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Muzaffarnagar News: हिंडन को प्रदूषित करने वाले पश्चिम यूपी के 55 उद्योगों पर वाद
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मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) ने हिंडन नदी को प्रदूषित करने वाली पश्चिम यूपी की 55 और जिले की नौ फैक्टरियों पर शिकंजा कसा है। प्रदूषण फैला रहे उद्योगों के खिलाफ लखनऊ के स्पेशल ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट कोर्ट में वाद दायर किया गया है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी अंकित सिंह ने बताया कि संबंधित इकाइयों ने नियमों का उल्लंघन किया है।
प्रदूषण फैलाने के मामले में एनजीटी (राष्ट्रीय हरित अधिकरण) में सुनवाई चल रही है। जिन उद्योगों पर वाद दायर कराया गया है, उनमें चौधरी क्रिएशंस शेरनगर, एडब्ल्यूएफ कलेक्शन शेरनगर, भोपा रोड की सिल्वरटेन पेपर मिल, बिंदलास पेपर मिल, अल्पना पेपर मिल, सिल्वर टेन पेपर, जीनियर पेपर, जानसठ रोड स्थित गुलशन फैक्टरी, त्रिवेणी इंजीनियरिंग शामिल है। इन उद्योगों से बिना शोधित किए गंदे पानी को हिंडन नदी में प्रवाहित किया जा रहा था। नगर निकाय और उद्योग अपने यहां का गंदा पानी उचित ढंग से बिना शोधित किए हिंडन नदी में छोड़ रहे हैं। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी अंकित सिंह ने बताया कि उद्योगों को नोटिस जारी किए गए थे।
इस तरह बहती है हिंडन नदी
सहारनपुर मंडल में करीब 127 किमी क्षेत्र से होकर हिंडन बहती है। नदी के दोनों ओर अतिक्रमण का मुद्दा भी उठता रहा है।सहारनपुर में करीब 93 किमी और मुजफ्फरनगर की सीमा में 34 किमी में नदी का प्रवाह है।
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प्रदूषित जल से फैल रही बीमारियां
फैक्टरियों से प्रदूषित जल को हिंडन में प्रवाहित किया जाता है। प्रदूषित पानी के कारण हिंडन नदी के किनारे बसे विभिन्न गांवों में बीमारियां भी बढ़ी है। रतनपुरी और बुढ़ाना क्षेत्र में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नदी किनारे बसे गांव सफीपुर, कस्बा बुढ़ाना, चंधेड़ी, उकावली व नसीपुर के ग्रामीणों को कहना है कि हिंडन नदी में प्रदूषण दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है।
यह जिले किए गए शामिल
मुजफ्फरनगर, मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, मुजफ्फरनगर, और सहारनपुर शामिल हैं।
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प्रदूषण फैलाने के मामले में एनजीटी (राष्ट्रीय हरित अधिकरण) में सुनवाई चल रही है। जिन उद्योगों पर वाद दायर कराया गया है, उनमें चौधरी क्रिएशंस शेरनगर, एडब्ल्यूएफ कलेक्शन शेरनगर, भोपा रोड की सिल्वरटेन पेपर मिल, बिंदलास पेपर मिल, अल्पना पेपर मिल, सिल्वर टेन पेपर, जीनियर पेपर, जानसठ रोड स्थित गुलशन फैक्टरी, त्रिवेणी इंजीनियरिंग शामिल है। इन उद्योगों से बिना शोधित किए गंदे पानी को हिंडन नदी में प्रवाहित किया जा रहा था। नगर निकाय और उद्योग अपने यहां का गंदा पानी उचित ढंग से बिना शोधित किए हिंडन नदी में छोड़ रहे हैं। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी अंकित सिंह ने बताया कि उद्योगों को नोटिस जारी किए गए थे।
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इस तरह बहती है हिंडन नदी
सहारनपुर मंडल में करीब 127 किमी क्षेत्र से होकर हिंडन बहती है। नदी के दोनों ओर अतिक्रमण का मुद्दा भी उठता रहा है।सहारनपुर में करीब 93 किमी और मुजफ्फरनगर की सीमा में 34 किमी में नदी का प्रवाह है।
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प्रदूषित जल से फैल रही बीमारियां
फैक्टरियों से प्रदूषित जल को हिंडन में प्रवाहित किया जाता है। प्रदूषित पानी के कारण हिंडन नदी के किनारे बसे विभिन्न गांवों में बीमारियां भी बढ़ी है। रतनपुरी और बुढ़ाना क्षेत्र में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नदी किनारे बसे गांव सफीपुर, कस्बा बुढ़ाना, चंधेड़ी, उकावली व नसीपुर के ग्रामीणों को कहना है कि हिंडन नदी में प्रदूषण दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है।
यह जिले किए गए शामिल
मुजफ्फरनगर, मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, मुजफ्फरनगर, और सहारनपुर शामिल हैं।