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‘बेटियों को सुरक्षा और सम्मान का माहौल दे’
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नई मंडी आर्य समाज में वानप्रस्थी शकुंतला देवी को सम्मानित करते अतिथि।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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‘बेटियों को सुरक्षा और सम्मान का माहौल दें’
मुजफ्फरनगर। आर्य समाज नई मंडी में आयोजित मातृशक्ति सम्मेलन में अंधविश्वास, पाखंड और कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने का आह्वान किया गया। वैदिक संस्कृति की सेवा को हरिद्वार से पधारी वानप्रस्थी शकुंतला देवी का आचार्य गुरुदत्त आर्य ने अभिनंदन किया।
नई मंडी में दयानंद मार्ग स्थित आर्य समाज मंदिर में आयोजित मातृशक्ति सम्मेलन में विदुषी शकुंतला देवी ने कहा कि महिलाएं जागरूकता के साथ धार्मिक पाखंड, ढोंग, अंधविश्वास से बचे। बेटियों को उच्च शिक्षित करें, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सके। वानप्रस्थी शांति देवी आर्या ने कहा कि वैदिक संस्कृति और संस्कारों से ही नारी की गरिमा बढ़ेगी। शोभा शास्त्री ने कहा कि परिवार, समाज और राष्ट्र के निर्माण में महिलाओं के त्याग, संघर्ष, बलिदान की अहम भूमिका है। प्रियंवदा त्यागी ने कहा कि बेटियों की सुरक्षा तथा सम्मान का माहौल बनाएं। अध्यक्षता करते हुए वैदिक संस्कार चेतना अभियान संयोजक आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि अनुशासन, मर्यादा, नैतिकता और आदर्शों के अनुकरण से ही मातृशक्ति को वेदों में उच्च स्थान दिया गया है। बेटियों को संस्कारित समाज देना सभी का कर्तव्य है। आनंदपाल सिंह आर्य, सोहनवीरी, मंगत सिंह आर्य, आर.पी. शर्मा, वीरेंद्र आर्य, राजेंद्र सिंह आर्य, अंजू आर्य, करण सिंह इंजीनियर, सोमपाल आर्य, खुशी आर्या आदि मौजूद रहे। उधर, शामली रोड स्थित विनोद आर्या के आवास पर आयोजित तीन दिवसीय सामवेद यज्ञ में ब्रहमचारी आत्मदेव चैतन्य ने यज्ञ की महिमा बताई।
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मुजफ्फरनगर। आर्य समाज नई मंडी में आयोजित मातृशक्ति सम्मेलन में अंधविश्वास, पाखंड और कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने का आह्वान किया गया। वैदिक संस्कृति की सेवा को हरिद्वार से पधारी वानप्रस्थी शकुंतला देवी का आचार्य गुरुदत्त आर्य ने अभिनंदन किया।
नई मंडी में दयानंद मार्ग स्थित आर्य समाज मंदिर में आयोजित मातृशक्ति सम्मेलन में विदुषी शकुंतला देवी ने कहा कि महिलाएं जागरूकता के साथ धार्मिक पाखंड, ढोंग, अंधविश्वास से बचे। बेटियों को उच्च शिक्षित करें, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सके। वानप्रस्थी शांति देवी आर्या ने कहा कि वैदिक संस्कृति और संस्कारों से ही नारी की गरिमा बढ़ेगी। शोभा शास्त्री ने कहा कि परिवार, समाज और राष्ट्र के निर्माण में महिलाओं के त्याग, संघर्ष, बलिदान की अहम भूमिका है। प्रियंवदा त्यागी ने कहा कि बेटियों की सुरक्षा तथा सम्मान का माहौल बनाएं। अध्यक्षता करते हुए वैदिक संस्कार चेतना अभियान संयोजक आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि अनुशासन, मर्यादा, नैतिकता और आदर्शों के अनुकरण से ही मातृशक्ति को वेदों में उच्च स्थान दिया गया है। बेटियों को संस्कारित समाज देना सभी का कर्तव्य है। आनंदपाल सिंह आर्य, सोहनवीरी, मंगत सिंह आर्य, आर.पी. शर्मा, वीरेंद्र आर्य, राजेंद्र सिंह आर्य, अंजू आर्य, करण सिंह इंजीनियर, सोमपाल आर्य, खुशी आर्या आदि मौजूद रहे। उधर, शामली रोड स्थित विनोद आर्या के आवास पर आयोजित तीन दिवसीय सामवेद यज्ञ में ब्रहमचारी आत्मदेव चैतन्य ने यज्ञ की महिमा बताई।
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