फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   In Kutesara, food is prepared on a stove for 35 members.

कुटेसरा में 35 सदस्यों का एक चूल्हे पर बनता है खाना

Sun, 15 May 2022 12:06 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 15 May 2022 12:06 AM IST
विज्ञापन
In Kutesara, food is prepared on a stove for 35 members.
कुटेसरा में एक साथ नमाज अदा करने बाद सामूहिक परिवार के सदस्य (फाइल फोटो) - फोटो : MUZAFFARNAGAR
मुजफ्फरनगर, चरथावल। बदलते परिवेश में पांच भाईयों के परिवार के 35 सदस्यों का खाना एक चूल्हे पर बनता है। कुटेसरा गांव में खेती किसानी से जुड़े मरहूब नसीबूद्दीन के परिवार की एकजुटता की पहचान अलग है। जिसकी हर कोई चर्चा करता है। कोई समारोह या त्योहार, परिवार के सदस्य इकट्ठा होते है, तो ईद की मानिंद घर-आंगन में खुशियां महक उठती है।
विज्ञापन

ब्लॉक के सबसे बड़े और हस्त निर्मित कल्टीवेटर उद्योग के नाम से नामचीन कुटेसरा गांव में प्रगतिशील किसान रहें नसीबूद्दीन का सामूहिक परिवार मिसाल बना है। नसीबूद्दीन को बंटवारे में 100 बीघा जमीन मिली थी। मेहनत के दम पर उन्होंने 150 बीघा जमीन और खरीद ली। वर्ष 2015 उनके इंतकाल के बाद पिछले वर्ष उनकी पत्नी अतीकन की मृत्यु हो गई थी। लेकिन माता-पिता के संस्कारों और तजुर्बों के साथ बेटे और पौते सामूहिक रूप से खेतीबाड़ी में जुट गए। गांव में प्रगतिशील और संपन्नता के रूप में परिवार की पहचान है। एक भाई के इंतकाल के बाद वर्तमान में रिजवान, फुरकान, इमरान और इकराम सहित चार भाई है। इमरान दिल्ली में सिविल इंजीनियर है। वह परिवार सहित वहीं रहते हैं। तीन भाई और बच्चें गांव में खेतीबाड़ी करते है।
विज्ञापन

रसोई में चौथे दिन लगता एक गृहिणी का नंबर
रसोई में चौथे दिन खाना बनाने का नंबर लगता है। बेटियां हाथ बंटाती है, हर काम बंटा है। मेहमान हो या मेजबान, घर आने पर आतिथ्य सेवा का दायित्व वहीं निभाती है, जिसका उस दिन नंबर रहता है। किसी में कोई मनमुटाव नहीं रहता। गांव में तीन मंजिल की इमारत में पांचों भाईयों के कमरे अलग-अलग है। फुरकान बताते है इमरान दिल्ली से गांव आने के लिए आतुर रहते है। महीने में उनका पूरा परिवार एक बार गांव आता है। दिल्ली में वह मित्रों से कहता है ‘मेरा गांव मेरी जन्नत’ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

गोवंश सहित 35 मवेशियों पर आठ नौकर
फुरकान बताते है गांव में बैल, दो गाय और अन्य मवेशियों की संख्या 35 है। पशुपालन और खेतीबाड़ी में आठ नौकर नियमित रहते है। ईख का भुगतान हो या अन्य आमदनी, सभी का हिसाब एक जगह रहता है।

कसौली में चार पीढ़ियों का परिवार बना है मिसाल
कसौली में 91वर्षीय चंद्रवती के परिवार की चार पीढ़ियों के संयुक्त परिवार का खाना एक चूल्हे पर बनता है। बुजुर्गों के आदर्श और संस्कार में पले बढ़ें सुखपाल सहित पांच भाईयों के परिवार की एकजुटता की अलग पहचान है। चंद्रवती के परिवार में पुत्र पुत्रवधू और पौत्र-पौत्री शामिल है। शादी समारोह और त्योहार पर एक छत के नीचे 30 सदस्य इकट्ठा होकर मनाते है, तो बेशुमार खुशियां बिखरती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed