{"_id":"6ac000309bb2118c330ca0a6","slug":"milan-kendras-community-hubs-to-be-set-up-in-four-villages-that-extended-a-helping-hand-dhami-muzaffarnagar-news-c-29-1-mng1005-182143-2026-10-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"मदद के लिए हाथ बढ़ाने वाले चार गांव में बनेंगे मिलन केंद्र : धामी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मदद के लिए हाथ बढ़ाने वाले चार गांव में बनेंगे मिलन केंद्र : धामी
विज्ञापन
रामपुर तिराहा स्थित शहीद स्थल पर श्रद्धांजलि देते उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी। स्
मुजफ्फरनगर। रामपुर तिराहा कांड की 32वीं बरसी पर आंदोलनकारियों को श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। मुश्किल रात में आंदोलनकारियों के लिए मददगार बने जिले के गांव रामपुर, सिसौना, बागोवाली और मेघपुर में उत्तराखंड सरकार ने मिलन केंद्र बनवाने का एलान किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इन केंद्रों पर दोनों राज्यों के लोग ठहर सकेंगे। शहीदों के घरों के पास भी उनकी प्रतिमाएं लगेंगी। उत्तराखंड के 1847 शहीद सैनिकों की याद में स्मारक उनके गांव के समीप बनेगा।
पृथक राज्य आंदोलन के दौरान हुए रामपुर तिराहा कांड की 32वीं बरसी पर रामपुर तिराहा स्थित स्मारक स्थल पर पहुंचे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री और आंदोलनकारियों को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
सभा में उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों ने भी राष्ट्रपिता और पूर्व प्रधानमंत्री के दिखाए मार्ग पर चलकर राज्य गठन की लड़ाई शुरू की थी।
उस रात तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की सरकार में निहत्थे आंदोलनकारियों पर पुलिस ने गोली चलाई। महिलाओं की अस्मत के साथ खिलवाड़ किया गया। सपा सरकार ने जो बर्बरता दिखाई वह स्वाधीन भारत के इतिहास का काला अध्याय बन गया।
विज्ञापन
उन्होंने राज्य अतिथि गृह के उच्चीकरण और स्मारक में लाइब्रेरी स्थापना सहित संग्रहालय के विकास की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि शहीद स्थल का भी विस्तारीकरण किया जाएगा। आंदोलनकारियों को जो मदद की गई थी, उसे कभी नहीं भुलाया जा सकेगा। उत्तराखंड को आंदोलनकारियों के सपनों और देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाया जाएगा।
-- -- -- -- --
शहीद आंदोलनकारियों की प्रतिमा स्थल का शिलान्यास
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड आंदोलन में शहीद हुए राजेश नेगी, गिरीश भद्री, सत्येंद्र सिंह चौहान, रविंद्र रावत चौहान, अशोक कुमार केशव, राजेश लखेरा और सूर्य प्रकाश थपलियाल की प्रतिमा स्थल का भी शिलान्यास किया। प्रतिमा स्थल के लिए 27.29 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई।
रुड़की और हरिद्वार तक जाए आरआरटीएस : अग्रवाल
फोटो
कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने मांग उठाई कि आरआरटीएस रुड़की और हरिद्वार तक जाए। जिससे यह मुजफ्फरनगर से जुड़ जाएगा। उन्होंने कहा कि एमडीए ने आरआरटीएस की डीपीआर तैयार करने के लिए पैसों की स्वीकृति दे दी है। एमएलसी वंदना वर्मा, पूर्व विधायक अशोक कंसल, पूर्व विधायक उमेश मलिक, नितिन मलिक, जगदीश पांचाल, मामेश ठाकुर, सत्यप्रकाश रेशू शामिल रहे।
-- -
हरिद्वार तक जाएगा गंगा एक्सप्रेस वे, आरआरटीएस पर मंथन
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि गंगा एक्सप्रेस वे हरिद्वार तक जाएगा, क्योंकि हरिद्वार में गंगा के बिना एक्सप्रेसवे का कोई मतलब नहीं रह जाता। आरआरटीएस पर भी कार्रवाई शुरू होने की बात कही है। जिसके मुजफ्फरनगर से होते हुए रुड़की, हरिद्वार तक विस्तार किए जाने का समर्थन किया।
-- -
उत्तराखंड बन चुका, अब करनी है संस्कृति की रक्षा: मधु भट्ट
फोटो
मुजफ्फरनगर। रामपुर तिराहा शहीद स्थल पर श्रद्धांजलि सभा में संस्कृति साहित्य एवं कला परिषद उपाध्यक्ष मधु भट्ट ने कहा कि उत्तराखंड बन चुका है। अब उसकी संस्कृति की रक्षा करनी है। पुलिस-प्रशासन ने आंदोलनकारियों का जो दमन किया, वह दृश्य याद कर रूह कांप उठती है।
स्मारक स्थल पर सभा में उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी सम्मान परिषद उपाध्यक्ष सुभाष बड़थ्वाल ने कहा कि आंदोलनकारियों के बलिदान से उत्तराखंड का निर्माण हुआ। 50 से अधिक साथी आंदोलन में शहीद हुए। आंदोलनकारियों ने सीने पर गोली और शरीर पर लाठियां खाई और अन्य किसी को खरोंच तक नहीं आने दी।
पूर्व विधायक देशराज कर्णवाल ने कहा कि जिस तरह आंदोलन को कुचला गया। आंदोलनकारी महिलाओं के साथ ज्यादती हुई उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।
उत्तराखंड राज्य आंदोलन संघर्ष समिति केंद्रीय अध्यक्ष हर्ष प्रकाश काला, हरिद्वार के जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, सहकारी बैंक अध्यक्ष सुशील राठी, नरेंद्र सिंह नेगी, ओमप्रकाश जमदग्नि शामिल रहे।
-- --
शहीद स्थल भावनात्मक रूप से दिल के करीब
मुजफ्फरनगर। शहीद स्थल के लिए भूमि दानदाता परिवार के पप्पू शर्मा और शुभम शर्मा ने परिवार के सदस्यों के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि शहीद स्थल भावनात्मक रूप से उनके दिल के करीब है। उनके पिता पं. महावीर शर्मा ने इसे शहीदों के तीर्थ के रूप में संवारा।
विज्ञापन
पृथक राज्य आंदोलन के दौरान हुए रामपुर तिराहा कांड की 32वीं बरसी पर रामपुर तिराहा स्थित स्मारक स्थल पर पहुंचे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री और आंदोलनकारियों को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
विज्ञापन
सभा में उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों ने भी राष्ट्रपिता और पूर्व प्रधानमंत्री के दिखाए मार्ग पर चलकर राज्य गठन की लड़ाई शुरू की थी।
उस रात तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की सरकार में निहत्थे आंदोलनकारियों पर पुलिस ने गोली चलाई। महिलाओं की अस्मत के साथ खिलवाड़ किया गया। सपा सरकार ने जो बर्बरता दिखाई वह स्वाधीन भारत के इतिहास का काला अध्याय बन गया।
विज्ञापन
उन्होंने राज्य अतिथि गृह के उच्चीकरण और स्मारक में लाइब्रेरी स्थापना सहित संग्रहालय के विकास की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि शहीद स्थल का भी विस्तारीकरण किया जाएगा। आंदोलनकारियों को जो मदद की गई थी, उसे कभी नहीं भुलाया जा सकेगा। उत्तराखंड को आंदोलनकारियों के सपनों और देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाया जाएगा।
शहीद आंदोलनकारियों की प्रतिमा स्थल का शिलान्यास
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड आंदोलन में शहीद हुए राजेश नेगी, गिरीश भद्री, सत्येंद्र सिंह चौहान, रविंद्र रावत चौहान, अशोक कुमार केशव, राजेश लखेरा और सूर्य प्रकाश थपलियाल की प्रतिमा स्थल का भी शिलान्यास किया। प्रतिमा स्थल के लिए 27.29 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई।
रुड़की और हरिद्वार तक जाए आरआरटीएस : अग्रवाल
फोटो
कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने मांग उठाई कि आरआरटीएस रुड़की और हरिद्वार तक जाए। जिससे यह मुजफ्फरनगर से जुड़ जाएगा। उन्होंने कहा कि एमडीए ने आरआरटीएस की डीपीआर तैयार करने के लिए पैसों की स्वीकृति दे दी है। एमएलसी वंदना वर्मा, पूर्व विधायक अशोक कंसल, पूर्व विधायक उमेश मलिक, नितिन मलिक, जगदीश पांचाल, मामेश ठाकुर, सत्यप्रकाश रेशू शामिल रहे।
हरिद्वार तक जाएगा गंगा एक्सप्रेस वे, आरआरटीएस पर मंथन
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि गंगा एक्सप्रेस वे हरिद्वार तक जाएगा, क्योंकि हरिद्वार में गंगा के बिना एक्सप्रेसवे का कोई मतलब नहीं रह जाता। आरआरटीएस पर भी कार्रवाई शुरू होने की बात कही है। जिसके मुजफ्फरनगर से होते हुए रुड़की, हरिद्वार तक विस्तार किए जाने का समर्थन किया।
उत्तराखंड बन चुका, अब करनी है संस्कृति की रक्षा: मधु भट्ट
फोटो
मुजफ्फरनगर। रामपुर तिराहा शहीद स्थल पर श्रद्धांजलि सभा में संस्कृति साहित्य एवं कला परिषद उपाध्यक्ष मधु भट्ट ने कहा कि उत्तराखंड बन चुका है। अब उसकी संस्कृति की रक्षा करनी है। पुलिस-प्रशासन ने आंदोलनकारियों का जो दमन किया, वह दृश्य याद कर रूह कांप उठती है।
स्मारक स्थल पर सभा में उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी सम्मान परिषद उपाध्यक्ष सुभाष बड़थ्वाल ने कहा कि आंदोलनकारियों के बलिदान से उत्तराखंड का निर्माण हुआ। 50 से अधिक साथी आंदोलन में शहीद हुए। आंदोलनकारियों ने सीने पर गोली और शरीर पर लाठियां खाई और अन्य किसी को खरोंच तक नहीं आने दी।
पूर्व विधायक देशराज कर्णवाल ने कहा कि जिस तरह आंदोलन को कुचला गया। आंदोलनकारी महिलाओं के साथ ज्यादती हुई उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।
उत्तराखंड राज्य आंदोलन संघर्ष समिति केंद्रीय अध्यक्ष हर्ष प्रकाश काला, हरिद्वार के जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, सहकारी बैंक अध्यक्ष सुशील राठी, नरेंद्र सिंह नेगी, ओमप्रकाश जमदग्नि शामिल रहे।
शहीद स्थल भावनात्मक रूप से दिल के करीब
मुजफ्फरनगर। शहीद स्थल के लिए भूमि दानदाता परिवार के पप्पू शर्मा और शुभम शर्मा ने परिवार के सदस्यों के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि शहीद स्थल भावनात्मक रूप से उनके दिल के करीब है। उनके पिता पं. महावीर शर्मा ने इसे शहीदों के तीर्थ के रूप में संवारा।