{"_id":"603545378ebc3ee9237515b1","slug":"movement-till-black-laws-are-withdrawn-tomar-devband-news-mrt5268576192","type":"story","status":"publish","title_hn":"काले कानून वापस होने तक जारी रहेगा आंदोलन : तोमर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
काले कानून वापस होने तक जारी रहेगा आंदोलन : तोमर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
काले कानून वापस होने तक करेंगे आंदोलन : तोमर
देवबंद। तीनों कृषि कानूनों के विरोध में मंगलवार को भाकियू (तोमर) द्वारा किसान बचाओ खेती बचाओ महापंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें वक्ताओं ने तीनों कृषि कानून वापस होने तक आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया।
एसडीएम कार्यालय परिसर में महापंचायत में राष्ट्रीय अध्यक्ष संजीव तोमर ने कहा कि देश का किसान दुखी है। जिसके चलते व शोषण का शिकार हो रहा है। कानून लागू होते ही किसान अपनी मर्जी से खेती नहीं कर पाएगा, क्योंकि किसानों के साथ कारपोरेट घराने अपनी मर्जी के मुताबिक फसले बोने और खरीदने की बात करेंगे।
सरकारी मंडियां बंद होकर प्राइवेट मंडी खुल जाएंगी। संजीव तोमर ने कहा कि दिल्ली में किसान करीब तीन माह से आंदोलित है, लेकिन केंद्र सरकार किसानों की बात सुनने को तैयार नहीं हैं। इसके बाद भाकियू ने एसडीएम राकेश कुमार सिंह के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर तीनों कानूनों को तुरंत वापस लेने की मांग की। महापंचायत में प्रदेश प्रवक्ता चंद्रवीर सिंह, पश्चिम प्रदेश अध्यक्ष सुदेशपाल, मंडल प्रभारी अजय पुंडीर, जिलाध्यक्ष श्याम सिंह राणा, दीपक त्यागी, अनिल राणा, सोनू तेजियान, कलीम गौड, हाजी अब्बास समेत बड़ी संख्या में विभिन्न कानून से पहुंचे किसान मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
देवबंद। तीनों कृषि कानूनों के विरोध में मंगलवार को भाकियू (तोमर) द्वारा किसान बचाओ खेती बचाओ महापंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें वक्ताओं ने तीनों कृषि कानून वापस होने तक आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया।
एसडीएम कार्यालय परिसर में महापंचायत में राष्ट्रीय अध्यक्ष संजीव तोमर ने कहा कि देश का किसान दुखी है। जिसके चलते व शोषण का शिकार हो रहा है। कानून लागू होते ही किसान अपनी मर्जी से खेती नहीं कर पाएगा, क्योंकि किसानों के साथ कारपोरेट घराने अपनी मर्जी के मुताबिक फसले बोने और खरीदने की बात करेंगे।
विज्ञापन
सरकारी मंडियां बंद होकर प्राइवेट मंडी खुल जाएंगी। संजीव तोमर ने कहा कि दिल्ली में किसान करीब तीन माह से आंदोलित है, लेकिन केंद्र सरकार किसानों की बात सुनने को तैयार नहीं हैं। इसके बाद भाकियू ने एसडीएम राकेश कुमार सिंह के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर तीनों कानूनों को तुरंत वापस लेने की मांग की। महापंचायत में प्रदेश प्रवक्ता चंद्रवीर सिंह, पश्चिम प्रदेश अध्यक्ष सुदेशपाल, मंडल प्रभारी अजय पुंडीर, जिलाध्यक्ष श्याम सिंह राणा, दीपक त्यागी, अनिल राणा, सोनू तेजियान, कलीम गौड, हाजी अब्बास समेत बड़ी संख्या में विभिन्न कानून से पहुंचे किसान मौजूद रहे।
विज्ञापन