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कोर्ट में पेश नहीं हुए खतौली विधायक विक्रम सैनी, गवाह भी नहीं पहुंचे
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कोर्ट में पेश नहीं हुए खतौली विधायक विक्रम सैनी, गवाह भी नहीं पहुंचे
मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर दंगे के दौरान जानसठ क्षेत्र के कवाल गांव में हुए बवाल के मामले में नामजद खतौली के भाजपा विधायक विक्रम सैनी अदालत में पेश नहीं हुए। पुलिसकर्मी भी गवाही के लिए नहीं पहुंचे। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए चार अप्रैल की तिथि तय की है।
मुजफ्फरनगर के कवाल में हुई हिंसा के मामले में नामजद विधायक विक्रम सैनी को बुधवार में पेश होना था। लेकिन विधायक विक्रम सैनी अदालत में पेश नहीं हुए। इसके अलावा मामले में गवाह पुलिसकर्मी भी गवाही के लिए पहुंचे। विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि गवाही के लिए जानसठ थाने के तत्कालीन एसओ शैलेंद्र कुमार, एसआई शाहिद अली और एसआई गंगाशरण को समन भेजे गए थे, तीनों ही बुधवार अदालत में हाजिर नहीं हुए। जिस कारण गवाही नहीं हो सकी। अगली सुनवाई के लिए चार अप्रैल की तिथि तय की गई है।
गौरतलब है कि कवाल गांव में गौरव और सचिन की 27 अगस्त 2013 को हत्या कर दी गई थी। 28 अगस्त 2013 को गांव में हिंसा भड़की। हवाई फायरिंग हुई और तनाव का माहौल बन गया था। जानसठ थाने के तत्कालीन प्रभारी शैलेंद्र कुमार ने विक्रस सैनी समेत 27 लोगों को नामजद करते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। प्रकरण की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश स्पेशल एमपी, एमएलए कोर्ट संख्या-6 गोपाल उपाध्याय की अदालत में चल रही है।
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मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर दंगे के दौरान जानसठ क्षेत्र के कवाल गांव में हुए बवाल के मामले में नामजद खतौली के भाजपा विधायक विक्रम सैनी अदालत में पेश नहीं हुए। पुलिसकर्मी भी गवाही के लिए नहीं पहुंचे। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए चार अप्रैल की तिथि तय की है।
मुजफ्फरनगर के कवाल में हुई हिंसा के मामले में नामजद विधायक विक्रम सैनी को बुधवार में पेश होना था। लेकिन विधायक विक्रम सैनी अदालत में पेश नहीं हुए। इसके अलावा मामले में गवाह पुलिसकर्मी भी गवाही के लिए पहुंचे। विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि गवाही के लिए जानसठ थाने के तत्कालीन एसओ शैलेंद्र कुमार, एसआई शाहिद अली और एसआई गंगाशरण को समन भेजे गए थे, तीनों ही बुधवार अदालत में हाजिर नहीं हुए। जिस कारण गवाही नहीं हो सकी। अगली सुनवाई के लिए चार अप्रैल की तिथि तय की गई है।
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गौरतलब है कि कवाल गांव में गौरव और सचिन की 27 अगस्त 2013 को हत्या कर दी गई थी। 28 अगस्त 2013 को गांव में हिंसा भड़की। हवाई फायरिंग हुई और तनाव का माहौल बन गया था। जानसठ थाने के तत्कालीन प्रभारी शैलेंद्र कुमार ने विक्रस सैनी समेत 27 लोगों को नामजद करते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। प्रकरण की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश स्पेशल एमपी, एमएलए कोर्ट संख्या-6 गोपाल उपाध्याय की अदालत में चल रही है।
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