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जेई से बोले रेल कमिश्नर, तुम बख्शने लायक नहीं हो
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Tue, 22 Aug 2017 12:27 AM IST
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चेहरे पर कपड़ा बांधकर घटनास्थल पर घूमता जेई।
- फोटो : अमर उजाला
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खतौली में कलिंग उत्कल ट्रेन हादसे के तीन दिन बाद कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी शैलेश कुमार पाठक ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। सोमवार को खतौली पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों और कर्मचारियों से हादसे की जानकारी ली। रेल संरक्षा आयुक्त ने निलंबित जेई प्रदीप कुमार को फटकार लगाई। कहा कि तुम बख्शने के लायक नहीं हो। पाठक ने स्टेशन का रिले केंद्र भी देखा। बाद में जिला चिकित्सालय पहुंचकर घायल यात्रियों से भी हादसे के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि लापरवाही के कारण हादसा हुआ है। यदि ब्लॉक लेकर कार्य किया होता तो हादसा नहीं होता। उन्होंने बताया कि एक महीने के भीतर रेल मंत्रालय को वह अपनी जांच रिपोर्ट सौंपेंगे।
कलिंग उत्कल डिरेल के बाद रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने रेलवे बोर्ड को जांच के आदेश दिए हैं। रेलमंत्री के निर्देश पर सोमवार को सीआरएस एसके पाठक ने अपनी जांच शुरू कर दी। वह अपने पूरे स्टाफ के साथ विशेष कोच से दिल्ली से चलकर दोपहर 2.30 बजे सीधे खतौली में घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने यहां पर करीब सवा घंटे तक घटनास्थल का निरीक्षण किया। दुर्घटनाग्रस्त हुई उत्कल की लास्ट बोगी के स्थान से निरीक्षण शुरू किया। जिस स्थान से ट्रेन बेपटरी हुई, उस स्थान को भी देखा। क्षतिग्रस्त स्लीपरों को भी परखा, जहां तक ट्रैक उखड़ा वहां तक का निरीक्षण किया। ट्रैक से हटाकर एक ओर रख दी गई उत्कल की सभी क्षतिग्रस्त बोगियों का भी निरीक्षण किया। बोगियों में अंदर घुसकर भी उनको देखा।
खतौली स्टेशन मास्टर, घटना के समय ड्यूटी स्टेशन मास्टर, ट्रैक पर काम कर रहे कर्मचारियों, पीडब्ल्यूआई अधिकारियों से भी घटना के बारे में विस्तार से जानकारी ली। कोच एस-2 और एस-6 का निरीक्षण किया। ट्रेन हादसे में क्षतिग्रस्त हुए मकान के मालिक चौधरी जगत सिंह अहलावत और परिजनों से मिलकर हादसे के बारे में हकीकत जानी। निरीक्षण के दौरान मौजूद लोगों के हंगामा करने पर उन्होंने लोगों के बीच जाकर उनकी बात सुनीं। इसके बाद खतौली स्टेशन पर जाकर रिले कक्ष को देखा और लॉगबुक का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि वह एक माह के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट रेल मंत्रालय को सौंप देंगे। निरीक्षण के दौरान आरपीएफ, आरपीवीएफ, पीडब्ल्यूआई समेत तमाम विभागों के आला अधिकारी मौजूद रहे।
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हरसंभव मदद का घायलों को भरोसा दिया
मुजफ्फरनगर। खतौली में घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद सीआरएस पाठक ने जिला चिकित्सालय पहुंचकर ट्रेन हादसे में घायल यात्रियों का हाल जाना। उन्होंने रेलवे की ओर से घायलों को हरसंभव मदद करने का आश्वासन दिया। घायलों और उनके तीमारदारों से ट्रेन हादसे के बारे में जानकारी ली। उनसे पूछा कि उस दिन क्या और कैसे हुआ था।
अमर उजाला’ की कटिंग पर जवाब मांगा
निलंबित जेई प्रदीप को फटकार लगाई
मुजफ्फरनगर। उत्कल हादसे की जांच करने पहुंचे सीआरएस पाठक ने घटनास्थल पर मौजूद निलंबित जेई प्रदीप से हादसे के बारे में जानकारी ली। जेई ने कहा कि उसने ब्लॉक लेने के लिए ड्यूटी स्टेशन मास्टर को कहा था, मगर ब्लॉक नहीं मिल पाया। इसके बाद जेई ने चुप्पी साध ली, जिस पर सीआरएस ने उसे फटकार लगाई। अमर उजाला में प्रकाशित खबर की कटिंग दिखाते हुए कहा कि पेपर में कई माह पहले हादसे की आशंका जताई गई थी, तो तुमने क्रैक हुए ट्रैक का क्यों नहीं ठीक किया। अपने बड़े अधिकारियों को इस बारे में क्यों नहीं बताया। स्टेशन मास्टर ने ब्लॉक नहीं दिया था, तो अपने सीनियर अफसरों को अवगत क्यों नहीं कराया। ब्लॉक नहीं मिलने पर भी क्यों ट्रैक खोल दिया, तुम बख्सने के लायक नहीं हो।
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कलिंग उत्कल डिरेल के बाद रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने रेलवे बोर्ड को जांच के आदेश दिए हैं। रेलमंत्री के निर्देश पर सोमवार को सीआरएस एसके पाठक ने अपनी जांच शुरू कर दी। वह अपने पूरे स्टाफ के साथ विशेष कोच से दिल्ली से चलकर दोपहर 2.30 बजे सीधे खतौली में घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने यहां पर करीब सवा घंटे तक घटनास्थल का निरीक्षण किया। दुर्घटनाग्रस्त हुई उत्कल की लास्ट बोगी के स्थान से निरीक्षण शुरू किया। जिस स्थान से ट्रेन बेपटरी हुई, उस स्थान को भी देखा। क्षतिग्रस्त स्लीपरों को भी परखा, जहां तक ट्रैक उखड़ा वहां तक का निरीक्षण किया। ट्रैक से हटाकर एक ओर रख दी गई उत्कल की सभी क्षतिग्रस्त बोगियों का भी निरीक्षण किया। बोगियों में अंदर घुसकर भी उनको देखा।
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खतौली स्टेशन मास्टर, घटना के समय ड्यूटी स्टेशन मास्टर, ट्रैक पर काम कर रहे कर्मचारियों, पीडब्ल्यूआई अधिकारियों से भी घटना के बारे में विस्तार से जानकारी ली। कोच एस-2 और एस-6 का निरीक्षण किया। ट्रेन हादसे में क्षतिग्रस्त हुए मकान के मालिक चौधरी जगत सिंह अहलावत और परिजनों से मिलकर हादसे के बारे में हकीकत जानी। निरीक्षण के दौरान मौजूद लोगों के हंगामा करने पर उन्होंने लोगों के बीच जाकर उनकी बात सुनीं। इसके बाद खतौली स्टेशन पर जाकर रिले कक्ष को देखा और लॉगबुक का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि वह एक माह के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट रेल मंत्रालय को सौंप देंगे। निरीक्षण के दौरान आरपीएफ, आरपीवीएफ, पीडब्ल्यूआई समेत तमाम विभागों के आला अधिकारी मौजूद रहे।
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हरसंभव मदद का घायलों को भरोसा दिया
मुजफ्फरनगर। खतौली में घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद सीआरएस पाठक ने जिला चिकित्सालय पहुंचकर ट्रेन हादसे में घायल यात्रियों का हाल जाना। उन्होंने रेलवे की ओर से घायलों को हरसंभव मदद करने का आश्वासन दिया। घायलों और उनके तीमारदारों से ट्रेन हादसे के बारे में जानकारी ली। उनसे पूछा कि उस दिन क्या और कैसे हुआ था।
अमर उजाला’ की कटिंग पर जवाब मांगा
निलंबित जेई प्रदीप को फटकार लगाई
मुजफ्फरनगर। उत्कल हादसे की जांच करने पहुंचे सीआरएस पाठक ने घटनास्थल पर मौजूद निलंबित जेई प्रदीप से हादसे के बारे में जानकारी ली। जेई ने कहा कि उसने ब्लॉक लेने के लिए ड्यूटी स्टेशन मास्टर को कहा था, मगर ब्लॉक नहीं मिल पाया। इसके बाद जेई ने चुप्पी साध ली, जिस पर सीआरएस ने उसे फटकार लगाई। अमर उजाला में प्रकाशित खबर की कटिंग दिखाते हुए कहा कि पेपर में कई माह पहले हादसे की आशंका जताई गई थी, तो तुमने क्रैक हुए ट्रैक का क्यों नहीं ठीक किया। अपने बड़े अधिकारियों को इस बारे में क्यों नहीं बताया। स्टेशन मास्टर ने ब्लॉक नहीं दिया था, तो अपने सीनियर अफसरों को अवगत क्यों नहीं कराया। ब्लॉक नहीं मिलने पर भी क्यों ट्रैक खोल दिया, तुम बख्सने के लायक नहीं हो।