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Muzaffarnagar News: देवबंद कोतवाली से चोरी और मूंछ के बेटे से बरामद रिवाल्वर के मामले में दोबारा होगी सुनवाई
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- निगरानी कर्ता की याचिका पर एडीजे-7 ने जारी किए आदेश
- पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए डीजीपी को लिखा गया पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। सहारनपुर की देवबंद कोतवाली से चोरी रिवाल्वर के माफिया सुशील मूंछ के बेटे से बरामद होने के मामले में नया मोड़ आ गया है। अपर सत्र न्यायालय संख्या सात के पीठासीन अधिकारी शक्ति सिंह ने निचली अदालत के आदेश को अपास्त (खारिज) कर दिया है। निगरानी कर्ता को सुनवाई का पूरा समय दिए जाने के आदेश दिए हैं। सुनवाई के लिए 28 जून की तिथि तय की गई है।
सहायक शासकीय अधिवक्त परमिंद्र कुमार ने बताया कि देवबंद थाना क्षेत्र के गांव डेहरा निवासी ललित का लाइसेंसी रिवाल्वर देवबंद कोतवाली के मालखाने से चोरी हो गया था। आठ साल बाद यह रिवाल्वार माफिया सुशील मूंछ के बेटे विक्की से रतनपुरी पुलिस ने बरामद किया। निगरानी कर्ता ललित ने रिवाल्वर के रिलीज की अर्जी एसीजेएम द्वितीय कोर्ट में दाखिल की, जिसे खारिज कर दिया था।
इसके बाद निगरानीकर्ता ने निचली अदालत के फैसले के खिलाफ रिवीजन दायर किया था। इसकी सुनवाई अपर सत्र न्यायालय संख्या सात के पीठासीन अधिकारी शक्ति सिंह ने की। शुक्रवार को अदालत ने तीन मार्च को दिए गए निचली अदालत के आदेश को खारिज करते हुए आदेश दिए कि निगरानीकर्ता को सुनवाई का सम्यक अवसर प्रदान किया जाए, इसके बाद विधि सम्मत आदेश पारित किया जाए।
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ये था मामला
सहारनपुर के गांव डेहरा निवासी ललित कुमार की लाइसेंसी रिवाल्वर कोतवाली देवबंद में एक माल मुकदमे में जमा था। मुकदमा खत्म होने के बाद जिलाधिकारी ने लाइसेंस बहाल कर दिया। अप्रैल वर्ष 2015 में वह डीएम का आदेश लेकर कोतवाली देवबंद में रिवाल्वर लेने पहुंचा। उसे बताया गया कि मालखाने से रिवाल्वर चोरी हो गया है। निगरानीकर्ता ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा कायम कराया था। पुलिस ने विवेचना के बाद मामले में एफआर लगा दी थी। नाटकीय ढंग से आठ साल बाद यह रिवाल्वर रतनपुरी थाना पुलिस ने तीन जनवरी 2023 को मथेड़ी निवासी सुशील मूंछ के लड़के विवेक उर्फ विक्की से बरामद किया था। निगरानीकर्ता ने एसीजेएम कोर्ट में रिवॉल्वर को रिलीज कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था, जिसे खारिज कर दिया गया। इसके बाद ऊपरी अदालत में रिवीजन दाखिल किया गया था।
देवबंद पुलिस की भूमिका आपत्तिजनक
अदालत ने देवबंद पुलिस की भूमिका को आपत्तिजनक मानते हुए डीजीपी को पत्र लिखा है। विवेचक ने एफआर लगाते हुए यह भी लिखा था कि मालखाने में मालखाना इंचार्ज के अलावा कई अन्य लोगों का भी आना जाना था। अदालत ने पुलिसकर्मियों को चिह्नित कर अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने के लिए पत्र लिखा है।
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- पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए डीजीपी को लिखा गया पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। सहारनपुर की देवबंद कोतवाली से चोरी रिवाल्वर के माफिया सुशील मूंछ के बेटे से बरामद होने के मामले में नया मोड़ आ गया है। अपर सत्र न्यायालय संख्या सात के पीठासीन अधिकारी शक्ति सिंह ने निचली अदालत के आदेश को अपास्त (खारिज) कर दिया है। निगरानी कर्ता को सुनवाई का पूरा समय दिए जाने के आदेश दिए हैं। सुनवाई के लिए 28 जून की तिथि तय की गई है।
सहायक शासकीय अधिवक्त परमिंद्र कुमार ने बताया कि देवबंद थाना क्षेत्र के गांव डेहरा निवासी ललित का लाइसेंसी रिवाल्वर देवबंद कोतवाली के मालखाने से चोरी हो गया था। आठ साल बाद यह रिवाल्वार माफिया सुशील मूंछ के बेटे विक्की से रतनपुरी पुलिस ने बरामद किया। निगरानी कर्ता ललित ने रिवाल्वर के रिलीज की अर्जी एसीजेएम द्वितीय कोर्ट में दाखिल की, जिसे खारिज कर दिया था।
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इसके बाद निगरानीकर्ता ने निचली अदालत के फैसले के खिलाफ रिवीजन दायर किया था। इसकी सुनवाई अपर सत्र न्यायालय संख्या सात के पीठासीन अधिकारी शक्ति सिंह ने की। शुक्रवार को अदालत ने तीन मार्च को दिए गए निचली अदालत के आदेश को खारिज करते हुए आदेश दिए कि निगरानीकर्ता को सुनवाई का सम्यक अवसर प्रदान किया जाए, इसके बाद विधि सम्मत आदेश पारित किया जाए।
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ये था मामला
सहारनपुर के गांव डेहरा निवासी ललित कुमार की लाइसेंसी रिवाल्वर कोतवाली देवबंद में एक माल मुकदमे में जमा था। मुकदमा खत्म होने के बाद जिलाधिकारी ने लाइसेंस बहाल कर दिया। अप्रैल वर्ष 2015 में वह डीएम का आदेश लेकर कोतवाली देवबंद में रिवाल्वर लेने पहुंचा। उसे बताया गया कि मालखाने से रिवाल्वर चोरी हो गया है। निगरानीकर्ता ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा कायम कराया था। पुलिस ने विवेचना के बाद मामले में एफआर लगा दी थी। नाटकीय ढंग से आठ साल बाद यह रिवाल्वर रतनपुरी थाना पुलिस ने तीन जनवरी 2023 को मथेड़ी निवासी सुशील मूंछ के लड़के विवेक उर्फ विक्की से बरामद किया था। निगरानीकर्ता ने एसीजेएम कोर्ट में रिवॉल्वर को रिलीज कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था, जिसे खारिज कर दिया गया। इसके बाद ऊपरी अदालत में रिवीजन दाखिल किया गया था।
देवबंद पुलिस की भूमिका आपत्तिजनक
अदालत ने देवबंद पुलिस की भूमिका को आपत्तिजनक मानते हुए डीजीपी को पत्र लिखा है। विवेचक ने एफआर लगाते हुए यह भी लिखा था कि मालखाने में मालखाना इंचार्ज के अलावा कई अन्य लोगों का भी आना जाना था। अदालत ने पुलिसकर्मियों को चिह्नित कर अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने के लिए पत्र लिखा है।