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54 हजार लूटने के लिए कर दी दोस्त की हत्या
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54 हजार लूटने के लिए कर दी दोस्त की हत्या
मुजफ्फरनगर। पुरकाजी में लक्सर रोड स्थित लकड़ी की आढ़त के मुनीम मयंक कंसल की हत्या उसी के दोस्त ने महज 54 हजार रुपये लूटने के लिए की थी। पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा कर मयंक का मोबाइल हत्यारोपी के घर से बरामद कर लिया। एक आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है।
पुलिस लाइन स्थित सभागार में शनिवार दोपहर प्रेसवार्ता करते हुए एसपी क्राइम दुर्गेश कुमार सिंह ने बताया कि 19 अगस्त को पुरकाजी के लक्सर रोड निवासी मयंक कंसल संदिग्ध हालात में लापता हो गया था। मयंक घर के पास ही स्थित एक लकड़ी की आढ़त पर बतौर मुनीम काम करता था। 23 अगस्त को मयंक की लाश उसी लकड़ी आढ़त से बरामद हुई, जिसकी गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई थी। एसपी क्राइम ने बताया कि शनिवार सुबह पुरकाजी इंस्पेक्टर जितेंद्र सिंह यादव ने राजा उर्फ शमीम पुत्र गफ्फार निवासी गांव जोगावाला हरिद्वार, हाल निवासी मोहल्ला भट्ठा सेठपुरा पुरकाजी को गिरफ्तार किया। आरोपी ने पूछताछ में रिश्तेदार वाजिद, निवासी दाबकी खेड़ा, खानपुर उत्तराखंड के साथ मिलकर मयंक कंसल की हत्या करना स्वीकार किया। एसपी क्राइम ने बताया कि राजा भी लकड़ी आढ़त पर ट्रैक्टर चालक था, जिसकी मुनीम मयंक से अच्छी दोस्ती थी। मुनीम होने के नाते मयंक के पास मोटी रकम आती-जाती रहती थी, जिसे लूटने के लिए राजा उर्फ शमीम ने वाजिद के साथ मिलकर 19 अगस्त को मयंक की हत्या कर दी। दोनों को मयंक के पास से केवल 54 हजार रुपये मिले, जिन्हें उन्होंने आपस में बांट लिया। इसके बाद राजा ने मयंक का मोबाइल अपने घर में गड्ढा खोदकर दबा दिया। पूछताछ के बाद राजा के घर से मयंक का मोबाइल भी बरामद कर लिया गया। एसपी क्राइम ने बताया कि हत्यारोपी वाजिद फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है।
खुलासे पर परिजनों ने उठाए सवाल, थाने में हंगामा
(फोटो समाचार)
पुरकाजी। मयंक कंसल की हत्या के खुलासे पर उसके परिजनों ने सवाल खड़े करते हुए हत्या में दो से अधिक आरोपी शामिल होने की आशंका जताई है। दरअसल, पुलिस लाइन में हत्याकांड के खुलासे के बाद मयंक के परिजन थाने पहुंचे और वहां मौजूद सीओ सदर कुलदीप सिंह के समक्ष खुलासे पर सवाल खड़े किए। परिजनों ने दावा किया कि मयंक काफी सेहतमंद था और केवल दो व्यक्ति उसकी हत्या नहीं कर सकते। परिजनों ने लकड़ी आढ़त के मालिक व एक अन्य युवक के भी हत्या में शामिल होने के आरोप लगाया, जिस पर सीओ सदर ने खुलासे के बावजूद इन दोनों की संलिप्तता की जांच करने का आश्वासन देकर परिजनों को शांत किया। दरअसल, मयंक हत्याकांड की जांच के दौरान पुलिस को भी एक आरोपी युवक पर शक था, जिसके चलते उसे हिरासत में लेकर कई दिन पूछताछ भी की गई, लेकिन कोई भूमिका न मिलने पर उसे छोड़ दिया गया था।
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मुजफ्फरनगर। पुरकाजी में लक्सर रोड स्थित लकड़ी की आढ़त के मुनीम मयंक कंसल की हत्या उसी के दोस्त ने महज 54 हजार रुपये लूटने के लिए की थी। पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा कर मयंक का मोबाइल हत्यारोपी के घर से बरामद कर लिया। एक आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है।
पुलिस लाइन स्थित सभागार में शनिवार दोपहर प्रेसवार्ता करते हुए एसपी क्राइम दुर्गेश कुमार सिंह ने बताया कि 19 अगस्त को पुरकाजी के लक्सर रोड निवासी मयंक कंसल संदिग्ध हालात में लापता हो गया था। मयंक घर के पास ही स्थित एक लकड़ी की आढ़त पर बतौर मुनीम काम करता था। 23 अगस्त को मयंक की लाश उसी लकड़ी आढ़त से बरामद हुई, जिसकी गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई थी। एसपी क्राइम ने बताया कि शनिवार सुबह पुरकाजी इंस्पेक्टर जितेंद्र सिंह यादव ने राजा उर्फ शमीम पुत्र गफ्फार निवासी गांव जोगावाला हरिद्वार, हाल निवासी मोहल्ला भट्ठा सेठपुरा पुरकाजी को गिरफ्तार किया। आरोपी ने पूछताछ में रिश्तेदार वाजिद, निवासी दाबकी खेड़ा, खानपुर उत्तराखंड के साथ मिलकर मयंक कंसल की हत्या करना स्वीकार किया। एसपी क्राइम ने बताया कि राजा भी लकड़ी आढ़त पर ट्रैक्टर चालक था, जिसकी मुनीम मयंक से अच्छी दोस्ती थी। मुनीम होने के नाते मयंक के पास मोटी रकम आती-जाती रहती थी, जिसे लूटने के लिए राजा उर्फ शमीम ने वाजिद के साथ मिलकर 19 अगस्त को मयंक की हत्या कर दी। दोनों को मयंक के पास से केवल 54 हजार रुपये मिले, जिन्हें उन्होंने आपस में बांट लिया। इसके बाद राजा ने मयंक का मोबाइल अपने घर में गड्ढा खोदकर दबा दिया। पूछताछ के बाद राजा के घर से मयंक का मोबाइल भी बरामद कर लिया गया। एसपी क्राइम ने बताया कि हत्यारोपी वाजिद फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है।
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खुलासे पर परिजनों ने उठाए सवाल, थाने में हंगामा
(फोटो समाचार)
पुरकाजी। मयंक कंसल की हत्या के खुलासे पर उसके परिजनों ने सवाल खड़े करते हुए हत्या में दो से अधिक आरोपी शामिल होने की आशंका जताई है। दरअसल, पुलिस लाइन में हत्याकांड के खुलासे के बाद मयंक के परिजन थाने पहुंचे और वहां मौजूद सीओ सदर कुलदीप सिंह के समक्ष खुलासे पर सवाल खड़े किए। परिजनों ने दावा किया कि मयंक काफी सेहतमंद था और केवल दो व्यक्ति उसकी हत्या नहीं कर सकते। परिजनों ने लकड़ी आढ़त के मालिक व एक अन्य युवक के भी हत्या में शामिल होने के आरोप लगाया, जिस पर सीओ सदर ने खुलासे के बावजूद इन दोनों की संलिप्तता की जांच करने का आश्वासन देकर परिजनों को शांत किया। दरअसल, मयंक हत्याकांड की जांच के दौरान पुलिस को भी एक आरोपी युवक पर शक था, जिसके चलते उसे हिरासत में लेकर कई दिन पूछताछ भी की गई, लेकिन कोई भूमिका न मिलने पर उसे छोड़ दिया गया था।
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