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मुजफ्फरनगर : पहले दिन धान केंद्र रहे सूने, नहीं पहुंचा कोई किसान

Sat, 02 Oct 2021 12:00 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 02 Oct 2021 12:00 AM IST
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Muzaffarnagar: Paddy centers remained closed on the first day, no farmer reached
चरथावल में खाली पड़ा धान खरीद केंद्र। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
मुजफ्फरनगर। पहले दिन धान खरीद केंद्रों सूने रहें। जिले के नौ केंद्रों पर कोई किसान धान बेचने नहीं पहुंचा। खाद्य विभाग के छह और पीसीएफ के तीनों केंद्रों पर खरीद शून्य दर्ज की गई। शुक्रवार तक 16 किसानों के पंजीकरण के बाद 80 का सत्यापन पूरा हो चुका है।
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खाद्य विभाग के चरथावल, सदर के नवीन मंडी, मोरना, जानसठ, पुरकाजी और खतौली के अलावा पीसीएफ के रामराज, पुरकाजी क्षेत्र के शेरपुर खादर एवं कासमपुर खोला में केंद्र बनाए गए हैं। पंजीकृत किसानों के केंद्रों पर नहीं पहुंचने के कारण शुक्रवार को खरीद प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी। चरथावल एसएमसआई मुकेश कुमार ने बताया अभी किसी किसान का टोकन जारी नहीं हुआ है। कूकड़ा मंडी में धान की आवक शुरू नहीं हो पाई है।
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जिला खाद्य विपणन अधिकारी कमलेश सिंह ने बताया मंडी सचिव की रिपोर्ट के मुताबिक शुक्रवार तक मंडी में धान लेकर कोई किसान नहीं पहुंचा है। जिले के सभी सरकारी केंद्रों पर पहले दिन खरीद शून्य है। इस बार सामान्य धान का 1940 और ग्रेड ए का 1960 रुपये क्विंटल रेट तय है। 4200 मैट्रिक टन खरीद का लक्ष्य है। जिले के अधिकांश इलाकों में कटाई फसल नहीं पकने के कारण कटाई शुरू नहीं हो सकी। वही, किसान दिनेश त्यागी, अमरीश त्यागी, रामभूल सिंह, योगेश आदि कहते है किसान श्राद्ध में नई फसल बेचने अथवा घर में उपयोग के लिए कटाई से परहेज करते है।
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पारदर्शिता काो बनाई पंजीकरण की कड़ी प्रक्रिया
जिला विपणन अधिकारी कमलेश सिंह ने बताया शासन ने पहली बार पंजीकृत किसानों के खुद केंद्र पर जाना पड़ेगा। इसके अलावा उनके परिवार का रक्त संबंधी सदस्य ही नॉमिनी बन सकता है। इनका उल्लेख पंजीकरण के दौरान कंप्यूटर में फीड कराना पड़ेगा। बिचौलियों से बचने के लिए नॉमिनी पंजीकृत किसान का आधार कार्ड, खसरा, पंजीकरण फार्म और अपना आधार कार्ड लेकर केंद्र पर जाएगा। केंद्र पर शाम चार बजे टोकनधारी किसान को धान लेकर जाना होगा, अन्यथा उसका टोकन स्वत: निरस्त हो जाएगा। किसान की एक से अधिक तहसील में जमीन होने के बावजूद एक ही तहसील में धान बेच पाएगा। जमीन में बोई हर फसल के रकबे का उल्लेख करना होगा और किसान को मोबाइल नंबर आधार कार्ड से लिंक करने पर ही ओटीपी मिलेगा। 12 एकड़ से अधिक जमीन में धान का सत्यापन एडीएम स्तर के अधिकारी करेंगे।
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