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मुजफ्फरनगर में कम समय में बड़े काम कर गए कप्तान दीपक कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर
Updated Sat, 15 Oct 2016 04:40 PM IST
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एसएसपी रहे दीपक कुमार।
- फोटो : अमर उजाला
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मुजफ्फरनगर में एसएसपी दीपक कुमार का जिले में कार्यकाल लगभग पांच माह रहा। पुलिस का इकबाल बुलंद रहने के साथ ही उनकी कई बड़ी उपलब्धियां रहीं। कवाल, वहलना और घासीपुरा कांड जैसे कई मौके आए जब उन्होंने सूझबूझ का परिचय देकर माहौल को बिगडने से बचाया। कम समय में उन्होंने आम पब्लिक में भी खासी पकड़ बनाई।
विगत 18 मई को एसएसपी केबी सिंह की जगह दीपक कुमार को तैनाती दी गई थी। लगभग पांच माह तक दीपक बतौर एसएसपी रहे। एसएसपी ने गांव-गांव मीटिंग कर पुलिस को पब्लिक से जोडने का काम किया। जिले में कई ऐसे मौके आए, जब कप्तान ने सूझबूझ से माहौल को नियंत्रित किया। चर्चित गांव कवाल में दूसरे समुदाय के युवक की हत्या कर शव को घर में दबा दिया गया था।
माहौल बिगड़ने का पूरा अंदेशा था, लेकिन एसएसपी ने रातोंरात पोस्टमार्टम कराया और सुबह फोर्स की तैनाती देखकर ही लोगों को घटना की जानकारी हुई। इस मामले में एसएसपी की जमकर तारीफ हुई। दूसरा ऐसा ही मामला वहलना गांव का था। यहां भी दूसरे समुदाय के युवक की घर में बुलाकर हत्या कर दी गई थी, पुलिस ने इस मामले को निर्यंत्रित कर लिया।
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खालापार बवाल और ट्रिपल मर्डर में भी एसएसपी ने गजब का काम किया। इसके विरोध में जाट बिरादरी ने मंसूरपुर में महापंचायत का ऐलान कर दिया था, लेकिन एसएसपी लोगों को समझा-बुझाने में कामयाब रहे। शुक्रवार रात शासन ने उनको गाजियाबाद एसएसपी बना दिया है। उनकी जगह मथुरा के एसएसपी बबलू कुमार चार्ज लेंगे। बिहार के मूल निवासी बबलू 2009 बैच के आईपीएस अफसर हैं।
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विगत 18 मई को एसएसपी केबी सिंह की जगह दीपक कुमार को तैनाती दी गई थी। लगभग पांच माह तक दीपक बतौर एसएसपी रहे। एसएसपी ने गांव-गांव मीटिंग कर पुलिस को पब्लिक से जोडने का काम किया। जिले में कई ऐसे मौके आए, जब कप्तान ने सूझबूझ से माहौल को नियंत्रित किया। चर्चित गांव कवाल में दूसरे समुदाय के युवक की हत्या कर शव को घर में दबा दिया गया था।
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माहौल बिगड़ने का पूरा अंदेशा था, लेकिन एसएसपी ने रातोंरात पोस्टमार्टम कराया और सुबह फोर्स की तैनाती देखकर ही लोगों को घटना की जानकारी हुई। इस मामले में एसएसपी की जमकर तारीफ हुई। दूसरा ऐसा ही मामला वहलना गांव का था। यहां भी दूसरे समुदाय के युवक की घर में बुलाकर हत्या कर दी गई थी, पुलिस ने इस मामले को निर्यंत्रित कर लिया।
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खालापार बवाल और ट्रिपल मर्डर में भी एसएसपी ने गजब का काम किया। इसके विरोध में जाट बिरादरी ने मंसूरपुर में महापंचायत का ऐलान कर दिया था, लेकिन एसएसपी लोगों को समझा-बुझाने में कामयाब रहे। शुक्रवार रात शासन ने उनको गाजियाबाद एसएसपी बना दिया है। उनकी जगह मथुरा के एसएसपी बबलू कुमार चार्ज लेंगे। बिहार के मूल निवासी बबलू 2009 बैच के आईपीएस अफसर हैं।