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युवक की मौत के मामले में थाना पुलिस ने कर दिया खेल
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पुरकाजी। स्थानीय थाना पुलिस संवेदनहीन हो चली है। युवक की मौत के मामले में थाना पुलिस ने बडा खेल कर दिया। खुद थाना प्रभारी मौत का कारण अलग अलग बता रहे है। हत्या और गैर इरादतन हत्या के बीच उलझे मामले में पुलिस ने आनन फानन में मृतक के भाई को पकड़ कर आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में चालान कर दिया।
गांव खेड़की निवासी रजनीश का बृहस्पतिवार को अपने भाई व पिता से विवाद हो गया था। मारपीट होने पर रजनीश की हालत बिगड़ने पर उसकी पत्नी ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां उसकी मौत हो गई थी। मृतक की पत्नी ने मृतक के भाई, उसकी पत्नी, पिता व माता पर जहर देकर हत्या का आरोप लगाया था। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। मगर मुकदमा दर्ज नहीं किया था।
रविवार को मृतक की पत्नी के मायके व ससुराल वालों में खेड़की में समझौता वार्ता चल रही थी। इसी बीच पुलिस मृतक के आरोपी भाई संजीव को पकड़ कर थाने ले आई। तब दोनों पक्षों के ग्रामीणों ने थाने पहुंच कर पुलिस से संजीव को छोड़ने की मांग की थी। मगर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ज्ञानेश्वर बौद्ध द्वारा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रजनीश की मौत जहर से नहीं दम घुटने से होने की बात बताई तो सभी ग्रामीण वापस लौट गए थे।
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पुलिस ने रविवार रात मृतक के आरोपी पिता अतर सिंह, माता चंद्रो व भाई संजीव, भाभी टीना के विरुद्ध हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया। जांच पड़ताल के बाद आत्महत्या के लिए प्रेरित करने की धाराओं में मुकदमा तरमीम किया गया और संजीव का सोमवार को चालान कर दिया। प्रभारी निरीक्षक का कहना है कि मुकदमा हत्या की धारा में ही दर्ज किया गया था। विवेचना में आत्महत्या करने की बात सामने आने पर मुकदमे को आत्महत्या से प्रेरित करने की धाराओं में तरमीम कर दिया गया है।
थाना प्रभारी दे रहे अलग अलग जानकारी
कोतवाली प्रभारी इस मामले में बार बार अलग अलग जानकारी दे रहे है। पहले उन्होंने ग्रामीणों के सामने बताया था कि रजनीश की मौत दम घुटने से हुई है। बाद में आत्महत्या के लिए प्रेरित करने की जानकारी दी। इसके अलावा बताया कि मौत का कारण डाक्टरों ने जहर खाना बताया है। ऐसी संभावना जताते हुए डाक्टरों ने बिसरा पिजर्व किया है।
मृतक की पत्नी को टरकाया था
बृहस्पतिवार को रजनीश की मौत दोपहर में हो गई थी। पत्नी की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की थी बल्कि उसे थाने से टकरा दिया था। मायके पक्ष के लोगों के हंगामा करने पर रजनीश की मौत के लगभग छह सात घंटे बाद पुलिस ने शव का पंचनामा भरा था। अगले दिन पोस्टमार्टम हुआ था।
उस दिन दो युवकों की मौत हुई थी। एक युवक की दम घुटने व रजनीश की मौत जहर का सेवन करने की संभावना जताते हुए डाक्टरों ने रिपोर्ट बनाई है। साथ ही बिसरा भी प्रीजर्व किया है।
-अर्पित विजयवर्गीय, एसपी सिटी
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गांव खेड़की निवासी रजनीश का बृहस्पतिवार को अपने भाई व पिता से विवाद हो गया था। मारपीट होने पर रजनीश की हालत बिगड़ने पर उसकी पत्नी ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां उसकी मौत हो गई थी। मृतक की पत्नी ने मृतक के भाई, उसकी पत्नी, पिता व माता पर जहर देकर हत्या का आरोप लगाया था। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। मगर मुकदमा दर्ज नहीं किया था।
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रविवार को मृतक की पत्नी के मायके व ससुराल वालों में खेड़की में समझौता वार्ता चल रही थी। इसी बीच पुलिस मृतक के आरोपी भाई संजीव को पकड़ कर थाने ले आई। तब दोनों पक्षों के ग्रामीणों ने थाने पहुंच कर पुलिस से संजीव को छोड़ने की मांग की थी। मगर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ज्ञानेश्वर बौद्ध द्वारा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रजनीश की मौत जहर से नहीं दम घुटने से होने की बात बताई तो सभी ग्रामीण वापस लौट गए थे।
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पुलिस ने रविवार रात मृतक के आरोपी पिता अतर सिंह, माता चंद्रो व भाई संजीव, भाभी टीना के विरुद्ध हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया। जांच पड़ताल के बाद आत्महत्या के लिए प्रेरित करने की धाराओं में मुकदमा तरमीम किया गया और संजीव का सोमवार को चालान कर दिया। प्रभारी निरीक्षक का कहना है कि मुकदमा हत्या की धारा में ही दर्ज किया गया था। विवेचना में आत्महत्या करने की बात सामने आने पर मुकदमे को आत्महत्या से प्रेरित करने की धाराओं में तरमीम कर दिया गया है।
थाना प्रभारी दे रहे अलग अलग जानकारी
कोतवाली प्रभारी इस मामले में बार बार अलग अलग जानकारी दे रहे है। पहले उन्होंने ग्रामीणों के सामने बताया था कि रजनीश की मौत दम घुटने से हुई है। बाद में आत्महत्या के लिए प्रेरित करने की जानकारी दी। इसके अलावा बताया कि मौत का कारण डाक्टरों ने जहर खाना बताया है। ऐसी संभावना जताते हुए डाक्टरों ने बिसरा पिजर्व किया है।
मृतक की पत्नी को टरकाया था
बृहस्पतिवार को रजनीश की मौत दोपहर में हो गई थी। पत्नी की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की थी बल्कि उसे थाने से टकरा दिया था। मायके पक्ष के लोगों के हंगामा करने पर रजनीश की मौत के लगभग छह सात घंटे बाद पुलिस ने शव का पंचनामा भरा था। अगले दिन पोस्टमार्टम हुआ था।
उस दिन दो युवकों की मौत हुई थी। एक युवक की दम घुटने व रजनीश की मौत जहर का सेवन करने की संभावना जताते हुए डाक्टरों ने रिपोर्ट बनाई है। साथ ही बिसरा भी प्रीजर्व किया है।
-अर्पित विजयवर्गीय, एसपी सिटी