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पीएमओ को हुई शिकायत के बाद सामने आया खेल
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मुजफ्फरनगर। शहर में शत्रु संपत्ति कब्जा ने के खेल की शिकायत सबसे पहले पीएमओ को हुई थी। एमडीए के पूर्व वीसी विनोद यदुवंशी ने यह शिकायत की थी। पीएमओ के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने पहली बार गृह मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट भेजी, जिसमें शत्रु संपत्ति के दावे को सही ठहराया गया। इसके बाद से यह मामला लगातार आगे बढ़ता चला गया।
एमडीए में वीसी रहते हुए नक्शा पास होने आई जमीन की विनोद यदुवंशी ने अपने तरीके से जांच कराई थी, जिसमें सामने आया कि जमीन शत्रु संपत्ति की है। यदुवंशी ने कुछ रिकार्ड एकत्र भी किया। रिटायर्ड होने के बाद 2016 में उन्होंने पीएमओ को एक शिकायत की। उन्होंने दावा किया कि शहर में एक हजार करोड़ से अधिक की शत्रु संपत्ति की जमीनों पर अवैध कब्जे हैं। पीएमओ से यह पत्र गृह मंत्रालय के सहायक शत्रु संपत्ति अभिरक्षक के पास गया। यहां से जिला प्रशासन को जांच के आदेश दिए गए। तत्कालीन डीएम जीएस प्रियदर्शी ने इस प्रकरण की गहनता से जांच कराई और एक विस्तृत रिपोर्ट गृह मंत्रालय को भेजी थी। इस रिपोर्ट में दावा किया गया कि शत्रु संपत्ति और सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा किया गया है। इसी के आधार पर 16 फरवरी 2018 को गृह मंत्रालय ने छह बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी। इन बिंदुओं पर प्रशासन ने आज तक रिपोर्ट नहीं भेजी। एक अगस्त 2019 को गृह मंत्रालय ने फिर से पत्र जारी किया। इस पत्र में शत्रु संपत्ति के विक्रय करने और निर्माण पर रोक लगाने के आदेश जारी हुए। इस आदेश पर जिला प्रशासन ने 16 अक्तूबर से कार्रवाई शुरू की और छह बिंदुओं पर रिपोर्ट के लिए पत्र जारी किया। हाईकोर्ट में शहर के राधेश कुमार के याचिका किए जाने से गृह मंत्रालय ने मामला फिर से संज्ञान में लिया।
सीबीआई जांच हो: मंडेर
मुजफ्फरनगर। राम मंदिर सहयोग मंच के राष्ट्रीय सह संयोजक सरदार जसबीर सिंह मंडेर ने सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर शहर में जमीन प्रकरण की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि अभी केवल 570 बीघा जमीन का मामला सामने आया है। शहर में शत्रु संपत्ति और सरकारी जमीन पर लगभग ढाई हजार बीघा पर कब्जा है। इस पूरे प्रकरण की गहनता से जांच कराने के लिए सीबीआई को संस्तुति की जानी चाहिए।
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एमडीए में वीसी रहते हुए नक्शा पास होने आई जमीन की विनोद यदुवंशी ने अपने तरीके से जांच कराई थी, जिसमें सामने आया कि जमीन शत्रु संपत्ति की है। यदुवंशी ने कुछ रिकार्ड एकत्र भी किया। रिटायर्ड होने के बाद 2016 में उन्होंने पीएमओ को एक शिकायत की। उन्होंने दावा किया कि शहर में एक हजार करोड़ से अधिक की शत्रु संपत्ति की जमीनों पर अवैध कब्जे हैं। पीएमओ से यह पत्र गृह मंत्रालय के सहायक शत्रु संपत्ति अभिरक्षक के पास गया। यहां से जिला प्रशासन को जांच के आदेश दिए गए। तत्कालीन डीएम जीएस प्रियदर्शी ने इस प्रकरण की गहनता से जांच कराई और एक विस्तृत रिपोर्ट गृह मंत्रालय को भेजी थी। इस रिपोर्ट में दावा किया गया कि शत्रु संपत्ति और सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा किया गया है। इसी के आधार पर 16 फरवरी 2018 को गृह मंत्रालय ने छह बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी। इन बिंदुओं पर प्रशासन ने आज तक रिपोर्ट नहीं भेजी। एक अगस्त 2019 को गृह मंत्रालय ने फिर से पत्र जारी किया। इस पत्र में शत्रु संपत्ति के विक्रय करने और निर्माण पर रोक लगाने के आदेश जारी हुए। इस आदेश पर जिला प्रशासन ने 16 अक्तूबर से कार्रवाई शुरू की और छह बिंदुओं पर रिपोर्ट के लिए पत्र जारी किया। हाईकोर्ट में शहर के राधेश कुमार के याचिका किए जाने से गृह मंत्रालय ने मामला फिर से संज्ञान में लिया।
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सीबीआई जांच हो: मंडेर
मुजफ्फरनगर। राम मंदिर सहयोग मंच के राष्ट्रीय सह संयोजक सरदार जसबीर सिंह मंडेर ने सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर शहर में जमीन प्रकरण की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि अभी केवल 570 बीघा जमीन का मामला सामने आया है। शहर में शत्रु संपत्ति और सरकारी जमीन पर लगभग ढाई हजार बीघा पर कब्जा है। इस पूरे प्रकरण की गहनता से जांच कराने के लिए सीबीआई को संस्तुति की जानी चाहिए।
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