रामपुर तिराहा कांड: सीबीआई ने पेश किया गवाह, दरोगा विक्रम सिंह भगोड़ा घोषित, ये था पूरा मामला
मुजफ्फरनगर रामपुर तिराहा कांड : सीबीआई ने बुधवार को अदालत में गवाह पेश किया। वहीं, अदालत से गैरहाजिर चल रहे दरोगा विक्रम सिंह को भगोड़ा घोषित कर दिया है।
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मुजफ्फरनगर में रामपुर तिराहा कांड में सामूहिक दुष्कर्म, छेड़छाड़ और लूट समेत अन्य गंभीर धाराओं के मुकदमे में सीबीआई ने अदालत में चश्मदीद गवाह पेश किया। अदालत से गैरहाजिर चल रहे दरोगा विक्रम सिंह को भगोड़ा घोषित कर दिया है। प्रकरण की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-सात के पीठासीन अधिकारी शक्ति सिंह ने की।
बुधवार को अदालत में सीबीआई बनाम राधा मोहन द्विवेदी पत्रावली की सुनवाई हुई। शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजीव शर्मा, सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी परवेंद्र सिंह और जोगेंद्र गोयल ने बताया कि सीबीआई ने रामपुर तिराहा कांड के चश्मदीद गवाह को पेश किया। गवाह वारदात की सुबह मौके पर मौजदू था।
उधर, लंबे समय से गायब चल रहे दरोगा विक्रम सिंह तोमर की पत्रावली पर सुनवाई हुई। सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी परविंद्र सिंह ने बताया कि विक्रम सिंह को भगौड़ा घोषित कर दिया गया है।
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यह था मामला
एक अक्तूबर, 1994 को अलग राज्य की मांग के लिए देहरादून से बसों में सवार होकर आंदोलनकारी दिल्ली के लिए निकले थे। देर रात रामपुर तिराहा पर पुलिस ने आंदोलनकारियों को रोकने का प्रयास किया। आंदोलनकारी नहीं माने तो पुलिसकर्मियों ने फायरिंग कर दी, जिसमें सात आंदोलनकारियों की मौत हो गई थी।
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सीबीआई ने मामले की जांच की और पुलिस पार्टी और अधिकारियों पर मुकदमे दर्ज कराए थे। गंभीर धाराओं के सेशल ट्रायल मुकदमों की सुनवाई के लिए हाईकोर्ट ने जिले के अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर सात के पीठासीन अधिकारी शक्ति सिंह को अधिकृत किया है।