{"_id":"62b4a81129aef14d5f2ef258","slug":"lentils-are-thin-and-roti-too-small-our-stomach-is-not-filled-muzaffarnagar-news-mrt594124087","type":"story","status":"publish","title_hn":"दाल पतली और रोटी भी छोटी... हमारा पेट ही नहीं भरता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दाल पतली और रोटी भी छोटी... हमारा पेट ही नहीं भरता
विज्ञापन
पुरकाजी के उच्च प्राथमिक विद्यालय तुग़लकपुर में मिड डे मील खाते बच्चे।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुजफ्फरनगर। परिषदीय स्कूलों का नया शैक्षिक सत्र शुरू हो चुका है। धीरे-धीरे बच्चों की संख्या बढ़ने लगी है। मगर, सत्र के शुरूआत में मिड-डे मील योजना में भोजन की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। मुजफ्फरनगर और खतौली नगर में कई स्कूलों के बच्चे ऐसे हैं, जिन्होंने खुद गुणवत्ता खराब बताई है। पूर्व माध्यमिक कंपोजिट विद्यालय कानूनगोयान खतौली में बृहस्पतिवार को बच्चों को दाल दी गई, जिसे अधिकतर बच्चों ने छोड़ दिया। छात्रा जूही कहती हैं कि जिस दिन से स्कूल खुले हैं, तब से दाल पतली और रोटी भी पहले के मुकाबले छोटी दी जा रही है। हमारा पेट भी नहीं भरता। स्कूल में खाना बनता था तो सब बच्चे अच्छे से खाना खा लेते थे। छात्र आशु ने कहा कि भोजन से संतुष्ट नहीं है। स्कूल आना शुरू किया तो पहले तीन दिन तो भोजन स्कूल में मिला ही नहीं। अब मिल रहा है तो उसे खाने में बिल्कुल भी स्वाद नहीं आ रहा है। खतौली के स्कूल में अलग और शहर के स्कूल में अलग एनजीओ वितरण कर रहा है।
हां, बच्चे नाराज है, डिप्टी से करेंगे शिकायत
पूर्व माध्यमिक कंपोजिट विद्यालय कानूनगोयान खतौली के प्रधानाध्यापक सचिन कुमार स्वीकार करते हैं कि बच्चे खाना छोड़ रहे हैं। दाल और रोटी की गुणवत्ता बच्चों ने खराब बताई। पहले स्कूल में खाना बनता था, अब एनजीओ से वितरण करा रहे हैं। डिप्टी निरीक्षण पर आएंगे तो शिकायत की जाएगी।
शहर में शिकायत, बीएसए कराएंगे जांच
नगर क्षेत्र में एनजीओ श्रीबालाजी सामाजिक विकास समिति के माध्यम से परिषदीय स्कूलों के बच्चों को मिड-डे मिल का वितरण किया जा रहा है। 16 जून से स्कूल खुले हैं तो समिति ने मिड-डे मिल का वितरण भी शुरू कर दिया है। कई जगह बच्चों ने भोजन की गुणवत्ता पर सवाल खड़े किए। ताहरी की गुणवत्ता को खराब बताया।
विज्ञापन
बच्चों को नहीं होने देेंगे परेशानी : बीएसए
अभी तक कोई शिकायत नहीं आई थी। अब हम मिड-डे मिल की जांच कराएंगे। मानकों के अनुसार ही मिड-डे मिल का वितरण कराया जाएगा। बच्चों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी। - मायाराम, बीएसए
प्रधानाध्यापक ने नहीं की शिकायत
बच्चों की अच्छी गुणवत्ता का भोजन दिया जा रहा है। किसी प्रधानाध्यापक की ओर से अभी तक शिकायत नहीं मिली है। अगर किसी स्कूल में दिक्कत है तो जांच कराई जाएगी और बच्चों को अच्छा भोजन दिया जाएगा। - राजकुमार, एनजीओ संचालक, श्रीबालाजी सामाजिक विकास समिति
आटा खत्म हो गया तो बनवाई गई ताहरी
शाहपुर कस्बे के बसी रोड स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में कुल 260 छात्र पंजीकृत है। बृहस्पतिवार को विद्यालय में मात्र 66 छात्र उपस्थित रहे। बच्चों के लिए विद्यालय में ही चार भोजन माता मिड-डे मील का खाना बनाती है। बृहस्पतिवार को बच्चों को ताहरी दी गई, जबकि शेड्यूल सब्जी व रोटी का था । प्रधानाध्यापक महबूब अली ने बताया कि बच्चों को सुबह सवा दस बजे मिड-डे मील दिया जाता है जबकि आटा खत्म होने के कारण बच्चों को भोजन में ताहरी दी गई है। कक्षा दो की छात्रा सना ने बताया कि भोजन अच्छा मिला है, कोई परेशानी नहीं है।
बच्चे बोले, मिला रहा दूध और फल
पुरकाजी। कन्या जूनियर हाई स्कूल में बृहस्पतिवार को दाल रोटी दी गई। प्रधानाध्यापक मीनाक्षी ने बताया कि आज कुल 146 छात्राओं में 75 ही स्कूल पहुंची। उच्च प्राथमिक विद्यालय तुगलकपुर में बृहस्पतिवार को रोटी सब्जी दी गई। कुल 358 छात्रों में 87 छात्र स्कूल आए। छात्र दीपांशु, रोजी और अकदस ने बताया कि स्कूल में रोजाना खाना शेडयूल के हिसाब से सही मिल रहा है। रोटी, तहरी, फल और दूध भी दिया जा रहा है।
विज्ञापन
हां, बच्चे नाराज है, डिप्टी से करेंगे शिकायत
पूर्व माध्यमिक कंपोजिट विद्यालय कानूनगोयान खतौली के प्रधानाध्यापक सचिन कुमार स्वीकार करते हैं कि बच्चे खाना छोड़ रहे हैं। दाल और रोटी की गुणवत्ता बच्चों ने खराब बताई। पहले स्कूल में खाना बनता था, अब एनजीओ से वितरण करा रहे हैं। डिप्टी निरीक्षण पर आएंगे तो शिकायत की जाएगी।
विज्ञापन
शहर में शिकायत, बीएसए कराएंगे जांच
नगर क्षेत्र में एनजीओ श्रीबालाजी सामाजिक विकास समिति के माध्यम से परिषदीय स्कूलों के बच्चों को मिड-डे मिल का वितरण किया जा रहा है। 16 जून से स्कूल खुले हैं तो समिति ने मिड-डे मिल का वितरण भी शुरू कर दिया है। कई जगह बच्चों ने भोजन की गुणवत्ता पर सवाल खड़े किए। ताहरी की गुणवत्ता को खराब बताया।
विज्ञापन
बच्चों को नहीं होने देेंगे परेशानी : बीएसए
अभी तक कोई शिकायत नहीं आई थी। अब हम मिड-डे मिल की जांच कराएंगे। मानकों के अनुसार ही मिड-डे मिल का वितरण कराया जाएगा। बच्चों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी। - मायाराम, बीएसए
प्रधानाध्यापक ने नहीं की शिकायत
बच्चों की अच्छी गुणवत्ता का भोजन दिया जा रहा है। किसी प्रधानाध्यापक की ओर से अभी तक शिकायत नहीं मिली है। अगर किसी स्कूल में दिक्कत है तो जांच कराई जाएगी और बच्चों को अच्छा भोजन दिया जाएगा। - राजकुमार, एनजीओ संचालक, श्रीबालाजी सामाजिक विकास समिति
आटा खत्म हो गया तो बनवाई गई ताहरी
शाहपुर कस्बे के बसी रोड स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में कुल 260 छात्र पंजीकृत है। बृहस्पतिवार को विद्यालय में मात्र 66 छात्र उपस्थित रहे। बच्चों के लिए विद्यालय में ही चार भोजन माता मिड-डे मील का खाना बनाती है। बृहस्पतिवार को बच्चों को ताहरी दी गई, जबकि शेड्यूल सब्जी व रोटी का था । प्रधानाध्यापक महबूब अली ने बताया कि बच्चों को सुबह सवा दस बजे मिड-डे मील दिया जाता है जबकि आटा खत्म होने के कारण बच्चों को भोजन में ताहरी दी गई है। कक्षा दो की छात्रा सना ने बताया कि भोजन अच्छा मिला है, कोई परेशानी नहीं है।
बच्चे बोले, मिला रहा दूध और फल
पुरकाजी। कन्या जूनियर हाई स्कूल में बृहस्पतिवार को दाल रोटी दी गई। प्रधानाध्यापक मीनाक्षी ने बताया कि आज कुल 146 छात्राओं में 75 ही स्कूल पहुंची। उच्च प्राथमिक विद्यालय तुगलकपुर में बृहस्पतिवार को रोटी सब्जी दी गई। कुल 358 छात्रों में 87 छात्र स्कूल आए। छात्र दीपांशु, रोजी और अकदस ने बताया कि स्कूल में रोजाना खाना शेडयूल के हिसाब से सही मिल रहा है। रोटी, तहरी, फल और दूध भी दिया जा रहा है।