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पत्नी की हत्या में पति को दस साल की सजा
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पत्नी की हत्या में पति को दस साल की सजा
मुजफ्फरनगर। कोर्ट ने दहेज हत्या के मामले में पति को दस साल के कारावास और 15 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। मृतका के ससुर को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया।
एडीजीसी रेणु शर्मा ने बताया कि बागपत जिले के गांव दोघट निवासी अखिलेश ने बुढ़ाना कोतवाली में 28 अक्तूबर 2016 को यह मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसकी बेटी अंजना की शादी कोतवाली बुढ़ाना के गांव सठेड़ी निवासी सुदेश पुत्र राजकुमार के साथ 22 नवंबर 2015 को हुई थी। दहेज की मांग पूरी न होने पर 28 अक्तूबर 2016 में बेटी अंजना की हत्या कर दी गई। इस मुकदमे में वादी ने अंजना के पति सुदेश व ससुर राजकुमार को आरोपी बनाया था। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मधु गुप्ता की अदालत फास्ट ट्रक कोर्ट द्वितीय में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से छह गवाह और सबूत पेश किए गए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए मृतका के पति सुदेश को दहेज मांगने व हत्या करने का दोषी करार देते हुए धारा 304 बी के तहत दस वर्ष का कारावास और 15 हजार रुपया का जुर्माना की सजा सुनाई है। सह अभियुक्त मृतका के ससुर राजकुमार को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया।
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मुजफ्फरनगर। कोर्ट ने दहेज हत्या के मामले में पति को दस साल के कारावास और 15 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। मृतका के ससुर को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया।
एडीजीसी रेणु शर्मा ने बताया कि बागपत जिले के गांव दोघट निवासी अखिलेश ने बुढ़ाना कोतवाली में 28 अक्तूबर 2016 को यह मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसकी बेटी अंजना की शादी कोतवाली बुढ़ाना के गांव सठेड़ी निवासी सुदेश पुत्र राजकुमार के साथ 22 नवंबर 2015 को हुई थी। दहेज की मांग पूरी न होने पर 28 अक्तूबर 2016 में बेटी अंजना की हत्या कर दी गई। इस मुकदमे में वादी ने अंजना के पति सुदेश व ससुर राजकुमार को आरोपी बनाया था। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मधु गुप्ता की अदालत फास्ट ट्रक कोर्ट द्वितीय में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से छह गवाह और सबूत पेश किए गए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए मृतका के पति सुदेश को दहेज मांगने व हत्या करने का दोषी करार देते हुए धारा 304 बी के तहत दस वर्ष का कारावास और 15 हजार रुपया का जुर्माना की सजा सुनाई है। सह अभियुक्त मृतका के ससुर राजकुमार को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया।
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