मुजफ्फरनगर रामपुर तिराहा कांड: अब 13 दिसंबर को होगी सुनवाई, खौफनाक थी पूरी वारदात
Muzaffarnagar Rampur Tiraha Kand: रामपुर तिराहा पर पुलिस ने आंदोलनकारियों को रोकने का प्रयास किया। आंदोलनकारी नहीं माने तो पुलिसकर्मियों ने फायरिंग कर दी, जिसमें सात आंदोलनकारियों की मौत हो गई थी।
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मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा कांड में सीबीआई बनाम मिलाप सिंह की पत्रावली में सुनवाई हुई। बचाव पक्ष की ओर से बहस की गई। अब अगली सुनवाई 13 दिसंबर को होगी।
एक अक्तूबर, 1994 को अलग राज्य की मांग के लिए देहरादून से बसों में सवार होकर आंदोलनकारी दिल्ली के लिए निकले थे। देर रात रामपुर तिराहा पर पुलिस ने आंदोलनकारियों को रोकने का प्रयास किया। आंदोलनकारी नहीं माने तो पुलिसकर्मियों ने फायरिंग कर दी, जिसमें सात आंदोलनकारियों की मौत हो गई थी।
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सीबीआई ने मामले की जांच की और पुलिस पार्टी और अधिकारियों पर मुकदमे दर्ज कराए थे। महिलाओं के साथ दुष्कर्म की वारदात भी हुई थी। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या सात के पीठासीन अधिकारी शक्ति सिंह ने मंगलवार को सुनवाई की। बचाव पक्ष ने बहस की। सहायक शासकीय अधिवक्ता परवेंद्र सिंह ने बताया कि अगली सुनवाई 13 दिसंबर को होगी।
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