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कवाल कांड में सुनवाई पूरी, फैसला छह को
Thu, 24 Jan 2019 12:22 AM IST
Deepak Kausik
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Published by: Deepak Kausik
Updated Thu, 24 Jan 2019 12:22 AM IST
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गौरव और सचिन, जिनकी हत्या के बाद कवाल में हिंसा हुई।
- फोटो : अमर उजाला
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लगभग साढ़े पांच साल पहले जानसठ के कवाल में हुई मलिकपुरा के ममेरे भाइयों सचिन और गौरव की हत्या के मामले में अदालत में दोनों पक्षों के तर्क और बहस पूरी हो गई। वादी पक्ष के अधिवक्ता अनिल जिंदल ने बताया कि एडीजे हिमांशु भटनागर की कोर्ट संख्या- सात ने जजमेंट के लिए छह फरवरी नियत की है। इस दोहरे हत्याकांड सात आरोपी है, जिनमें से पांच जेल में बंद हैं, जबकि दो जमानत पर बाहर चल रहे हैं।
सचिन और गौरव की हत्या के बाद कवाल कांड अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आ गया था और इसको लेकर हुई पंचायत के बाद सात सितंबर 2013 को जिले में दंगा भडक़ गया था। जानसठ कोतवाली के गांव कवाल में 27 अगस्त 2013 को बहन से छेड़छाड़ का विरोध करने पर मलिकपुरा के ममेरे भाइयों सचिन और गौरव की कवाल के शाहनवाज के साथ कहासुनी के बाद मारपीट हो गई थी, जिसमें घायल हुए शाहनवाज ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था।
शाहनवाज की मौत के बाद लोगों ने गौरव और सचिन की बेहरमी से पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मृतक गौरव के पिता रविंद्र की ओर से जानसठ कोतवाली में मुजस्सिम, मुजम्मिल, फुरकान, नदीम, जहांगीर, शाहनवाज (मृतक), अफजाल और इकबाल के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया था, जबकि मृतक शाहनवाज के पिता सलीम की ओर से दोनों मृतकों सचिन व गौरव के अलावा उनके परिजनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
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एसआईटी ने जांच के बाद शाहनवाज हत्याकांड में एफआर लगा दी थी, जबकि दोहरे हत्याकांड में पांच आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दी थी। अफजाल और इकबाल को क्लीन चिट दे दी थी। यह मुकदमा एडीजे हिमांशु भटनागर की कोर्ट संख्या-सात में चल रहा है। कोर्ट में सुनवाई के दौरान अफजाल और इकबाल को समन भेज कर कोर्ट ने तलब किया था। जिन्हें बाद में जेल भेज दिया गया था। बाद में दोनों जेल से जमानत पर छूट गए थे।
इस मामले में पांच आरोपी मुजस्सिम, मुजम्मिल, फुरकान, नदीम, जहांगीर तभी से जेल में बंद है। वादी पक्ष के अधिवक्ता अनिल जिंदल ने बताया कि अदालत में दोनों पक्षों के तर्क और बहस पूरी हो गई है। अभियोजन पक्ष की ओर से दस और बचाव पक्ष की ओर से पांच गवाह कोर्ट में पेश हुए। अधिवक्ता जिंदल ने बताया कि अदालत ने कवाल कांड में जजमेंट के लिए छह फरवरी की तारीख नियत की है।
बुलंदशहर जेल में बंद है मुजम्मिल
मुजफ्फरनगर। कवाल कांड का एक आरोपी मुजम्मिल इस समय बुलंदशहर जेल में बंद है। वादी पक्ष के अधिवक्ता अनिल जिंदल ने बताया कि चार साल पहले यहां जेल में तैनात बंदी रक्षक चुन्लीलाल की जेल के बाहर ही गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में विक्की त्यागी के अलावा मुजम्मिल को भी नामजद किया गया था। उसी दौरान उसे यहां की जेल से बुलंदशहर की जेल में भेज दिया गया था। कोर्ट में सुनवाई के दौरान उसकी बुलंदशहर जेल से ही वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये पेशी हुई।
शाहनवाज हत्याकांड में आरोपियों के एनबीडब्लयू जारी
मुजफ्फरनगर। एसआईटी ने जांच में शाहनवाज हत्याकांड में एफआर लगा दी थी। बाद में शाहनवाज के पिता सलीम की ओर से अपने अधिवक्ता के जरिये कोर्ट में प्रार्थना पत्र डाला गया, जिसे कुछ माह पहले कोर्ट ने स्वीकार करते हुए शाहनवाज हत्याकांड में मृतक गौरव के पिता रविंद्र सिंह समेत पांच आरोपियों को तलब किया गया, मगर वे कोर्ट में पेश नहीं हुए, जिस कारण डेढ़ माह पहले कोर्ट ने रविंद्र सिंह समेत सभी पांचों आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिए थे।
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सचिन और गौरव की हत्या के बाद कवाल कांड अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आ गया था और इसको लेकर हुई पंचायत के बाद सात सितंबर 2013 को जिले में दंगा भडक़ गया था। जानसठ कोतवाली के गांव कवाल में 27 अगस्त 2013 को बहन से छेड़छाड़ का विरोध करने पर मलिकपुरा के ममेरे भाइयों सचिन और गौरव की कवाल के शाहनवाज के साथ कहासुनी के बाद मारपीट हो गई थी, जिसमें घायल हुए शाहनवाज ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था।
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शाहनवाज की मौत के बाद लोगों ने गौरव और सचिन की बेहरमी से पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मृतक गौरव के पिता रविंद्र की ओर से जानसठ कोतवाली में मुजस्सिम, मुजम्मिल, फुरकान, नदीम, जहांगीर, शाहनवाज (मृतक), अफजाल और इकबाल के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया था, जबकि मृतक शाहनवाज के पिता सलीम की ओर से दोनों मृतकों सचिन व गौरव के अलावा उनके परिजनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
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एसआईटी ने जांच के बाद शाहनवाज हत्याकांड में एफआर लगा दी थी, जबकि दोहरे हत्याकांड में पांच आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दी थी। अफजाल और इकबाल को क्लीन चिट दे दी थी। यह मुकदमा एडीजे हिमांशु भटनागर की कोर्ट संख्या-सात में चल रहा है। कोर्ट में सुनवाई के दौरान अफजाल और इकबाल को समन भेज कर कोर्ट ने तलब किया था। जिन्हें बाद में जेल भेज दिया गया था। बाद में दोनों जेल से जमानत पर छूट गए थे।
इस मामले में पांच आरोपी मुजस्सिम, मुजम्मिल, फुरकान, नदीम, जहांगीर तभी से जेल में बंद है। वादी पक्ष के अधिवक्ता अनिल जिंदल ने बताया कि अदालत में दोनों पक्षों के तर्क और बहस पूरी हो गई है। अभियोजन पक्ष की ओर से दस और बचाव पक्ष की ओर से पांच गवाह कोर्ट में पेश हुए। अधिवक्ता जिंदल ने बताया कि अदालत ने कवाल कांड में जजमेंट के लिए छह फरवरी की तारीख नियत की है।
बुलंदशहर जेल में बंद है मुजम्मिल
मुजफ्फरनगर। कवाल कांड का एक आरोपी मुजम्मिल इस समय बुलंदशहर जेल में बंद है। वादी पक्ष के अधिवक्ता अनिल जिंदल ने बताया कि चार साल पहले यहां जेल में तैनात बंदी रक्षक चुन्लीलाल की जेल के बाहर ही गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में विक्की त्यागी के अलावा मुजम्मिल को भी नामजद किया गया था। उसी दौरान उसे यहां की जेल से बुलंदशहर की जेल में भेज दिया गया था। कोर्ट में सुनवाई के दौरान उसकी बुलंदशहर जेल से ही वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये पेशी हुई।
शाहनवाज हत्याकांड में आरोपियों के एनबीडब्लयू जारी
मुजफ्फरनगर। एसआईटी ने जांच में शाहनवाज हत्याकांड में एफआर लगा दी थी। बाद में शाहनवाज के पिता सलीम की ओर से अपने अधिवक्ता के जरिये कोर्ट में प्रार्थना पत्र डाला गया, जिसे कुछ माह पहले कोर्ट ने स्वीकार करते हुए शाहनवाज हत्याकांड में मृतक गौरव के पिता रविंद्र सिंह समेत पांच आरोपियों को तलब किया गया, मगर वे कोर्ट में पेश नहीं हुए, जिस कारण डेढ़ माह पहले कोर्ट ने रविंद्र सिंह समेत सभी पांचों आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिए थे।