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प्रशासन की बड़ी चूक, जिले पर पड़ सकती है भारी
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खतौली में मिले कोरोना पॉजिटिव परिजनों को लेकर जाती स्वास्थ्य विभाग की टीम।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
प्रशासन की बड़ी चूक जिले पर पड़ सकती है भारी
मुजफ्फरनगर। कोरोना को लेकर जिला प्रशासन की चूक भारी पड़ सकती है। खतौली में क्वारंटीन किए गए एक व्यक्ति की मौत के बाद भी उसका सैंपल नहीं लिया गया। इस व्यक्ति के परिवार के तीन परिजन पॉजिटिव मिले हैं। पुरकाजी में हॉट स्पॉट के ही एक दुकानदार को दुकान खोलने और दूध सप्लाई के लिए पास जारी कर दिया गया। यह दुकानदार भी पॉजिटिव मिला है। शिकायत के बाद भी इसका पास निरस्त नहीं किया गया।
मंगलवार को कोरोना के जो दस मामले सामने आए हैं, इन्होंने पूरे सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर दिया है। खतौली में एक ही परिवार के तीन परिजन पॉजिटिव मिले हैं, इनमें एक महिला और दो बच्चे शामिल हैं। इस परिवार के एक सदस्य की होम क्वारंटीन के दौरान 14 अप्रैल को मौत हुई थी। शव दफना दिया गया, प्रशासन ने मौत का कारण सामान्य बीमारी बताकर पल्ला झाड लिया, जो पॉजिटिव आए, उनमें उसकी मॉ और दो मासूम बच्चे शामिल हैं। यदि मृतक का सैंपल ले लिया जाता तो परिवार मुसीबत में आने से बच सकता था। प्रशासन ने दूसरी बड़ी चूक पुरकाजी में की है। हॉट स्पॉट के जिस परिवार को होम क्वारंटीन किया गया था, नगर पंचायत ने दुकान खोलने के लिए उसी के सदस्य को पास जारी कर दिया। यहां के भाजपा कार्यकर्ताओं ने इसकी शिकायत भाजपा जिला महामंत्री रोहिल वाल्मीकि से की थी। ईओ को सीधे फोन करने के बाद पास निरस्त कर दिया गया, लेकिन अफसरों के दबाव के चलते अगले ही दिन पास फिर दे दिया गया। यह व्यक्ति अपनी किराने की दुकान खोलने के साथ पूरी कालोनी में दूध सप्लाई कर रहा था। मंगलवार की सुबह तक उसने अपना काम किया। यह व्यक्ति भी कोरोना पॉजिटिव निकला है। अब इससे कितने संक्रमित हुए होंगे, यह तो जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पता लगेगा, लेकिन प्रशासन की इससे बड़ी चूक कुछ नहीं हो सकती। प्रशासन की ये चूक जिले की जनता पर भारी पड़ सकती है।
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मुजफ्फरनगर। कोरोना को लेकर जिला प्रशासन की चूक भारी पड़ सकती है। खतौली में क्वारंटीन किए गए एक व्यक्ति की मौत के बाद भी उसका सैंपल नहीं लिया गया। इस व्यक्ति के परिवार के तीन परिजन पॉजिटिव मिले हैं। पुरकाजी में हॉट स्पॉट के ही एक दुकानदार को दुकान खोलने और दूध सप्लाई के लिए पास जारी कर दिया गया। यह दुकानदार भी पॉजिटिव मिला है। शिकायत के बाद भी इसका पास निरस्त नहीं किया गया।
मंगलवार को कोरोना के जो दस मामले सामने आए हैं, इन्होंने पूरे सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर दिया है। खतौली में एक ही परिवार के तीन परिजन पॉजिटिव मिले हैं, इनमें एक महिला और दो बच्चे शामिल हैं। इस परिवार के एक सदस्य की होम क्वारंटीन के दौरान 14 अप्रैल को मौत हुई थी। शव दफना दिया गया, प्रशासन ने मौत का कारण सामान्य बीमारी बताकर पल्ला झाड लिया, जो पॉजिटिव आए, उनमें उसकी मॉ और दो मासूम बच्चे शामिल हैं। यदि मृतक का सैंपल ले लिया जाता तो परिवार मुसीबत में आने से बच सकता था। प्रशासन ने दूसरी बड़ी चूक पुरकाजी में की है। हॉट स्पॉट के जिस परिवार को होम क्वारंटीन किया गया था, नगर पंचायत ने दुकान खोलने के लिए उसी के सदस्य को पास जारी कर दिया। यहां के भाजपा कार्यकर्ताओं ने इसकी शिकायत भाजपा जिला महामंत्री रोहिल वाल्मीकि से की थी। ईओ को सीधे फोन करने के बाद पास निरस्त कर दिया गया, लेकिन अफसरों के दबाव के चलते अगले ही दिन पास फिर दे दिया गया। यह व्यक्ति अपनी किराने की दुकान खोलने के साथ पूरी कालोनी में दूध सप्लाई कर रहा था। मंगलवार की सुबह तक उसने अपना काम किया। यह व्यक्ति भी कोरोना पॉजिटिव निकला है। अब इससे कितने संक्रमित हुए होंगे, यह तो जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पता लगेगा, लेकिन प्रशासन की इससे बड़ी चूक कुछ नहीं हो सकती। प्रशासन की ये चूक जिले की जनता पर भारी पड़ सकती है।
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