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विधायक ऊटवाल ने योगी को लिखा पत्र
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विधायक ऊटवाल ने सीएम को लिखा पत्र
मुजफ्फरनगर। पुरकाजी के भाजपा विधायक प्रमोद ऊटवाल ने सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर मृतक के परिजनों पर मुकदमे की घटना को जिले के इतिहास की शर्मनाक घटना बताया है। उन्होंने आरोपियों और दोषी अफसरों पर कार्रवाई की मांग की है।
पत्र में विधायक ने कहा कि जनपद के नई मंडी क्षेत्र के निवासी एनके गुप्ता का निधन कोविड हॉस्पिटल में हुआ है। हॉस्पिटल में 30 घंटे रहने का बिल 70 हजार रुपये वसूल किया गया, जिस पर परिजनों के द्वारा तर्क-वितर्क किया गया, तो स्वयं डॉक्टर के भाई ने मृतक के पुत्र व पौत्र अक्षत व अर्चित को पिस्टल दिखाई ही नहीं, बल्कि फायरिंग कर उन्हें डराने का प्रयास किया। संभवत: अपने जनपद का यह पहला शर्मनाक इतिहास बना है, जब लोगों को जीवन देने वाले डॉक्टर उपचार देने के बजाए पिस्टल चलाते देखे गए। ज्यादा अफसोस की बात यह है कि प्रशासन द्वारा डॉक्टर व डॉक्टर के भाई के विरुद्ध अभी तक कोई कार्यवाही न किये जाने के साथ-साथ पीड़ित पक्ष के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
पीड़ितों के खिलाफ दर्ज किया गया मुकदमा वापस हो तथा हॉस्पिटल संचालकों द्वारा चलाए गए शस्त्र के निरस्तीकरण की कार्यवाही की जाए, जिससे कि पीड़ितों को उचित न्याय मिल सके। उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले का स्वत: संज्ञान लेकर कार्रवाई की मांग की है।
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मुजफ्फरनगर। पुरकाजी के भाजपा विधायक प्रमोद ऊटवाल ने सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर मृतक के परिजनों पर मुकदमे की घटना को जिले के इतिहास की शर्मनाक घटना बताया है। उन्होंने आरोपियों और दोषी अफसरों पर कार्रवाई की मांग की है।
पत्र में विधायक ने कहा कि जनपद के नई मंडी क्षेत्र के निवासी एनके गुप्ता का निधन कोविड हॉस्पिटल में हुआ है। हॉस्पिटल में 30 घंटे रहने का बिल 70 हजार रुपये वसूल किया गया, जिस पर परिजनों के द्वारा तर्क-वितर्क किया गया, तो स्वयं डॉक्टर के भाई ने मृतक के पुत्र व पौत्र अक्षत व अर्चित को पिस्टल दिखाई ही नहीं, बल्कि फायरिंग कर उन्हें डराने का प्रयास किया। संभवत: अपने जनपद का यह पहला शर्मनाक इतिहास बना है, जब लोगों को जीवन देने वाले डॉक्टर उपचार देने के बजाए पिस्टल चलाते देखे गए। ज्यादा अफसोस की बात यह है कि प्रशासन द्वारा डॉक्टर व डॉक्टर के भाई के विरुद्ध अभी तक कोई कार्यवाही न किये जाने के साथ-साथ पीड़ित पक्ष के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
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पीड़ितों के खिलाफ दर्ज किया गया मुकदमा वापस हो तथा हॉस्पिटल संचालकों द्वारा चलाए गए शस्त्र के निरस्तीकरण की कार्यवाही की जाए, जिससे कि पीड़ितों को उचित न्याय मिल सके। उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले का स्वत: संज्ञान लेकर कार्रवाई की मांग की है।
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