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हिंदी आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की मजबूत कड़ी
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ऑन लाइन हिन्दी दिवस मनाते आईडियल किडस स्कूल के विद्यार्थी।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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हिंदी आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की मजबूत कड़ी
मुजफ्फरनगर। एसडी पब्लिक स्कूल में हिन्दी पखवाड़ा के तहत हिंदी दिवस समारोह का ऑनलाइन आयोजन हुआ। छात्र-छात्राओं ने कविता, सुविचार, लघु नाटिका, समाचार वाचन के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। एसडी कॉलेज ऑफ कॉमर्स में भी आयोजन हुआ। एसडी कॉलेज ऑफ कॉमर्स में हिंदी दिवस पर संगोष्ठी का आयोजन हुआ। प्राचार्य डॉ सचिन गोयल ने हिंदी दिवस के महत्व पर विचार रखे। उन्होंने यह भी कहा कि हिंदी आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की एक मजबूत कड़ी है।
एसडी पब्लिक स्कूल की ऑनलाइन कक्षा में सभी विद्यार्थियों द्वारा हिंदी कविता, सुविचार, लघुकथा, समाचार-पत्र वाचन आदि के माध्यम से राष्ट्रभाषा हिंदी के प्रति सम्मान प्रकट किया गया। बच्चों ंके साथ-साथ उनके माता-पिता, दादा-दादी व नाना-नानी ने भी नई टेक्नोलॉजी का लाभ उठाते हुए ऑनलाइन कक्षा में लघु कथा तथा कविताएं सुनाईं। हिंदी के महत्व के ऊपर कोलॉज तथा बुकमार्क प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया, जिसमें बच्चों ने बड़े ही आकर्षक तरीके से हिंदी के महत्व को दर्शाते हुए अपनी वीडियो भेजी। बच्चों के इस प्रयास को देखकर सभी ने दांतों तले उंगली दबा ली।
स्कूल में शिक्षिकाओं ने हिंदी प्रार्थना सुनाई तथा यामिनी द्वारा एक सुंदर कविता, सुरभि तथा शीना द्वारा सुविचार प्रस्तुत किए गए। मंच संचालन रीतु सैनी तथा जसवीर कौर ने किया। मीडिल विंग इंचार्ज गीता मित्तल ने हिंदी के महत्व पर प्रकाश डाला। प्रधानाचार्या चंचल सक्सेना ने हिंदी दिवस की सभी को शुभकामनाएं दीं। एसडी कॉलेज ऑफ कॉमर्स में हिंदी दिवस पर संगोष्ठी का आयोजन हुआ। प्राचार्य डॉ सचिन गोयल ने हिंदी दिवस के महत्व पर विचार रखे। उन्होंने यह भी कहा कि हिंदी आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की एक मजबूत कड़ी है। अंग्रेजी, स्पेनिश और मैंडरिन के बाद हिंदी दुनिया में चौथी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है। अपने वक्तव्य के अंत में उन्होंने कहा कि हिंदी दिवस यानी 14 सितंबर वह दिन है, जब हम सब अपनी राष्ट्रभाषा हिंदी का प्रचार व प्रसार करते हैं। डॉ दीपक मलिक, एकता मित्तल, रवि अग्रवाल, मानसी अरोरा, नीतु गुप्ता, सपना, विपाशा, नूपुर, आकांक्षा, अंकित धामा, कमर रजा, संकेत जैन, कमर रजा, कृष्ण कुमार, कुशलवीर, दीपक गुप्ता आदि का योगदान रहा।
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हिंदी के उत्थान को सोच बदलना जरूरी
मुजफ्फरनगर। शिवचौक पर लंबे समय से धरना दे रहे विजय सिंह का कहना है कि हिंदी देश की राष्ट्र भाषा है। यह भी देखने में आता है कि जो लोग खुद हिंदी माध्यम से रोजगार पाते हैं, हिंदी का खाते हैं, वे भी अंग्रेजी के ही गुण गाते हैं यानी वे भी हिंदी के बजाय अंग्रेजी को ही वरीयता देते हैं। इंग्लिश मीडियम के कारण भावी पीढ़ी हिंदी से दूर होती जा रही है। आज हिंदी बोल चाल व लेखन में लगभग 30 प्रतिशत अंग्रेजी के शब्द ही प्रयोग हो रहे हैं जो हिंदी भाषा के लिए घातक सिद्ध होंगे इंग्लिश मीडियम के कारण आज भारतीय संस्कृति व हिंदी पिछड़ रही है।
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मुजफ्फरनगर। एसडी पब्लिक स्कूल में हिन्दी पखवाड़ा के तहत हिंदी दिवस समारोह का ऑनलाइन आयोजन हुआ। छात्र-छात्राओं ने कविता, सुविचार, लघु नाटिका, समाचार वाचन के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। एसडी कॉलेज ऑफ कॉमर्स में भी आयोजन हुआ। एसडी कॉलेज ऑफ कॉमर्स में हिंदी दिवस पर संगोष्ठी का आयोजन हुआ। प्राचार्य डॉ सचिन गोयल ने हिंदी दिवस के महत्व पर विचार रखे। उन्होंने यह भी कहा कि हिंदी आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की एक मजबूत कड़ी है।
एसडी पब्लिक स्कूल की ऑनलाइन कक्षा में सभी विद्यार्थियों द्वारा हिंदी कविता, सुविचार, लघुकथा, समाचार-पत्र वाचन आदि के माध्यम से राष्ट्रभाषा हिंदी के प्रति सम्मान प्रकट किया गया। बच्चों ंके साथ-साथ उनके माता-पिता, दादा-दादी व नाना-नानी ने भी नई टेक्नोलॉजी का लाभ उठाते हुए ऑनलाइन कक्षा में लघु कथा तथा कविताएं सुनाईं। हिंदी के महत्व के ऊपर कोलॉज तथा बुकमार्क प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया, जिसमें बच्चों ने बड़े ही आकर्षक तरीके से हिंदी के महत्व को दर्शाते हुए अपनी वीडियो भेजी। बच्चों के इस प्रयास को देखकर सभी ने दांतों तले उंगली दबा ली।
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स्कूल में शिक्षिकाओं ने हिंदी प्रार्थना सुनाई तथा यामिनी द्वारा एक सुंदर कविता, सुरभि तथा शीना द्वारा सुविचार प्रस्तुत किए गए। मंच संचालन रीतु सैनी तथा जसवीर कौर ने किया। मीडिल विंग इंचार्ज गीता मित्तल ने हिंदी के महत्व पर प्रकाश डाला। प्रधानाचार्या चंचल सक्सेना ने हिंदी दिवस की सभी को शुभकामनाएं दीं। एसडी कॉलेज ऑफ कॉमर्स में हिंदी दिवस पर संगोष्ठी का आयोजन हुआ। प्राचार्य डॉ सचिन गोयल ने हिंदी दिवस के महत्व पर विचार रखे। उन्होंने यह भी कहा कि हिंदी आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की एक मजबूत कड़ी है। अंग्रेजी, स्पेनिश और मैंडरिन के बाद हिंदी दुनिया में चौथी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है। अपने वक्तव्य के अंत में उन्होंने कहा कि हिंदी दिवस यानी 14 सितंबर वह दिन है, जब हम सब अपनी राष्ट्रभाषा हिंदी का प्रचार व प्रसार करते हैं। डॉ दीपक मलिक, एकता मित्तल, रवि अग्रवाल, मानसी अरोरा, नीतु गुप्ता, सपना, विपाशा, नूपुर, आकांक्षा, अंकित धामा, कमर रजा, संकेत जैन, कमर रजा, कृष्ण कुमार, कुशलवीर, दीपक गुप्ता आदि का योगदान रहा।
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हिंदी के उत्थान को सोच बदलना जरूरी
मुजफ्फरनगर। शिवचौक पर लंबे समय से धरना दे रहे विजय सिंह का कहना है कि हिंदी देश की राष्ट्र भाषा है। यह भी देखने में आता है कि जो लोग खुद हिंदी माध्यम से रोजगार पाते हैं, हिंदी का खाते हैं, वे भी अंग्रेजी के ही गुण गाते हैं यानी वे भी हिंदी के बजाय अंग्रेजी को ही वरीयता देते हैं। इंग्लिश मीडियम के कारण भावी पीढ़ी हिंदी से दूर होती जा रही है। आज हिंदी बोल चाल व लेखन में लगभग 30 प्रतिशत अंग्रेजी के शब्द ही प्रयोग हो रहे हैं जो हिंदी भाषा के लिए घातक सिद्ध होंगे इंग्लिश मीडियम के कारण आज भारतीय संस्कृति व हिंदी पिछड़ रही है।