देवबंद (सहारनपुर)। मदरसा जामिया इस्लामिया अख्तरुल मदारिस के नए भवन की आधारशिला उलमा के हाथों रखी गई। इस अवसर पर उलमा ने दीनी इदारों को इस्लाम के मजबूत किले बताया तथा इस्लामी तालीम पर विस्तार से रोशनी डाली।
मंगलवार को खजूरी रोड पर हुए कार्यक्रम में दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना अबुल कासिम नोमानी बनारसी, जमीयत उलमा-ए-हिंद राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी व दारुल उलूम की मजलिस-ए-शूरा के सदस्य मौलाना सैयद अंजर हुसैन मियां साहब ने संयुक्त रुप से मदरसे की आधारशिला रखी। इस अवसर पर उलमा ने कहा कि मदरसे इस्लाम की बुनियाद है। मदरसों से निकलने वाले छात्र देश व दुनिया में दीन व इस्लाम की रोशनी फैलाने का काम कर रहे हैं। इस मौके पर मदरसे के मोहतमिम मुफ्ती सैयद मोहम्मद ताहिर मियां ने मदरसे की शिक्षा व्यवस्था व कार्यों पर प्रकाश डाला। इसमें मौलाना सैयद अली असगर मियां, डॉ. जमील, मुस्लिम फंड ट्रस्ट के प्रबंधक सुहैल सिद्दीकी, मौलाना इब्राहीम कासमी, मौलाना शाहिद, मौलाना जुलफिक्कार कासमी, मौलाना यूसुफ, मौलाना इमरान, हाफिज मसूद आदि मौजूद रहे।