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Muzaffarnagar News: मुजफ्फरनगर - पांच साल के भतीजे की हत्या में दोषी चाचा को उम्रकैद
Fri, 02 Feb 2024 10:52 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
Updated Fri, 02 Feb 2024 10:52 PM IST
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- भौराकलां गांव में साल 2011 में अंजाम दी गई थी जघन्य वारदात
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। भौराकलां गांव में अमरूद दिलाने के बहाने पांच साल के भतीजे की ईंटों से कूचकर हत्या के मामले में दोषी चाचा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। जिला जज विनय कुमार द्विवेदी ने फैसला सुनाया।
शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजीव शर्मा ने बताया कि भौराकलां निवासी दीपक कुमार के पांच साल के बेटे संदेश उर्फ काला को एक सितंबर 2011 की शाम साढ़े पांच बजे उसका चाचा अजय कुमार अमरूद दिलाने के बहाने घर से ले गया था। शाम सात बजे तक भी काला घर नहीं लौटा तो परिजनों ने तलाश शुरू कर दी। इस दौरान परिवार ने अजय से भी पूछा, लेकिन उसने कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। तलाशी के दौरान परिजन अमरूद के बाग में बने मकान में पहुंचे तो काला का शव बरामद हुआ।
ईंटों से कूचकर उसकी हत्या की गई थी। बालक के पिता ने आरोपी अजय कुमार के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर वारदात का खुलासा कर दिया था। प्रकरण की सुनवाई जिला जज की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों के आधार पर दोष सिद्ध हुआ। दोषी अजय को भतीजे की हत्या में आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। धारा 201 में तीन साल कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
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भाई से चला आ रहा था विवाद
दोषी अजय कुमार का अपने भाई दीपक से विवाद चला आ रहा था। भाई से बदला लेने के लिए दोषी ने अपने भतीजे की हत्या कर दी। दीपक की पत्नी आरती ने अपने बेटे को अजय के साथ जाते हुए देख लिया था। इसी वजह से परिवार ने पूछताछ की थी।
बचाव पक्ष के तर्क अदालत में खारिज
अदालत में बचाव पक्ष ने कहा कि वारदात के दिन आरोपी अजय कुमार ने शराब पी रखी थी। अदालत ने बचाव पक्ष के तर्क खारिज कर दिए। अभियोजन का कहना था कि अगर आरोपी नशे में था तो विवाद के कारण उसका निशाना अपना भाई दीपक और भाभी आरती होना चाहिए था। लेकिन आरोपी ने साजिश के तहत पांच साल के मासूम को निशाना बनाया।
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अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। भौराकलां गांव में अमरूद दिलाने के बहाने पांच साल के भतीजे की ईंटों से कूचकर हत्या के मामले में दोषी चाचा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। जिला जज विनय कुमार द्विवेदी ने फैसला सुनाया।
शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजीव शर्मा ने बताया कि भौराकलां निवासी दीपक कुमार के पांच साल के बेटे संदेश उर्फ काला को एक सितंबर 2011 की शाम साढ़े पांच बजे उसका चाचा अजय कुमार अमरूद दिलाने के बहाने घर से ले गया था। शाम सात बजे तक भी काला घर नहीं लौटा तो परिजनों ने तलाश शुरू कर दी। इस दौरान परिवार ने अजय से भी पूछा, लेकिन उसने कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। तलाशी के दौरान परिजन अमरूद के बाग में बने मकान में पहुंचे तो काला का शव बरामद हुआ।
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ईंटों से कूचकर उसकी हत्या की गई थी। बालक के पिता ने आरोपी अजय कुमार के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर वारदात का खुलासा कर दिया था। प्रकरण की सुनवाई जिला जज की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों के आधार पर दोष सिद्ध हुआ। दोषी अजय को भतीजे की हत्या में आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। धारा 201 में तीन साल कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
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भाई से चला आ रहा था विवाद
दोषी अजय कुमार का अपने भाई दीपक से विवाद चला आ रहा था। भाई से बदला लेने के लिए दोषी ने अपने भतीजे की हत्या कर दी। दीपक की पत्नी आरती ने अपने बेटे को अजय के साथ जाते हुए देख लिया था। इसी वजह से परिवार ने पूछताछ की थी।
बचाव पक्ष के तर्क अदालत में खारिज
अदालत में बचाव पक्ष ने कहा कि वारदात के दिन आरोपी अजय कुमार ने शराब पी रखी थी। अदालत ने बचाव पक्ष के तर्क खारिज कर दिए। अभियोजन का कहना था कि अगर आरोपी नशे में था तो विवाद के कारण उसका निशाना अपना भाई दीपक और भाभी आरती होना चाहिए था। लेकिन आरोपी ने साजिश के तहत पांच साल के मासूम को निशाना बनाया।