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भाकियू तोमर का तहसील में धरना, प्रदर्शन
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मुजफ्फरनगर। किसानों की समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन तोमर ने सदर तहसील पर धरना प्रदर्शन किया। बाद में समस्याओं के निदान की मांग को लेकर पीएम के नाम एसडीएम को ज्ञापन दिया गया।
भाकियू तोमर के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को सदर तहसील पर धरना प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष अखिलेश चौधरी ने कहा कि सरकार ने तीन काले कानून पारित किए हैं, ये किसान हित में नहीं है। सरकार इन्हें वापस ले। गन्ने का बकाया भुगतान जल्द से जल्द मय ब्याज सहित कराया जाए। उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल भाव आए दिन बढ़ रहे हैं, उन पर रोक लगाई जाए। प्रदेश महासचिव साजिद अली ने कहा कि जनपद में बिजली विभाग द्वारा किसान और आम जनता का शोषण किया जा रहा है। उस पर तुरंत रोक लगाई जाए। अभी पूरे देश और प्रदेश में कोविड-19 के चलते जिन लोगों की जान गई है, उनके परिजनों को 25-25 लाख का मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि छह माह किसान आंदोलन को हो गए हैं, लेकिन सरकार तानाशाही के चलते पीछे हटने को तैयार नहीं हैं, मगर जब तक सरकार काले कानून वापस नहीं लेगी धरना, प्रदर्शन, आंदोलन चलते रहेंगे। इस दौरान हाजी शान मोहम्मद, अंकित गुर्जर, वाजिद अली, समर सिंह, निखिल चौधरी, सुमित पचेंडा, कलीम, मोनू आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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भाकियू तोमर के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को सदर तहसील पर धरना प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष अखिलेश चौधरी ने कहा कि सरकार ने तीन काले कानून पारित किए हैं, ये किसान हित में नहीं है। सरकार इन्हें वापस ले। गन्ने का बकाया भुगतान जल्द से जल्द मय ब्याज सहित कराया जाए। उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल भाव आए दिन बढ़ रहे हैं, उन पर रोक लगाई जाए। प्रदेश महासचिव साजिद अली ने कहा कि जनपद में बिजली विभाग द्वारा किसान और आम जनता का शोषण किया जा रहा है। उस पर तुरंत रोक लगाई जाए। अभी पूरे देश और प्रदेश में कोविड-19 के चलते जिन लोगों की जान गई है, उनके परिजनों को 25-25 लाख का मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि छह माह किसान आंदोलन को हो गए हैं, लेकिन सरकार तानाशाही के चलते पीछे हटने को तैयार नहीं हैं, मगर जब तक सरकार काले कानून वापस नहीं लेगी धरना, प्रदर्शन, आंदोलन चलते रहेंगे। इस दौरान हाजी शान मोहम्मद, अंकित गुर्जर, वाजिद अली, समर सिंह, निखिल चौधरी, सुमित पचेंडा, कलीम, मोनू आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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