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UP: नकली शैक्षिक प्रमाण पत्र बनवाने का मामला, हत्थे चढ़ा मास्टरमाइंड, सामने आए कई बड़े राज

Mon, 09 Oct 2023 05:44 PM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Mon, 09 Oct 2023 05:44 PM IST
सार

Muzaffarnagar News : रहीम ने पूछताछ में बताया कि वह एक मेडिकल स्टोर पर काम करता है। उसने ग्रेजुएशन तक शिक्षा प्राप्त की है। उसने फेसबुक पर विज्ञापन देखा, जिसमें कक्षा दस व बारह पास करने का आसान तरीका लिखते हुए एक मोबाइल नंबर भी लिखा था। यह नंबर प्रयागराज निवासी इस गिरोह के मुख्य आरोपी राकेश का था।

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Mastermind of making fake educational certificate arrested
फर्जी प्रमाण पत्र बनवाने के मामले में मास्टरमाइंड गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुजफ्फरनगर में नकली शैक्षिक प्रमाण पत्र बनवाने के मामले के मास्टर माइंड थानाभवन के गांव सोहजनी निवासी रहमान उर्फ रहीम को गिरफ्तार कर लिया गया। रहीम ही यहां कार्यालय खोल कर बैठे युवकों से पैसे व नाम पता लेकर प्रयागराज में बैठे मुख्य आरोपी राकेश को भेजता था। राकेश अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए एक टीम अभी प्रयागराज में डेरा डाले हुए है।

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तीन दिन पहले शहर कोतवाली पुलिस ने नगर के यूनिक प्लाजा में न्यू एजूकेशन के नाम से चलाए जा रहे कार्यालय पर छापा मार कर वहां से काफी संख्या में नकली कक्षा दस व बारह की मार्कशीट, शैक्षिक प्रमाण पत्र बरामद किए थे।

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लद्धावाला निवासी हासिन व रहमतनगर निवासी शादाब को गिरफ्तार किया था। पुलिस को उनके दो साथियों उप्र राज्य मुक्त विद्यालय परिषद का एक कथित कर्मचारी शांतिपुरम प्रयागराज निवासी राकेश कुमार व थानाभवन के सोहजनी निवासी अब्दुल रहीम उर्फ रहमान की तलाश थी। सूचना के आधार पर दोनों को पकड़ने के लिए पुलिस की दो टीम प्रयागराज में डेरा डाले हुए थी। सर्विलांस की मदद से पुलिस ने रहीम को बामनहेड़ी पुल के पास से गिरफ्तार कर लिया।

फेसबुक से बढ़े संपर्क
पुलिस को रहीम ने पूछताछ में बताया कि वह थानाभवन क्षेत्र में एक मेडिकल स्टोर पर काम करता है। उसने ग्रेजुएशन तक शिक्षा प्राप्त की है। उसने फेसबुक पर विज्ञापन देखा, जिसमें कक्षा दस व बारह पास करने का आसान तरीका लिखते हुए एक मोबाइल नंबर भी लिखा था। यह नंबर प्रयागराज निवासी इस गिरोह के मुख्य आरोपी राकेश का था। राकेश के संपर्क में आने के बाद वह यूनिक प्लाजा में कार्यालय चलाने वाले हासिन व शादाब के संपर्क में आया।

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इसके बाद हासिन आदि से पैसे लेकर वह राकेश तक पैसे व डाटा भेजता था। राकेश प्रमाण पत्र भेज देता था, जो उनकी बनाई उप्र राज्य मुक्त विद्यालय परिषद की वेबसाइड पर अपलोड होती थी। पुलिस के अनुसार, रहीम पिछले एक साल में कई युवकों को नकली शैक्षिक प्रमाण पत्र दिला चुका है।

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इन्होंने कहा...
इस मामले में अभी प्रयागराज निवासी राकेश की तलाश है, उसे भी जल्द पकड़ लिया जाएगा। - सत्य नारायण प्रजापत, एसपी सिटी

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