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हर-हर गंगे के जयकारों के बीच लगाई डुबकी
ब्यूरो, अमर उजाला/ मुजफ्फरनगर
Updated Sat, 04 Nov 2017 11:59 PM IST
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गंगा मेला
- फोटो : अमर उजाला
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मुजफ्फरनगर के मोरना के शुक्रताल कार्तिक मुख्य गंगा स्नान मेले में लाखों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य कमाया। भारी भीड़ के चलते नगर में कई बार जाम की स्थिति बनी रही। गंगा स्नान कर श्रद्धालुओं ने मंदिरों में प्रसाद चढ़ाकर साधु-संतों का आशीर्वाद लिया। विभिन्न स्थानों पर सामाजिक संगठनों और धर्म प्रेमियों ने नगर में आने वाले श्रद्धालुओं के बीच खिचड़ी के प्रसाद का वितरण किया।
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भागवत पीठ उद्गम स्थल के रूप में विख्यात तीर्थनगरी शुक्रताल में आयोजित गंगा कार्तिक मेले में पूर्णिमा का मुख्य स्नान के दिन हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, महाराष्ट्र, दिल्ली, चंडीगढ़ आदि समेत आसपास जनपदों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने हर-हर गंगे के जयकारों के बीच डुबकी लगाई। इसके बाद शुकदेव आश्रम के प्राचीन वटवृक्ष की परिक्रमा कर दीप-पूजा करते हुए मन्नत का धागा बांधकर मनौती मांगी। सप्तऋषि और भगवान श्रीकृष्ण की आराधना की। आश्रम के प्रांगण में शिक्षाऋषि ब्रह्मलीन स्वामी कल्याण देव की समाधि पर स्वामी अपने गुरु की प्रतिमा के सानिध्य में स्वामी ओमानंद महाराज ने श्रद्धालुओं को प्रसाद देकर आशीर्वाद दिया।
वहीं, दंडी आश्रम में स्वामी गुरुदत्त महाराज, हनुमान धाम में स्वामी केश्वानंद महाराज, गणेश धाम, शिवधाम, गुरुकुल आश्रम स्वामी आनंद वेश महाराज, महेश्वर आश्रम के स्वामी महादेव महाराज, पीतांबराधाम स्वामी अयोध्या महाराज, दुर्गाधाम, सच्चाधाम, मां पूर्णागिरि सिद्धपीठ के महामंलेश्वर स्वामी गोपालाचार्य महाराज, शनिधाम स्वामी उत्तम गिरि महराज, स्वामी पुरुषोत्तम महाराज, स्वामी महानंद महाराज, स्वामी गीतानंद गिरि, स्वामी भजनानंद महाराज, वेददास महाराज, सिद्धपीठ से योगनी माता राजनंदेश्वरी, साध्वी कांता, गौड़िया मठ, उदासीन आश्रम स्वामी कृपालदास महाराज आदि से आशीर्वाद लिया। आश्रमों में बनाई गई खिचड़ी का प्रसाद ग्रहण किया।
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वाटिका में तोड़फोड़, साधु-संतों में रोष
मोरना। शुक्रताल में पर्यटकों के आकर्षण केंद्र के चलते भारी आगमन होता है, जिसके चलते हनुमान पीठाधीश्वर स्वामी केश्वानंद महाराज ने धाम के पास गंगा किनारे ग्रह की दशा के लिए पेड़-पौधों की नक्षत्र वाटिका को लगाया हुआ है। रोजाना सैकड़ों श्रद्धालु घूमने के लिए आते हैं। कार्तिक गंगा मेले के आयोजन में अराजक तत्वों ने वाटिका के मुख्य द्वार पर खड़े द्वारपाल की प्रतिमा को तोड़कर गिरा दिया है। इसकी सूचना मिलते ही नगर के संतों में भारी रोष व्याप्त हो गया। उधर, महामंडलेश्वर गोपालाचार्य महाराज ने कहा कि यह कृत्य घोर निंदनीय है। वहीं, ग्राम प्रधान सुशील शर्मा ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है, जिस पर कानूनी कार्रवाई को नगर का एक प्रतिनिधिमंडल पुलिस प्रशासन से मिलकर कार्रवाई की मांग करेगा।
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