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रात दिन साथ रहने वाले औजार ही बने सबूत, दुर्घटनास्थल पर कटर, टूटी पटरी के साथ मिले थे चॉबी-पाने
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Thu, 24 Aug 2017 12:47 AM IST
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रेलवे ट्रैक की मरम्मत करते कर्मचारी।
- फोटो : अमर उजाला
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खतौली में उत्कल एक्सप्रेस के दुर्घटनाग्रस्त होने में इंजीनियर सेक्शन के साथ रेलपथ पर काम करने वाला गैंगमैन ग्रुप जिम्मेदार माना जा रहा है। इन लोगों के खिलाफ वही वस्तुएं सबूत बनकर खड़ी हो गई हैं, जिनकी बदौलत कर्मचारियों के कंधों पर रेलवे ट्रैक की मरम्मत का जिम्मा था। जीआरपी ने दुर्घटनास्थल से कलपुर्जों के साथ औजारों को भी जब्त कर सीज किया था। जिन्हें बुधवार को रेलवे बोर्ड के हवाले किया गया है।
जीआरपी थाने में खतौली थाना चौकी इंचार्ज (जीआरपी) अजय कुमार की ओर से उत्कल एक्सप्रेस के दुर्घटनाग्रस्त, लापरवाही के साथ आईपीसी की धारा 304(ए) में एफआईआर दर्ज है। हालांकि कहने में भले ही यह लापरवाही हो सकती है, लेकिन रेलवे सिस्टम का यह सामूहिक कत्ल करने वाला गुनाह है। हादसे के चार दिन बीतने के बाद भी रेलवे ट्रैक के निकट कर्मचारियों की करतूत के निशान बाकी हैं। कबाड़ में तब्दील हुए उत्कल के डिब्बे भी चीखकर बता रहे हैं, कि उनके गुनहगारों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
शनिवार को दुर्घटनास्थल पर पहुंची जीआरपी ने मौके से कई औजार समेत कलपुर्जों को कब्जे में लेकर सीज किया था। जीआरपी ने दुर्घटनास्थल से चाबी, पाने, नट-बोल्ट, टूटी पटरी के दो टुकड़े (8 इंच से अधिक), हथौड़ा, पटरी कटर मशीन, ड्रिल मशीन के साथ स्लीपर ढोने वाली वैगन को जब्त किया था। यह वही सामान है, जिसने कर्मचारी, जेई ट्रैक की मरम्मत कर रहे थे। अब यही सामान इन लोगों की लापरवाही का सबूत बन गए हैं। रोजी-रोटी देने वाले औजार ही लापरवाह कर्मचारियों को सजा दिलाएंगे।
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बुधवार को जीआरपी ने जब्त किए गए सामान को रेलवे बोर्ड को सौंपा है। अब रेलवे बोर्ड इन कलपुर्जों, औजारों के जरिये ही गैंगमैन-16 के कर्मचारियों, रेलथप इंजीनियरों से पूछताछ होगी। जीआरपी भी रेल दुर्घटना में मुकदमा चलाएगी। जिसमें इन औजारों, कलपुर्जों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उधर, रेलवे बोर्ड इन औजारों, कलपुर्जों से फिंगर प्रिंट जुटाएगा, ताकि गैंगमैन-16 में तैनात कर्मचारियों की पहचान के साथ उनका झूठ पकड़ा जा सके। जीआरपी एसओ किशन अवतार ने बताया कि दुर्घटना की रेलवे बोर्ड की ओर से नियुक्त जांच अधिकारी ने पड़ताल शुरू कर दी है। उनके स्तर से इसमें जहां भी सहयोग की जरूरत होगी, वह किया जाएगा। दुर्घटना की थाने में एफआईआर दर्ज है, जिसमें एसआई ने कई चीजों का जिक्र किया है।
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जीआरपी थाने में खतौली थाना चौकी इंचार्ज (जीआरपी) अजय कुमार की ओर से उत्कल एक्सप्रेस के दुर्घटनाग्रस्त, लापरवाही के साथ आईपीसी की धारा 304(ए) में एफआईआर दर्ज है। हालांकि कहने में भले ही यह लापरवाही हो सकती है, लेकिन रेलवे सिस्टम का यह सामूहिक कत्ल करने वाला गुनाह है। हादसे के चार दिन बीतने के बाद भी रेलवे ट्रैक के निकट कर्मचारियों की करतूत के निशान बाकी हैं। कबाड़ में तब्दील हुए उत्कल के डिब्बे भी चीखकर बता रहे हैं, कि उनके गुनहगारों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
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शनिवार को दुर्घटनास्थल पर पहुंची जीआरपी ने मौके से कई औजार समेत कलपुर्जों को कब्जे में लेकर सीज किया था। जीआरपी ने दुर्घटनास्थल से चाबी, पाने, नट-बोल्ट, टूटी पटरी के दो टुकड़े (8 इंच से अधिक), हथौड़ा, पटरी कटर मशीन, ड्रिल मशीन के साथ स्लीपर ढोने वाली वैगन को जब्त किया था। यह वही सामान है, जिसने कर्मचारी, जेई ट्रैक की मरम्मत कर रहे थे। अब यही सामान इन लोगों की लापरवाही का सबूत बन गए हैं। रोजी-रोटी देने वाले औजार ही लापरवाह कर्मचारियों को सजा दिलाएंगे।
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बुधवार को जीआरपी ने जब्त किए गए सामान को रेलवे बोर्ड को सौंपा है। अब रेलवे बोर्ड इन कलपुर्जों, औजारों के जरिये ही गैंगमैन-16 के कर्मचारियों, रेलथप इंजीनियरों से पूछताछ होगी। जीआरपी भी रेल दुर्घटना में मुकदमा चलाएगी। जिसमें इन औजारों, कलपुर्जों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उधर, रेलवे बोर्ड इन औजारों, कलपुर्जों से फिंगर प्रिंट जुटाएगा, ताकि गैंगमैन-16 में तैनात कर्मचारियों की पहचान के साथ उनका झूठ पकड़ा जा सके। जीआरपी एसओ किशन अवतार ने बताया कि दुर्घटना की रेलवे बोर्ड की ओर से नियुक्त जांच अधिकारी ने पड़ताल शुरू कर दी है। उनके स्तर से इसमें जहां भी सहयोग की जरूरत होगी, वह किया जाएगा। दुर्घटना की थाने में एफआईआर दर्ज है, जिसमें एसआई ने कई चीजों का जिक्र किया है।