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UP: नवाजुद्दीन सिद्दीकी के पैतृक आवास पर हुआ कवि सम्मेलन का आयोजन, शायरों ने जीता दर्शकों का दिल
Mon, 18 Jul 2022 07:40 PM IST
कपिल kapil
अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर
Published by: कपिल kapil
Updated Mon, 18 Jul 2022 07:40 PM IST
सार
नवाजुद्दीन सिद्दीकी के पैतृक आवास पर रविवार की रात को कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ। इस दौरान शायरों ने अपनी शायरी से दर्शकों का दिल जीत लिया।
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नवाजुद्दीन सिद्दीकी के पैतृक आवास पर कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
बॉलीवुड अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी के कस्बा बुढ़ाना के मौहल्ला काजीवाड़ा में स्थित पैतृक आवास पर मशहूर मरहूम शायर डॉक्टर अकमल राही की याद में एक मुशायरे का आयोजन किया गया। इसमें आसपास और दूर-दराज इलाकों से आए शायरों ने अपने-अपने कलाम पेश कर सभी को मंत्रमुग्ध कर मरहूम शायर डॉक्टर अकमल राही को खिराज-ए-अकीदत पेश की।
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मुशायरे की सारी व्यवस्था का जिम्मा अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी के मंझले भाई फैजुद्दीन सिद्दीकी द्वारा संभाला गया। इस दौरान मुशायरे की अध्यक्षता इलाहाबाद से आए शायर अफजल इलाहाबादी और संचालन मरहूम शायर डॉक्टर अकमल राही के पुत्र युवा शायर ख्वाजा तारिक उस्मानी ने किया।
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शायर अफजल इलाहाबादी ने कहा कि अब तो हर एक अदाकार से डर लगता है, मुझको दुश्मन से नहीं यार से डर लगता है। वहीं शायर इजहार अहमद ने कहा कि कहने लगेगा शेर भी सर को पटक के देख, जंगल में शायरी को तू बरसों भटक के देख।
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शायर जुहैर अहमद जुहैर देवबंदी ने कहा कि रोज एक ख्वाब दफन करता हूं, दिल को मदफन बना लिया मैंने। शायर इमरान जिया ने कहा कि हर कदम पर तमाशा बनाया मुझे, जिंदगी ने बहुत आजमाया मुझे।