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जातिवाद की राजनीति से देश का भला नहीं होगा : सत्यपाल    

Tue, 19 Sep 2017 12:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर Updated Tue, 19 Sep 2017 12:45 AM IST
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Minister of State Dr. Satyapal Singh
स्वीमी कल्याणदेव की प्रतिमा का अनावरण करते डॉ. सत्यपाल सिंह। - फोटो : अमर उजाला
केंद्रीय मानव संसाधन विकास, जल संसाधन नदी विकास एवं गंगा संरक्षण राज्यमंत्री सत्यपाल सिंह ने कहा कि जातिवाद की राजनीति से देश का भला नहीं होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राजनीति को अपराध, भ्रष्टाचार और जातिवाद से मुक्ति मिली है। वीतराग स्वामी कल्याणदेव के आदर्शों के अनुरूप मोदी सरकार शिक्षा को रोजगार और संस्कारपरक बना रही है।  
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सोमवार को बघरा स्थित स्वामी कल्याणदेव डिग्री कॉलेज में सोमवार को केंद्रीय राज्यमंत्री सत्यपाल सिंह ने भागवत पीठ शुकदेव आश्रम शुक्रताल के पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद सरस्वती के सानिध्य में शिक्षा ऋषि की प्रतिमा का अनावरण किया। इस दौरान आयोजित समारोह में केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री ने कहा कि भारत के नवनिर्माण के लिए जातिवाद, भ्रष्टाचार, अपराध और अंधविश्वास से मुक्त होना होगा।
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सबका साथ- सबका विकास के भाव से ही समाज में समानता आएगी। पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में बदलाव आ रहा है। वीतराग स्वामी कल्याणदेव ने नि:स्वार्थ समाजसेवा से इतिहास में अमरता हासिल की है। ग्रामीण अंचल में शिक्षा की ज्योति जलाकर उन्होंने अज्ञानता का अंधकार मिटाया है। संत तीन सदी के नहीं, बल्कि सदियों के दूरदृष्टा थे। केंद्र सरकार शिक्षा को रोजगार और संस्कारपरक बनाने के लिए संकल्पित है। 
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उन्होंने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए योग्यता के साथ संकल्प भी जरूरी है। सूरज की रोशनी को बादल ढक सकते हैं, मगर छिपा नहीं सकते। युवा अपनी क्षमता के अनुरूप अलग-अलग क्षेत्र में अपनी योग्यता सिद्ध करें। स्वास्थ्य और शिक्षा जीवन का निर्धारण करते हैं। भाग दौड़ की जिंदगी में यदि व्यायाम के लिए समय नहीं निकाला, तो डॉक्टरों को वक्त देना पड़ेगा। जीवन में विनम्रता और वाणी में सौम्यता आवश्यक है।  

स्वामी ओमानंद सरस्वती ने कहा कि गुरुदेव देश के मुकुट थे। उनकी निष्काम सेवा देश और समाज के लिए प्रेरणादायी है। दीन-दुखियों की सेवा और ग्रामोत्थान को ही महान संत ने प्रभु की पूजा माना था। स्वामी विवेकानंद से भेंट के बाद शिक्षा ऋषि ने किसानों, मजदूरों और झोपड़ी में रहने वाले गरीबों के लिए जीवन समर्पित कर दिया। लाखों बच्चों को शिक्षित बनाकर राष्ट्र की मुख्य धारा में ला दिया। संस्था सचिव देवराज पंवार एवं निदेशक विकास पंवार ने अतिथियों को पुष्प गुच्छ भेंट किए।

प्राचार्य डॉ सविता वशिष्ठ ने संस्था का परिचय दिया। संचालन वंदना राणा ने किया। कॉलेज की पत्रिका कल्याण किरण का विमोचन केंद्रीय राज्यमंत्री ने किया। इस दौरान वंदना वर्मा, राजीव प्रताप सैनी, नितिन मलिक, रामकुमार सहरावत, राजकुमार छाबड़ा, संजय अग्रवाल, जयदेव बालियान, विजय गुप्ता, विजय सिंह, होतीलाल शर्मा, जितेंद्र कुमार, सत्या वर्मा, लटूर सिंह मलिक, रमेश मलिक, सुरेंद्र शर्मा, नीरज गुप्ता आदि रहे। छात्राओं ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। मंत्र पाठ सुमन और अचल शास्त्री ने किया।    


युवाओं को नशे से दूर रहने  की नसीहत
बघरा। केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ सत्यपाल सिंह की बेबाकी पर हंसी के ठहाके भी लगे। उन्होंने युवाओं को शराब और नशे से दूर रहने की प्रेरणा दी। साथ ही कहा कि जब दारू अंदर जाती है, तो अक्ल बाहर आ जाती है। राज्यमंत्री ने कहा कि राजनीति में बेकारों को नमस्ते करनी पड़ती है। पुलिस सेवा और सियासत में फर्क है। तीस साल की सेवा में आईपीएस रहते जो सेल्यूट मिले, उन्हें राजनीति में आकर डेढ़ साल में ही लौटाना पड़ा। राजनीतिज्ञों को सहनशील, विनम्र होना जरूरी है।  
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