मुजफ्फरनगर : फर्जी डिग्रीधारक अध्यापक गिरफ्तार, सात माह से चल रहा था फरार, अब 46 लाख की होगी वसूली
- एबीएसए ने दर्ज कराई थी सात माह पूर्व रिपोर्ट, तभी से था फरार
- आंबेडकर विवि आगरा से ली गई बीएड की डिग्री जांच में निकली फर्जी
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मूल रूप से छपार क्षेत्र के गांव सिंभालकी निवासी अनिल चौधरी वर्ष 2008 में शिक्षा विभाग में बतौर अध्यापक भर्ती हुआ था। अनिल की पहली पोस्टिंग एटा-मैनपुरी स्थित प्राथमिक विद्यालय में हुई थी, लेकिन बाद में उसने बझेड़ी स्थित प्राथमिक विद्यालय में ट्रांसफर करा लिया था।
इसके बाद से अनिल चौधरी जनपद में ही नौकरी कर रहा था। खंड शिक्षा अधिकारी सदर योगेश शर्मा ने तीन जुलाई 2020 को नई मंडी कोतवाली में आरोपी अध्यापक अनिल चौधरी के खिलाफ फर्जीवाड़े से नौकरी हासिल करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
बीईओ योगेश का कहना था कि शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की जांच में अनिल की आगरा स्थित आंबेडकर विश्वविद्यालय से ली गई बीएड की डिग्री फर्जी पाई गई थी। इसके चलते आरोपी अध्यापक की नियुक्ति को तत्काल प्रभाव से खत्म करते हुए उससे बतौर वेतन ली गई करीब 46 लाख रुपये की धनराशि की रिकवरी करने के भी आदेश जारी कर दिए गए थे।
नई मंडी कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज होते ही आरोपी अध्यापक अनिल चौधरी फरार हो गया था। मामले की जांच कर रहे एसआई विजयपाल अत्री ने बताया कि तभी से पुलिस आरोपी की तलाश कर रही थी।
रविवार को आरोपी को उत्तराखंड के जनपद हरिद्वार के कस्बा रुड़की से गिरफ्तार कर लिया गया है। वह मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही रुड़की में किराए के मकान में रह रहा था। पूछताछ के बाद आरोपी अध्यापक को जेल भेज दिया गया है।