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हरेंद्र की जीत पर बखेड़ा
ब्यूरो/ अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
Updated Wed, 04 Nov 2015 12:35 AM IST
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मुजफ्फरनगर। शहर से सटे वार्ड-10 से हरेंद्र शर्मा की जीत की घोषणा पर भाजपाइयों और अन्य प्रत्याशियों का गुस्सा फूट पड़ा। प्रशासन पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए हजारों लोग मंगलवार सुबह डीएम दफ्तर पर पहुंच गए और धरना प्रदर्शन किया। लोगों के गुस्से और हंगामे को देखते हुए डीएम, एडीएम और अन्य अफसर कार्यालय नहीं पहुंचे। जिलाध्यक्ष ने न्याय नहीं मिलने तक अनिश्चितकालीन धरने की घोषणा कर दी। बुधवार को आसपास के जिले के विधायक और सांसद भी धरने पर पहुंचेंगे।
राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान में सोमवार को मतगणना के दौरान वार्ड-10 से चुनाव लड़ रहे भाजपा समर्थित हरेंद्र पाल को 99 मतों से विजयी करार देते हुए एडीएम आफिस से प्रमाण-पत्र लेने के लिए भेज दिया। जीत का पता चलने पर हरेंद्र पाल के समर्थकों में मिठाइयां बंट गई थीं। सामने चुनाव लड़ रहे अन्य प्रत्याशियों ने भी उसे बधाई दे दी। रात्रि में साढ़े तीन बजे जिला प्रशासन ने बसपा समर्थित हरेंद्र शर्मा को विजयी घोषित करते हुए प्रमाण-पत्र जारी कर दिया। सुबह वार्ड दस पर चुनाव लड़े प्रत्याशियों और भाजपा कार्यकर्ताओं को इसका पता लगा तो सब हैरान रह गए। सुबह नौ बजे ही कलक्ट्रेट में भाजपा कार्यकर्ताओं और आम जनता की भीड़ एकत्र होनी शुरू हो गई।
दोपहर तक भाजपा नेता भी धरने पर पहुंच गए। प्रशासन पर मिलीभगत करने का आरोप लगाते हुए अन्य प्रत्याशी श्रीभगवान शर्मा, नरेंद्र बालियान, शिशुपाल कौशिक, श्रवण अग्रवाल सहित मुस्लिम प्रत्याशी भी धरने पर पहुंच गए। सभी ने हरेंद्र शर्मा की जीत पर अचरज जताते हुए न्याय की मांग की। इस दौरान भाजपा के प्रदेश मंत्री जसवंत सैनी ने कहा कि जिला प्रशासन ने जीते हुए प्रत्याशी हरेंद्र पाल को हरा दिया और तीसरे नंबर के प्रत्याशी हरेंद्र शर्मा को जिता दिया, यह कार्य केवल सपा सरकार में ही हो सकता है।
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भाजपा इस लड़ाई को बड़े स्तर पर लड़ेेगी। जिलाध्यक्ष सत्यपाल पाल ने कहा कि न्याय के लिए अनिश्चितकालीन आंदोलन होगा। जब तक न्याय नहीं मिलेगा आंदोलन जारी रहेगा। प्रशासन को मर्जी से ही प्रत्याशी जिताने थे तो चुनाव की क्या आवश्यकता थी। साध्वी प्राची आर्या ने कहा कि प्रशासन की धींगामुश्ती को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पूर्व विधायक अशोक कंसल, पूर्व चेयरमैन कपिलदेव अग्रवाल, भाजपा नगराध्यक्ष श्रीमोहन तायल ने कहा कि प्रशासन भाजपा प्रत्याशी हरेंद्र पाल के आंकड़े गलत बता सकता है। जो दूसरे 35 प्रत्याशी मतगणना स्थल पर मौजूद थे, क्या उन सबके आंकड़े गलत हैं।
जिला प्रशासन ने मतों में हेराफेरी की है। देवव्रत त्यागी, यशपाल पंवार ने कहा कि हरेंद्र पाल गरीब परिवार का है, प्रशासन ने यह मानकर उसे हरा दिया। इस अन्याय के खिलाफ बीजेपी ही नहीं आम जनता की सहानुभूति भी हरेंद्र पाल के साथ है। इस दौरान गीता जैन, एकता गुप्ता, सुनील शर्मा, रोहताश पाल, प्रेमी छाबड़ा, बिजेंद्र पाल, रमेशचंद्र पाल, देशबंधु तोमर आदि ने विचार रखे।
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राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान में सोमवार को मतगणना के दौरान वार्ड-10 से चुनाव लड़ रहे भाजपा समर्थित हरेंद्र पाल को 99 मतों से विजयी करार देते हुए एडीएम आफिस से प्रमाण-पत्र लेने के लिए भेज दिया। जीत का पता चलने पर हरेंद्र पाल के समर्थकों में मिठाइयां बंट गई थीं। सामने चुनाव लड़ रहे अन्य प्रत्याशियों ने भी उसे बधाई दे दी। रात्रि में साढ़े तीन बजे जिला प्रशासन ने बसपा समर्थित हरेंद्र शर्मा को विजयी घोषित करते हुए प्रमाण-पत्र जारी कर दिया। सुबह वार्ड दस पर चुनाव लड़े प्रत्याशियों और भाजपा कार्यकर्ताओं को इसका पता लगा तो सब हैरान रह गए। सुबह नौ बजे ही कलक्ट्रेट में भाजपा कार्यकर्ताओं और आम जनता की भीड़ एकत्र होनी शुरू हो गई।
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दोपहर तक भाजपा नेता भी धरने पर पहुंच गए। प्रशासन पर मिलीभगत करने का आरोप लगाते हुए अन्य प्रत्याशी श्रीभगवान शर्मा, नरेंद्र बालियान, शिशुपाल कौशिक, श्रवण अग्रवाल सहित मुस्लिम प्रत्याशी भी धरने पर पहुंच गए। सभी ने हरेंद्र शर्मा की जीत पर अचरज जताते हुए न्याय की मांग की। इस दौरान भाजपा के प्रदेश मंत्री जसवंत सैनी ने कहा कि जिला प्रशासन ने जीते हुए प्रत्याशी हरेंद्र पाल को हरा दिया और तीसरे नंबर के प्रत्याशी हरेंद्र शर्मा को जिता दिया, यह कार्य केवल सपा सरकार में ही हो सकता है।
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भाजपा इस लड़ाई को बड़े स्तर पर लड़ेेगी। जिलाध्यक्ष सत्यपाल पाल ने कहा कि न्याय के लिए अनिश्चितकालीन आंदोलन होगा। जब तक न्याय नहीं मिलेगा आंदोलन जारी रहेगा। प्रशासन को मर्जी से ही प्रत्याशी जिताने थे तो चुनाव की क्या आवश्यकता थी। साध्वी प्राची आर्या ने कहा कि प्रशासन की धींगामुश्ती को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पूर्व विधायक अशोक कंसल, पूर्व चेयरमैन कपिलदेव अग्रवाल, भाजपा नगराध्यक्ष श्रीमोहन तायल ने कहा कि प्रशासन भाजपा प्रत्याशी हरेंद्र पाल के आंकड़े गलत बता सकता है। जो दूसरे 35 प्रत्याशी मतगणना स्थल पर मौजूद थे, क्या उन सबके आंकड़े गलत हैं।
जिला प्रशासन ने मतों में हेराफेरी की है। देवव्रत त्यागी, यशपाल पंवार ने कहा कि हरेंद्र पाल गरीब परिवार का है, प्रशासन ने यह मानकर उसे हरा दिया। इस अन्याय के खिलाफ बीजेपी ही नहीं आम जनता की सहानुभूति भी हरेंद्र पाल के साथ है। इस दौरान गीता जैन, एकता गुप्ता, सुनील शर्मा, रोहताश पाल, प्रेमी छाबड़ा, बिजेंद्र पाल, रमेशचंद्र पाल, देशबंधु तोमर आदि ने विचार रखे।