यूपी: PHC पर तैनात फार्मासिस्ट ने उठाया दर्दनाक कदम, डॉक्टरों में मचा हड़कंप, पत्नी-बेटे का रो-रोकर बुरा हाल
Muzaffarnagar News : PHC पर तैनात फार्मासिस्ट ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उधर, सूचना मिलते ही डॉक्टरों में हड़कंप मच गया। वहीं, परिजनों व पत्नी-बेटे का रो-रोकर बुरा हाल है।
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मुजफ्फरनगर में स्वास्थ्य विभाग में तैनात फार्मासिस्ट ने आत्महत्या करके अपनी जान दे दी। बताया गया कि पौढ़ी गढ़वाल के गांव खेतू पिजोली के मूल निवासी कैलाश रावत (50) ने पुरकाजी स्वास्थ्य केंंद्र पर अपने सरकारी आवास में फांसी लगाकर जान दी है। उधर, घटना का पता चलते ही परिजन, पत्नी स्वेता और बेटा कार्तिक मौके पर पहुंचे। इस दौरान विभागीय टीम भी मौके पर पहुंच गई। फिलहाल पुलिस जांच-पड़ताल में जुटी है।
कैलाश रावत वर्ष 2022 में जिले के स्वास्थ्य विभाग में आए थे। वह पुरकाजी के फलौदा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पर तैनात रहे थे। इसके बाद उनका चरथावल के दूधली पीएचसी पर तबादला हो गया था। 21 अगस्त को उनका दूधली से पुरकाजी पीएचसी पर तबादला हो गया था। उनका परिवार शुरू से ही फलौदा पीएचसी पर मिले सरकारी आवास में रहता था।
वहीं, बृहस्पतिवार में उनकी डयूटी पुरकाजी पीएचसी पर रात में थी। वह लगभग नौ बजे पुरकाजी पीएचसी पर पहुंचे थे और कर्मचारियों से बातचीत करने के बाद अपने सरकारी आवास में आराम करने के लिए चले गए थे। रात में कोई मरीज नहीं पहुंचा तो उन्हें बुलाया नहीं गया।
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शुक्रवार सुबह उन्हें बुलाने के लिए भेजा गया, लेकिन उनका शव अपने आवास में फांसी पर लटका मिला। इस सूचना पर पीएचसी पर तैनात सभी डॉक्टर व कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। इसके बाद पुरकाजी पुलिस ने पहुंच कर जांच पड़ताल शुरू की।
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पीएचसी प्रभारी अरुण कुमार ने बताया कि कैलाश रावत चार दिन पहले ही पुरकाजी पीएचसी पर तैनात हुए थे।