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घर में कटान का मांगा लाइसेंस, विभाग ने किया इंकार
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Tue, 09 May 2017 12:31 AM IST
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बूचड़खानों पर कार्रवाई
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योगी सरकार के अवैध बूचड़खानों की बंदी के बाद मीट कारोबारी हलकान हो गए हैं। स्लाटर हाउस और मीट लाइसेंस के लिए डगर मुश्किल है। स्लाटर हाउस के लिए तीन स्तर की एनओसी चाहिए। उसके बाद ही कार्रवाई होगी। वहीं, बुढ़ाना में दो मांस कारोबारियों ने घर में पशु कटान का लाइसेंस मांगा है। जिसे देने में हाथ खड़े कर दिए। लाइसेंस के लिए करीब 30 से अधिक आवेदन आए हैं, जिनकी जांच-पड़ताल की जा रही है।
योगी सरकार ने अवैध रूप से पशु कटान पर रोक लगा दी है। इससे मांस कारोबारियों में बेचैनी है। लाइसेंस धारक की कटान और मांस विक्रय कर सकता है। इसके लिए खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से लाइसेंस जारी किए जाएंगे। मीट कारोबारियों के पशु कटान और मांस विक्रय का लाइसेंस लेना आसान नहीं है, क्योंकि विभाग को नगर पालिका, प्रदूषण विभाग और पुलिस से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) चाहिए। रमजान माह मीट की डिमांड बढ़ती है। ऐसे में मीट कारोबारियों ने लाइसेंस के लिए ऐडी-चोटी के जोर लगाने शुरू कर दिए हैं।
बुढ़ाना से करीब 30 लोगों ने आवेदन किए हैं। इनमें दो मीट कारोबारियों ने घर में ही पशु कटान का लाइसेंस मांगा है, जिसे विभाग ने जांच पड़ताल के बाद इंकार कर दिया। विभाग के अभिहित अधिकारी विनीत कुमार ने बताया कि स्लाटर हाउस और मीट विक्रय के लिए अलग-अलग लाइसेंस जारी होंगे। स्लाटिंग के लिए पालिका, प्रदूषण और पुलिस से एनओसी जरूरी है। करीब 30 आवेदन आए हैं, जिनकी जांच-पड़ताल कराई जा रही है।
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पशु कटान के लिए यह चाहिए
स्लाटर हाउस के लिए नगर पालिका, प्रदूषण और पुलिस की एनओसी जरुरी है। साथ पशु वधशाला में दीवरों पर 15 तक टाइल्स, ठंडा-गर्म पानी, पशुओं के आराम के लिए बड़ा स्थल होगा, जबकि अवशेषों को स्लाटर हाउस से 24 घंटे के भीतर बाहर भेजना होगा। वहीं छोटे पशु बकरा आदि के लिए भी यही मानक रखे गए हैं।
मीट विक्रय के नियम बने
मीट की दुकान में पक्का फर्श, ठंडा-गर्म पानी, पूरी तरह से दुकान कवर होगी। जबकि शीशों पर काली फिल्म होगी। फ्रीजर भी रखा जाएगा। साथ ही नगर पालिका और पुलिस की एनओसी जरूरी है। दुकान पर मीट विक्रय के लिए मीट कहां से खरीदा जा रहा है, इसका लिखित में एग्रीमेंट प्रमाण दिखाना होगा।
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योगी सरकार ने अवैध रूप से पशु कटान पर रोक लगा दी है। इससे मांस कारोबारियों में बेचैनी है। लाइसेंस धारक की कटान और मांस विक्रय कर सकता है। इसके लिए खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से लाइसेंस जारी किए जाएंगे। मीट कारोबारियों के पशु कटान और मांस विक्रय का लाइसेंस लेना आसान नहीं है, क्योंकि विभाग को नगर पालिका, प्रदूषण विभाग और पुलिस से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) चाहिए। रमजान माह मीट की डिमांड बढ़ती है। ऐसे में मीट कारोबारियों ने लाइसेंस के लिए ऐडी-चोटी के जोर लगाने शुरू कर दिए हैं।
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बुढ़ाना से करीब 30 लोगों ने आवेदन किए हैं। इनमें दो मीट कारोबारियों ने घर में ही पशु कटान का लाइसेंस मांगा है, जिसे विभाग ने जांच पड़ताल के बाद इंकार कर दिया। विभाग के अभिहित अधिकारी विनीत कुमार ने बताया कि स्लाटर हाउस और मीट विक्रय के लिए अलग-अलग लाइसेंस जारी होंगे। स्लाटिंग के लिए पालिका, प्रदूषण और पुलिस से एनओसी जरूरी है। करीब 30 आवेदन आए हैं, जिनकी जांच-पड़ताल कराई जा रही है।
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पशु कटान के लिए यह चाहिए
स्लाटर हाउस के लिए नगर पालिका, प्रदूषण और पुलिस की एनओसी जरुरी है। साथ पशु वधशाला में दीवरों पर 15 तक टाइल्स, ठंडा-गर्म पानी, पशुओं के आराम के लिए बड़ा स्थल होगा, जबकि अवशेषों को स्लाटर हाउस से 24 घंटे के भीतर बाहर भेजना होगा। वहीं छोटे पशु बकरा आदि के लिए भी यही मानक रखे गए हैं।
मीट विक्रय के नियम बने
मीट की दुकान में पक्का फर्श, ठंडा-गर्म पानी, पूरी तरह से दुकान कवर होगी। जबकि शीशों पर काली फिल्म होगी। फ्रीजर भी रखा जाएगा। साथ ही नगर पालिका और पुलिस की एनओसी जरूरी है। दुकान पर मीट विक्रय के लिए मीट कहां से खरीदा जा रहा है, इसका लिखित में एग्रीमेंट प्रमाण दिखाना होगा।