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Muzaffarnagar: यूट्यूब से सीखकर इंटर पास युवक प्रिंटर से छाप रहे थे जाली नोट, 15 लाख की करेंसी बरामद, दो पकड़े

Mon, 30 Jun 2025 08:40 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर
अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर Published by: मोहम्मद मुस्तकीम Updated Mon, 30 Jun 2025 08:40 PM IST
सार

Fake Currency Caught: फुगाना पुलिस ने सूचना के आधार पर मेरठ के दौराला निवासी दो आरोपियों को जाली करेंसी समेत गिरफ्तार कर लिया। मुख्य आरोपी फरार है। पुलिस ने जाली नोटों के साथ ही उसे छापने वाले उपकरण बरामद किए हैं।

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Muzaffarnagar: Inter pass youth were printing fake notes from printer, currency worth Rs 15 lakh recovered
पकड़े गए आरोपी और बरामद फेक करेंसी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

फुगाना थाना पुलिस ने नकली नोट छापने वाले गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इंटर पास दोनों आरोपी ऑल्टो कार में नकली नोटों की सप्लाई देने बुढ़ाना आ रहे थे। उनसे 15 लाख 16 हजार रुपये के नकली नोट व छापने में प्रयोग किए जाने वाले उपकरण बरामद हुए हैं। गिरोह का मास्टरमाइंड अंकित अभी फरार है। आरोपियों से आईबी व एलआईयू ने भी पूछताछ की।
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एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि फुगाना पुलिस को कार में नकली नोट लेकर आने वाले दो युवकों के बारे में जानकारी मिली थी। इसके बाद पुलिस ने चेकिंग के दौरान गौरव उर्फ जितन व अभय उर्फ तुषार निवासी जीतपुर थाना दौराला मेरठ को गिरफ्तार किया। उनसे नकली नोट व उनकी निशानदेही पर नकली नोट छापने वाले उपकरण बरामद किए।
एसएसपी ने बताया कि गिरफ्तार एक आरोपी गाड़ी चालक है, जबकि दूसरा आरोपी सीसीटीवी लगाता है। इनके पास से 500, 100 व 200 के नकली नोट एक बैग में बरामद हुए। इस गिरोह का मास्टर माइंड मेरठ निवासी अंकित अभी फरार है। ये लोग दिल्ली, यूपी व अन्य स्थानों पर नकली नोटों की सप्लाई करते थे। टीम को 15 हजार रुपये का इनाम दिया जा रहा है।
 
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नोटों में ये है फर्क
एसएसपी ने बताया कि इन लोगों ने जिस पेपर पर नोट छापे, वह बेहद हल्का है। वाटर मार्क, क्वालिटी में अंतर है। गांधी का मार्क नोट में दिखाई नहीं देता। नोट में काफी अंतर है।

यू-ट्यू्ब से सीखा नोट छापना
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उनका संगठित गिरोह है, जो नकली नोट छापने का कार्य करता है। छापे गए नोटों की विभिन्न स्थानों पर सप्लाई कर अवैध आर्थिक लाभ कमाते हैं। उनके साथी अंकित ने यू-ट्यूब के माध्यम से नकली नोट छापने का काम सीखा था। उसने फिर उन्हें अपने साथ शामिल किया, नकली नोट छापना सिखाया।
 
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चार गुना देते हैं नोट
आरोपी असली नोट के स्थान पर चार गुना नकली नोट देते हैं। वह लोग नकली नोट प्रिन्टर से बनाते हैं। यह नोट पल्लवपुरम में इन्द्र प्रस्थ कॉलोनी में किराए के मकान में छापे थे। कई बार अंकित के कहने पर बुढ़ाना में असली नोटों के बदले में चार गुना नकली नोट दिये हैं।
अंकित ने ही उन्हें बताया था कि एक बहुत बड़ी डील हुई है। उसके कहने पर ही उन्होंने मेरठ की इन्द्रप्रस्थ कॉलोनी में किराये के मकान में नकली नोट छापे थे। इन नोटों को आज बुढ़ाना में देने के लिए जा रहे थे, तभी पुलिस ने पकड़ लिया।
 

यह हुआ बरामद -
- 15 लाख 16 हजार रुपये के जाली नोट
- एक आल्टो कार
- जाली नोट छापने के उपकरण


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