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मुहर्रम पर घरों में मजलिस कर रोए सोगवार
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घरों में मजलिस कर रोए सोगवार
मुजफ्फरनगर। कोरोना महामारी के चलते इस बार शहर के किसी भी इमाम बारगाह में मुहर्रम का जुलूस नहीं निकला। शिया समाज के लोगों ने अपने घरों में ही मजलिस की।
कोरोना महामारी ने बहुत से रीति रिवाज और धार्मिक परंपराओं के मिथक तोड़ दिए हैं। पहली बार ऐसा हुआ है कि मुहर्रम के जुलूस नहीं निकले हैं। घरों में ही मजलिस कर शिया सोगवार ने मातम किया। शहर में 14 इमामबारगाह हैं। इस बार किसी में भी आयोजन नहीं हुआ। कोरोना को लेकर बनाई गई गाइड लाइन का सभी धर्म और संप्रदाय के लोग पालन कर रहे हैं।
मीरापुर। कोरोना वायरस के चलते कस्बे व क्षेत्र में शिया सोगवारों ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मुहर्रम घरों पर ही मनाया। शासन ने कोविड-19 के चलते जुलूस निकालने पर प्रतिबंध लगाया हुआ था। इसके चलते लोगों ने घर पर ही रहकर योमे आशूरा मनाया। हैदर मेहंदी जैदी, नजीर हैदर जैदी, शबीह हैदर, मुजफ्फर, हसन हैदर और शमशुल हसन आदि ने घरों पर ही मातम किया। हालांकि ऐहतियातन शांति व्यवस्था के लिए सीओ जानसठ शकील अहमद और इंस्पेक्टर एचएन सिंह टीम के साथ लगातार गश्त पर रहे।
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राहगीरों को शरबत पिलाया
भोपा। गांव बेलड़ा में मुहर्रम पर शिया समुदाय के लोगों घरों पर रहकर मातम किया। इसके साथ ही छबील लगाकर राहगीरों को शरबत पिलाया गया। सलीम, शाहरुख, इंतजार, मुकर्रम अली, इमरान, फुरकान, अली जान, रिजवान आदि मौजूद रहे।
तितावी। थाना क्षेत्र के गांव बघरा, सैदपुरा खुर्द व बुड़ीना खुर्द में कोविड-19 के चलते शिया सोगवारों ने घरों में रहकर मातम किया। बघरा स्थित इमामबाड़ा में मौलाना सहित मात्र पांच लोग उपस्थित रहे। मौलाना अली नकी ने मजलिस को खिताब फरमाया। इमरान अली, जावेद राजा, कलवा हसन, सेदा हसन और सलामत अली मौजूद रहे।
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मुजफ्फरनगर। कोरोना महामारी के चलते इस बार शहर के किसी भी इमाम बारगाह में मुहर्रम का जुलूस नहीं निकला। शिया समाज के लोगों ने अपने घरों में ही मजलिस की।
कोरोना महामारी ने बहुत से रीति रिवाज और धार्मिक परंपराओं के मिथक तोड़ दिए हैं। पहली बार ऐसा हुआ है कि मुहर्रम के जुलूस नहीं निकले हैं। घरों में ही मजलिस कर शिया सोगवार ने मातम किया। शहर में 14 इमामबारगाह हैं। इस बार किसी में भी आयोजन नहीं हुआ। कोरोना को लेकर बनाई गई गाइड लाइन का सभी धर्म और संप्रदाय के लोग पालन कर रहे हैं।
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मीरापुर। कोरोना वायरस के चलते कस्बे व क्षेत्र में शिया सोगवारों ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मुहर्रम घरों पर ही मनाया। शासन ने कोविड-19 के चलते जुलूस निकालने पर प्रतिबंध लगाया हुआ था। इसके चलते लोगों ने घर पर ही रहकर योमे आशूरा मनाया। हैदर मेहंदी जैदी, नजीर हैदर जैदी, शबीह हैदर, मुजफ्फर, हसन हैदर और शमशुल हसन आदि ने घरों पर ही मातम किया। हालांकि ऐहतियातन शांति व्यवस्था के लिए सीओ जानसठ शकील अहमद और इंस्पेक्टर एचएन सिंह टीम के साथ लगातार गश्त पर रहे।
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राहगीरों को शरबत पिलाया
भोपा। गांव बेलड़ा में मुहर्रम पर शिया समुदाय के लोगों घरों पर रहकर मातम किया। इसके साथ ही छबील लगाकर राहगीरों को शरबत पिलाया गया। सलीम, शाहरुख, इंतजार, मुकर्रम अली, इमरान, फुरकान, अली जान, रिजवान आदि मौजूद रहे।
तितावी। थाना क्षेत्र के गांव बघरा, सैदपुरा खुर्द व बुड़ीना खुर्द में कोविड-19 के चलते शिया सोगवारों ने घरों में रहकर मातम किया। बघरा स्थित इमामबाड़ा में मौलाना सहित मात्र पांच लोग उपस्थित रहे। मौलाना अली नकी ने मजलिस को खिताब फरमाया। इमरान अली, जावेद राजा, कलवा हसन, सेदा हसन और सलामत अली मौजूद रहे।