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होली पर मौत का सामान परोसने की पूरी तैयारी
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देवबंद के एक गांव के जंगल में सुगली अवैध शराब की भट्टी
- फोटो : DEVBAND
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देवबंद (सहारनपुर)। कच्ची शराब माफिया ने होली के त्योहार पर लोगों को मौत का सामान परोसने की पूरी तैयारी की हुई है। खेतों और घरों में अवैध शराब की भट्ठियां गांव दर गांव सुलगने लगी हैं, ताकि होली पर्व पर मोटी कमाई की जा सके। लेकिन पुलिस और आबकारी विभाग इन सबसे पूरी तरह बेपरवाह है।
फरवरी 2019 और सितंबर 2009 में जहरीली शराब ने मौत का जो तांडव मचाया था, उसको याद कर आज भी रुह कांप जाती है। जहरीले शराब कांड की त्रासदी ने सभी को हिलाकर रख दिया था। शासन की सख्ती हुई तो सिस्टम हरकत में आया और बड़े पैमाने पर अवैध शराब माफियाओं की धर पकड़ शुरू की, लेकिन यह सब कुछ दिन ही चला। उसके बाद व्यवस्था फिर से पुराने ढर्रे पर पहुंच गई। देवबंद क्षेत्र में फिर से कच्ची शराब माफिया ने कारोबार को पंख लगा दिए। बड़े पैमाने पर लोगों को मौत का सामान परोसने की तैयारी में लगे शराब माफिया करनाल से रेक्टीफाइड केमिकल मंगा रहे हैं।
यूपी-उत्तराखंड बार्डर से सटे गांव से होती है बड़ी सप्लाई
कच्ची शराब की सबसे ज्यादा सप्लाई उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड बार्डर से सटे एक गांव और देवबंद में सहारनपुर-मुजफ्फरनगर हाईवे पर स्थित एक ढाबे से हो रही है। सूत्रों का दावा है कि पुलिस और आबकारी विभाग के अधिकारियों को दोनों स्थानों की जानकारी है। लेकिन उसके बाद भी इनके विरुद्ध कार्रवाई नहीं की जाती है। बारीकी से जांच की जाए तो इनमें बड़ा खेल सामने आ सकता है।
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-शराब माफियाओं पर हो रही छापामारी: धीरेंद्र
एक मार्च से 10 मार्च तक कच्ची शराब माफियाओं के विरुद्ध अभियान चलाया हुआ है। लगातार छापामारी भी की जा रही है। जो कोई भी इस धंधे को संचालित करते पकड़ा जा रहा है उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
धीरेंद्र चौधरी, जिला आबकारी निरीक्षक
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फरवरी 2019 और सितंबर 2009 में जहरीली शराब ने मौत का जो तांडव मचाया था, उसको याद कर आज भी रुह कांप जाती है। जहरीले शराब कांड की त्रासदी ने सभी को हिलाकर रख दिया था। शासन की सख्ती हुई तो सिस्टम हरकत में आया और बड़े पैमाने पर अवैध शराब माफियाओं की धर पकड़ शुरू की, लेकिन यह सब कुछ दिन ही चला। उसके बाद व्यवस्था फिर से पुराने ढर्रे पर पहुंच गई। देवबंद क्षेत्र में फिर से कच्ची शराब माफिया ने कारोबार को पंख लगा दिए। बड़े पैमाने पर लोगों को मौत का सामान परोसने की तैयारी में लगे शराब माफिया करनाल से रेक्टीफाइड केमिकल मंगा रहे हैं।
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यूपी-उत्तराखंड बार्डर से सटे गांव से होती है बड़ी सप्लाई
कच्ची शराब की सबसे ज्यादा सप्लाई उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड बार्डर से सटे एक गांव और देवबंद में सहारनपुर-मुजफ्फरनगर हाईवे पर स्थित एक ढाबे से हो रही है। सूत्रों का दावा है कि पुलिस और आबकारी विभाग के अधिकारियों को दोनों स्थानों की जानकारी है। लेकिन उसके बाद भी इनके विरुद्ध कार्रवाई नहीं की जाती है। बारीकी से जांच की जाए तो इनमें बड़ा खेल सामने आ सकता है।
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-शराब माफियाओं पर हो रही छापामारी: धीरेंद्र
एक मार्च से 10 मार्च तक कच्ची शराब माफियाओं के विरुद्ध अभियान चलाया हुआ है। लगातार छापामारी भी की जा रही है। जो कोई भी इस धंधे को संचालित करते पकड़ा जा रहा है उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
धीरेंद्र चौधरी, जिला आबकारी निरीक्षक

Illegal liquor kilns are burning from village to village- फोटो : DEVBAND