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भक्ति करने से प्राप्त होते हैं भगवान : ओमानंद
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संवाद न्यूज एजेंसी
मोरना। भागवत पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद महाराज ने कहा कि भगवान भक्ति करने से प्राप्त होते है। भक्ति की भव्यता को समझने की शक्ति भागवत से मिलती हैं।
तीर्थ नगरी शुकतीर्थ स्थित भागवत पीठ श्री विठ्ठल मंदिर में स्वामी ओमानंद महाराज ने श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ किया। कथा वाचक राघवेन्द्र देशपांडे ने कहा कि भागवत भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति का सर्वोत्तम ग्रंथ है। परम भक्ति शरणागति से प्राप्त होती है। तीनों कालों में भक्ति को ही श्रेष्ठ माना गया है। महाराष्ट्र में भगवान श्रीकृष्ण ही विठ्ठल कहलाए। निस्वार्थ सेवा और निर्मल मन से ही भगवान प्रसन्न होते हैं।
कथा के आयोजन में वैशाली करंबेलकर, वैशाली घैसास, मीनाक्षी संत, ठाकुर प्रसाद ,कथा व्यास सुमन कृष्ण शास्त्री , आचार्य युवराज आदि मौजूद रहे।
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मोरना। भागवत पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद महाराज ने कहा कि भगवान भक्ति करने से प्राप्त होते है। भक्ति की भव्यता को समझने की शक्ति भागवत से मिलती हैं।
तीर्थ नगरी शुकतीर्थ स्थित भागवत पीठ श्री विठ्ठल मंदिर में स्वामी ओमानंद महाराज ने श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ किया। कथा वाचक राघवेन्द्र देशपांडे ने कहा कि भागवत भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति का सर्वोत्तम ग्रंथ है। परम भक्ति शरणागति से प्राप्त होती है। तीनों कालों में भक्ति को ही श्रेष्ठ माना गया है। महाराष्ट्र में भगवान श्रीकृष्ण ही विठ्ठल कहलाए। निस्वार्थ सेवा और निर्मल मन से ही भगवान प्रसन्न होते हैं।
कथा के आयोजन में वैशाली करंबेलकर, वैशाली घैसास, मीनाक्षी संत, ठाकुर प्रसाद ,कथा व्यास सुमन कृष्ण शास्त्री , आचार्य युवराज आदि मौजूद रहे।