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‘बड़े त्याग और तपस्या के बाद मिलता है मानव जीवन’
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शुकतीर्थ दंडी आश्रम में श्रीमद भागवत कथा सुनाते कथा व्यास आचार्य राममूर्ति मिश्र।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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मोरना। कथा व्यास आचार्य राममूर्ति मिश्र ने कहा कि वायु मंडल में शब्द घूमते रहते हैं। आकाश का गुण है शब्द। अच्छे शब्द जहां पहुंचते हैं, वहां शांति का निवास होता है। जहां बुरे शब्द जाते हैं, वहां लड़ाई झगडे़, अत्याचार आदि बुरे कार्य स्वयं होते रहते है। मानव जीवन बडे़ त्याग और तपस्या के बाद मिलता है। इसे व्यर्थ गंवाना अपराध है।
तीर्थ नगरी शुकतीर्थ स्थित दंडी आश्रम में दंडी स्वामी ब्रह्मलीन स्वामी विष्णु आश्रम महाराज के 18वें निर्वाण महा महोत्सव पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन उन्होंने कहा कि मानव को भगवान की भक्ति करनी चाहिए। दीन दुखी, जरूरतमंदों की मदद करनी चाहिए। मानव के जीवन में सत्संग का बहुत बड़ा महत्व है।
सत्संग सुनने से मनुष्य के आचारों विचारों में परिवर्तन आता है। सत्संग मानव जीवन की दिशा ही बदल देता है। कथा में भगवान के भजनों का गुणगान किया गया। महिलाओं ने भजनों पर खूब नृत्य किया। व्यास पूजन के बाद भगवान की सामूहिक आरती की गई। कथा के आयोजन में जगदीश वशिष्ठ, राजकुमार राज, मनोहर लाल शर्मा, गोपाल मौजूद रहे।
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तीर्थ नगरी शुकतीर्थ स्थित दंडी आश्रम में दंडी स्वामी ब्रह्मलीन स्वामी विष्णु आश्रम महाराज के 18वें निर्वाण महा महोत्सव पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन उन्होंने कहा कि मानव को भगवान की भक्ति करनी चाहिए। दीन दुखी, जरूरतमंदों की मदद करनी चाहिए। मानव के जीवन में सत्संग का बहुत बड़ा महत्व है।
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सत्संग सुनने से मनुष्य के आचारों विचारों में परिवर्तन आता है। सत्संग मानव जीवन की दिशा ही बदल देता है। कथा में भगवान के भजनों का गुणगान किया गया। महिलाओं ने भजनों पर खूब नृत्य किया। व्यास पूजन के बाद भगवान की सामूहिक आरती की गई। कथा के आयोजन में जगदीश वशिष्ठ, राजकुमार राज, मनोहर लाल शर्मा, गोपाल मौजूद रहे।
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