी, हरीओम त्यागी,  मोनू पंवार, राम नाथ त्यागी, जगबीर, नरेश गुर्जर, सुलेमान सभासद, फैसल सिद्दीकी, डॉक्टर चाँद, नौशाद फरीदी, अमरजीत, सन्नी, धीरज त्यागी, शाहनजर आदि मौजूद रहे।

बाहरी गन्ना आने से किसान में आक्रोश
खतौली। शुगर मिल द्वारा क्षेत्र के बाहरी गन्ना खरीदने को लेकर किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है। किसानों ने चेतावनी दी कि अगर बाहरी गन्ना खरीदना बंद नहीं किया तो मिल गेट पर गन्नों को अंदर जान से रोककर प्रदर्शन किया जाएगा। सोमवार को गन्ना समिति में डायरेक्टर रामनिवास की अध्यक्षता और बोबिंद्र के संचालन में हुई बैठक में किसान वक्ताओं ने कहा कि त्रिवेणी शुगर मिल सकौती गन्ना समिति के कुछ गांवों का गन्ना असंवैधानिक तरीके से साज करके खरीदा जा रहा है।

जबकि गन्ना आयुक्त द्वारा इन गांवों का आवंटन नहीं है। जिस कारण क्षेत्रीय किसानों को शुगर मिल में गन्ना आपूर्ति करने के लिए व्यवधान उत्पन्न हो रहा है। बैठक में किसानों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि शुगर मिल द्वारा बाहरी गांवों से गन्ना खरीदना तुरंत बंद कर दें। 23 मार्च के बाद किसान मिल गेट पर बाहरी गन्ने को अंदर नहीं आने देंगे। गन्ने को मिल गेट पर ही रोककर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। बैठक में उदयवीर सिंह, प्रशांत डायरेक्टर, लटूरे डायरेक्टर, बाबूराम गुर्जर अंतवाड़ा डायरेक्टर, योगेंद्र, मुकेश, विपिन प्रधान, ऋषि, बिजेंद्र, मनोज गंगधाड़ी, राजेंद्र आदि मौजूद रहे।

भाकियू ने गन्ना भुगतान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी
मोरना। मोरना चीनी मिल द्वारा गन्ना भुगतान न करने को लेकर भाकियू नेताओं ने रोष प्रकट करते हुए शीघ्र भुगतान करने की मांग की है। भाकियू ने भुगतान न होने पर होली के पर्व के उपरांत बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। दि गंगा किसान सहकारी चीनी मिल द्वारा गन्ना भुगतान न करने को लेकर भाकियू नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल प्रधान प्रबंधक से मिला। भाकियू नेता योगेश शर्मा ने जिलाधिकारी के नाम ज्ञापन देकर बताया कि मिल द्वारा केवल जनवरी के पहले सप्ताह का भुगतान किया गया है। उसके बाद भुगतान नहीं होने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

जहां 31 मार्च तक बिजली के बिलों में छूट दी जा रही है। वह तिथि अब समाप्त होने जा रही है। भुगतान न होने के कारण किसान बिजली के बिलों का भुगतान नहीं कर सकेगा तथा उसे छूट के अलावा भारी पेनल्टी देनी पड़ेगी, जिसका जिम्मेदार सीधे सीधे प्रशासन है। वहीं, बच्चों की स्कूल फीस व शादी का खर्च आदि के लिए किसान बेहद परेशान हैं। शीघ्र भुगतान न करने पर भाकियू होली के पर्व के बाद धरना प्रदर्शन कर आंदोलन करेगी।


प्रधान प्रबंधक प्रबुद्ध चौबे ने बताया कि मिल फिलहाल 20 करोड़ रुपये देने की स्थिति में है, लेकिन 121 करोड़ का भुगतान पहले ही कर देने से उसकी सीसी लिमिट समाप्त हो चुकी है। कानूनी तौर पर वर्तमान में मिल गन्ने का भुगतान नहीं कर सकती। दूसरे चीनी न बिकने के कारण मिल के पास चीनी का स्टॉक हो गया है, जिसके भंडारण तक की समस्या उत्पन्न हो गई है। अगर चीनी बिक जाए, तो तुरंत ही गन्ने का भुगतान कर दिया जाएगा। इस दौरान हवा सिंह, मुमताज अली, बालेंद्र, कल्लू ठाकुर, सुखवीर सिंह, अंकुश राठी, संजय कुमार, नरेश, संजीव शिवाच, धर्मेंद्र राठी, गय्यूर अली, सत्यपाल सिंह, जोगेंद्र, रिजवान, सीताराम आदि मौजूद रहे।
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