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मुजफ्फरनगर में इंजीनियर बनने आया था आतंकी जुनैद
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
Updated Fri, 16 Feb 2018 12:12 AM IST
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आतंकी जुनैद का फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
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एक और आतंकी कनेक्शन सामने आने पर जिला फिर से जांच एजेंसियों के रडार पर आ गया है। बाटला हाउस एनकाउंटर और 165 लोगों की बम विस्फोट में जान लेने वाला इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) का 20 लाख का इनामी आतंकी मुजफ्फरनगर में इंजीनियर बनने आया था। शहर के एक कॉलेज में उसने बीटेक में दाखिला लिया था, लेकिन द्वितीय वर्ष में फेल होने के बाद यहां से चला गया। खुफिया तंत्र स्थानीय स्तर पर मामले की छानबीन में जुटा है।
यूपी के आजमगढ़ निवासी आईएम आतंकी आरिज खान उर्फ जुनैद को एटीएस ने 13 फरवरी को उत्तराखंड के बनबसा से गिरफ्तार किया था। जांच-पड़ताल के बाद कई और गहरी परतें खुलकर सामने आई हैं। 20 लाख के इनामी आतंकी आरिज का शहर से कनेक्शन होने पर लोग हैरत में पड़ गए हैं।
दिल्ली स्पेशल सेल के डीसीपी प्रमोद कुमार कुशवाह के मुताबिक वर्ष 2008 में आतंकी जुनैद मुजफ्फरनगर के एक कॉलेज में इंजीनियर बनने की इच्छा लेकर दाखिल हुआ था, जिसने बीटेक में एडमिशन लिया था। प्रथम वर्ष उत्तीर्ण करने के बाद वह द्वितीय वर्ष में फेल हो गया।
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आतंकी ने वर्ष 2008-09 के अंतराल में यहां रहकर पढ़ाई की। हालांकि आतंकी जुनैद शहर में कहां और कितने दिन रहा, इसकी जांच-पड़ताल शुरू हो गई है। एक बार फिर जिले का आतंकी कनेक्शन सामने आने से सुरक्षा एजेंसियां भी सकते में हैं। कुशवाह के मुताबिक पढ़ाई में फेल होने के बाद आतंकी जुनैद राह से भटक गया।
आतंकी अब्दुल सुभान कुरैशी ने जुनैद का ब्रेनवॉश किया और उसे देशद्रोह के रास्ते पर ले गया। आतंकी सुभान ने जुनैद के साथ कई अन्य छात्रों को भी आतंक की राह से जोड़ा है। जांच एजेंसियां इसकी तस्दीक करने में लगी हैं कि यह युवक कहां के हैं और अब क्या कर रहे हैं। इस मामले का खुलासा होने के बाद जिला फिर से जांच एजेंसियों के रडार पर है।
पढ़ाई के दौरान जुनैद किस-किसके संपर्क में रहा, इसकी गोपनीय जांच शुरू हो गई है। हालांकि मुजफ्फरनगर के कॉलेज से उसका इंजीनियर बनने का ख्वाब तो अधूरा रह गया, मगर वह इंडियन मुजाहिदीन के संपर्क में आकर देश का गद्दार बन गया। स्थानीय स्तर भी खुफिया तंत्र जुनैद की यहां पर कुंडली खंगाल रहा है।
जुनैद ने अपने साथियों के साथ मिलकर देशभर में कई स्थानों पर विस्फोट किया था। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने भी वर्ष 2012 में देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने के आरोप में जुनैद और उसके साथी यासीन भटकल, रियाज भटकल पर केस दर्ज किया था। यह आतंकी गिरोह एनआईए के रडार पर है। जिले से इसके तार जुड़े होने पर एनआईए की टीम फिर से छापामारी कर सकती है।
2017 से लगातार आतंकी कनेक्शन
मुजफ्फरनगर। वर्ष 2017 से जनपद का लगातार आतंकी कनेक्शन मिल रहा है। अगस्त 2017 में बांग्लादेशी आतंकी अब्दुल्ला चरथावल के गांव कुटरेसा से पकड़ा था। अब्दुल्ला ने भी सरवट के महमूदिया मदरसा में रहकर शिक्षा ग्रहण की थी।
इसके अलावा कश्मीर पुलिस के हत्थे चढ़ा लश्कर-ए तैयबा का आतंकी संदीप शर्मा भी शहर के अंकित विहार कालोनी का रहने वाला था। हाल ही में जिले से आतंकी फंडिंग में नाम दो सराफा गिरफ्तार किए गए हैं। अंकित गर्ग और आदिश जैन दोनों सराफ लश्कर ए तैयबा के लिए हवाला कारोबार के जरिए आतंकी फंडिंग करते थे।
कॉलेज प्रबंधन ने किया इंकार
मुजफ्फरनगर। शहर के जिस कॉलेज में आतंकी के दो साल पढ़ाई करने की बात सामने आई है, उसके प्रबंधन से अमर उजाला बात की, तो उन्होंने ऐसी कोई जानकारी होने से इंकार कर दिया। उनका कहना है कि सरकारी एजेंसियां जो भी सहयोग मांगेंगी, उन्हें जानकारी दी जाएगी।
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यूपी के आजमगढ़ निवासी आईएम आतंकी आरिज खान उर्फ जुनैद को एटीएस ने 13 फरवरी को उत्तराखंड के बनबसा से गिरफ्तार किया था। जांच-पड़ताल के बाद कई और गहरी परतें खुलकर सामने आई हैं। 20 लाख के इनामी आतंकी आरिज का शहर से कनेक्शन होने पर लोग हैरत में पड़ गए हैं।
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दिल्ली स्पेशल सेल के डीसीपी प्रमोद कुमार कुशवाह के मुताबिक वर्ष 2008 में आतंकी जुनैद मुजफ्फरनगर के एक कॉलेज में इंजीनियर बनने की इच्छा लेकर दाखिल हुआ था, जिसने बीटेक में एडमिशन लिया था। प्रथम वर्ष उत्तीर्ण करने के बाद वह द्वितीय वर्ष में फेल हो गया।
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आतंकी ने वर्ष 2008-09 के अंतराल में यहां रहकर पढ़ाई की। हालांकि आतंकी जुनैद शहर में कहां और कितने दिन रहा, इसकी जांच-पड़ताल शुरू हो गई है। एक बार फिर जिले का आतंकी कनेक्शन सामने आने से सुरक्षा एजेंसियां भी सकते में हैं। कुशवाह के मुताबिक पढ़ाई में फेल होने के बाद आतंकी जुनैद राह से भटक गया।
आतंकी अब्दुल सुभान कुरैशी ने जुनैद का ब्रेनवॉश किया और उसे देशद्रोह के रास्ते पर ले गया। आतंकी सुभान ने जुनैद के साथ कई अन्य छात्रों को भी आतंक की राह से जोड़ा है। जांच एजेंसियां इसकी तस्दीक करने में लगी हैं कि यह युवक कहां के हैं और अब क्या कर रहे हैं। इस मामले का खुलासा होने के बाद जिला फिर से जांच एजेंसियों के रडार पर है।
पढ़ाई के दौरान जुनैद किस-किसके संपर्क में रहा, इसकी गोपनीय जांच शुरू हो गई है। हालांकि मुजफ्फरनगर के कॉलेज से उसका इंजीनियर बनने का ख्वाब तो अधूरा रह गया, मगर वह इंडियन मुजाहिदीन के संपर्क में आकर देश का गद्दार बन गया। स्थानीय स्तर भी खुफिया तंत्र जुनैद की यहां पर कुंडली खंगाल रहा है।
जुनैद ने अपने साथियों के साथ मिलकर देशभर में कई स्थानों पर विस्फोट किया था। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने भी वर्ष 2012 में देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने के आरोप में जुनैद और उसके साथी यासीन भटकल, रियाज भटकल पर केस दर्ज किया था। यह आतंकी गिरोह एनआईए के रडार पर है। जिले से इसके तार जुड़े होने पर एनआईए की टीम फिर से छापामारी कर सकती है।
2017 से लगातार आतंकी कनेक्शन
मुजफ्फरनगर। वर्ष 2017 से जनपद का लगातार आतंकी कनेक्शन मिल रहा है। अगस्त 2017 में बांग्लादेशी आतंकी अब्दुल्ला चरथावल के गांव कुटरेसा से पकड़ा था। अब्दुल्ला ने भी सरवट के महमूदिया मदरसा में रहकर शिक्षा ग्रहण की थी।
इसके अलावा कश्मीर पुलिस के हत्थे चढ़ा लश्कर-ए तैयबा का आतंकी संदीप शर्मा भी शहर के अंकित विहार कालोनी का रहने वाला था। हाल ही में जिले से आतंकी फंडिंग में नाम दो सराफा गिरफ्तार किए गए हैं। अंकित गर्ग और आदिश जैन दोनों सराफ लश्कर ए तैयबा के लिए हवाला कारोबार के जरिए आतंकी फंडिंग करते थे।
कॉलेज प्रबंधन ने किया इंकार
मुजफ्फरनगर। शहर के जिस कॉलेज में आतंकी के दो साल पढ़ाई करने की बात सामने आई है, उसके प्रबंधन से अमर उजाला बात की, तो उन्होंने ऐसी कोई जानकारी होने से इंकार कर दिया। उनका कहना है कि सरकारी एजेंसियां जो भी सहयोग मांगेंगी, उन्हें जानकारी दी जाएगी।