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फुलत के मुख्तार का था शव, परिवार पर टूटा गम का पहाड़
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खतौली। एक सप्ताह पूर्व अज्ञात मिले शव की पहचान सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी मिलने पर पीड़ित परिजनों ने कपड़ों के आधार पर थाने पहुंचकर की। मृतक फुलत का मुख्तार था। मृतक के पांच बेटियां है और उसके घर में कमाने वाला कोई नही है।
गंग नहर रेलवे पुल के निकट बीस नवंबर की सायं एक व्यक्ति का शव मिला था। जिसकी पहचान नही हो पाई थी। पुलिस ने मृतक के शव को मोर्चरी भिजवा दिया था, पुलिस ने मृतक की पहचान कराने के लिए कोई ठोस प्रयास नही किए थे, अन्यथा लापता हुए व्यक्ति की 23 नवंबर को तहरीर देने पहुंचे परिजनों को उसकी मौत की सूचना मिल जाती। मृतक की पुत्र आसफा ने 23 नवंबर को दी तहरीर में बताया था कि उसके पिता मजदूरी करने आए थे और कई दिनों से वह घर नही पहुंचे। सोशल मीडिया के साथ समाचार पत्रों की सूचना के आधार पर पीड़ित परिवार थाने पहुंचा और कपड़ों के आधार पर अज्ञात व्यक्ति की पहचान फुलत निवासी 55 वर्षीय मुख्तार असद पुत्र अमीर अहमद के रूप में की, लेकिन पुलिस तीन दिन पहले ही मृतक का लावारिस में अंतिम संस्कार कर चुकी थी।
पिता का शव भी न मिलने पर थाने पहुंचे परिजनों में कोहराम मच गया। ग्रामीणों ने बताया कि मृतक के पांच बेटियां ही है, उसके घर में कमाने वाला कोई नही है।
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गंग नहर रेलवे पुल के निकट बीस नवंबर की सायं एक व्यक्ति का शव मिला था। जिसकी पहचान नही हो पाई थी। पुलिस ने मृतक के शव को मोर्चरी भिजवा दिया था, पुलिस ने मृतक की पहचान कराने के लिए कोई ठोस प्रयास नही किए थे, अन्यथा लापता हुए व्यक्ति की 23 नवंबर को तहरीर देने पहुंचे परिजनों को उसकी मौत की सूचना मिल जाती। मृतक की पुत्र आसफा ने 23 नवंबर को दी तहरीर में बताया था कि उसके पिता मजदूरी करने आए थे और कई दिनों से वह घर नही पहुंचे। सोशल मीडिया के साथ समाचार पत्रों की सूचना के आधार पर पीड़ित परिवार थाने पहुंचा और कपड़ों के आधार पर अज्ञात व्यक्ति की पहचान फुलत निवासी 55 वर्षीय मुख्तार असद पुत्र अमीर अहमद के रूप में की, लेकिन पुलिस तीन दिन पहले ही मृतक का लावारिस में अंतिम संस्कार कर चुकी थी।
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पिता का शव भी न मिलने पर थाने पहुंचे परिजनों में कोहराम मच गया। ग्रामीणों ने बताया कि मृतक के पांच बेटियां ही है, उसके घर में कमाने वाला कोई नही है।