{"_id":"6096d8408ebc3ec35c205353","slug":"fraud-in-the-name-of-injecting-remedicivir-muzaffarnagar-news-mrt5375720170","type":"story","status":"publish","title_hn":"रेमडेसिविर इंजेक्शन दिलाने के नाम पर ठगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रेमडेसिविर इंजेक्शन दिलाने के नाम पर ठगा
विज्ञापन
रेमडेसिविर इंजेक्शन दिलाने के नाम पर ठगा
मुजफ्फरनगर। कोरोना संक्रमित मरीजों के उपचार में इस्तेमाल होने वाले रेमडेसिविर इंजेक्शन दिलाने का झांसा देकर पूर्व प्रधान ने साथी के साथ मिलकर देवबंद के डॉक्टर से 2.10 लाख रुपये हड़प लिए। पुलिस ने मामला दर्ज कर पूर्व प्रधान समेत और उसके साथी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों से गाड़ी और ठगे गए 2.10 लाख रुपये भी बरामद कर लिए गए हैं।
सहारनपुर जनपद के देवबंद क्षेत्र के राधावल्लभ मंदिर के पास रहने वाले डॉ. जुबेर ने शहर कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि उनके परिचित डॉ. सद्दाम अली की बहन यास्मीन कोरोना संक्रमित हैं। उनके इलाज के लिए उन्हें रेमडेसिविर इंजेक्शन की जरूरत थी, जिस संबंध में उनकी बात गांव राजपुर तिलौरा के पूर्व प्रधान रवि से हुई। रवि ने उन्हें रेमडेसिविर के छह इंजेक्शन 2.10 लाख रुपये में दिलाने की बात कहकर जिला अस्पताल बुला लिया।
पीड़ित के अनुसार, 29 अप्रैल की दोपहर करीब डेढ़ बजे वे 2.10 लाख रुपये लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां पूर्व प्रधान रवि अपने साथी राजपुर तिलौरा के ही सचिन को साथ लेकर अपनी गाड़ी से पहुंचा। दोनों ने डॉ. जुबेर से 2.10 लाख रुपये ले लिए और कुछ देर में इंजेक्शन लाकर देने की बात कही। इसके बाद दोनों आरोपी वहां से चले गए और इंजेक्शन नहीं दिए। लगातार कॉल करने के बाद उन्होंने फोन उठाना ही बंद कर दिया।
विज्ञापन
पीड़ित ने ठगी का आरोप लगाते हुए तहरीर देकर कार्रवाई की गुहार लगाई, जिस पर पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। इंस्पेक्टर योगेश शर्मा ने बताया कि दोनों आरोपियों रवि व सचिन को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपियों ने ठगे गए 2.10 लाख रुपये के साथ ही घटना में प्रयुक्त गाड़ी भी बरामद कर ली गई है। पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
इस बार 45 वोट से हारा है पूर्व प्रधान रवि
मुजफ्फरनगर। जानसठ क्षेत्र के गांव राजपुर तिलौरा निवासी रवि पूर्व योजना में ग्राम प्रधान था। इस बार भी वह प्रधान पद का प्रत्याशी था, लेकिन महज 45 वोट से चुनाव हार गया। गांव का ही सचिन उसका सहयोगी है। इंस्पेक्टर ने बताया कि आरोपी रवि के खिलाफ इससे पहले भी ठगी संबंधी कई मामले दर्ज हैं। रिपोर्ट दर्ज कर दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। कोरोना संक्रमित मरीजों के उपचार में इस्तेमाल होने वाले रेमडेसिविर इंजेक्शन दिलाने का झांसा देकर पूर्व प्रधान ने साथी के साथ मिलकर देवबंद के डॉक्टर से 2.10 लाख रुपये हड़प लिए। पुलिस ने मामला दर्ज कर पूर्व प्रधान समेत और उसके साथी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों से गाड़ी और ठगे गए 2.10 लाख रुपये भी बरामद कर लिए गए हैं।
सहारनपुर जनपद के देवबंद क्षेत्र के राधावल्लभ मंदिर के पास रहने वाले डॉ. जुबेर ने शहर कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि उनके परिचित डॉ. सद्दाम अली की बहन यास्मीन कोरोना संक्रमित हैं। उनके इलाज के लिए उन्हें रेमडेसिविर इंजेक्शन की जरूरत थी, जिस संबंध में उनकी बात गांव राजपुर तिलौरा के पूर्व प्रधान रवि से हुई। रवि ने उन्हें रेमडेसिविर के छह इंजेक्शन 2.10 लाख रुपये में दिलाने की बात कहकर जिला अस्पताल बुला लिया।
विज्ञापन
पीड़ित के अनुसार, 29 अप्रैल की दोपहर करीब डेढ़ बजे वे 2.10 लाख रुपये लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां पूर्व प्रधान रवि अपने साथी राजपुर तिलौरा के ही सचिन को साथ लेकर अपनी गाड़ी से पहुंचा। दोनों ने डॉ. जुबेर से 2.10 लाख रुपये ले लिए और कुछ देर में इंजेक्शन लाकर देने की बात कही। इसके बाद दोनों आरोपी वहां से चले गए और इंजेक्शन नहीं दिए। लगातार कॉल करने के बाद उन्होंने फोन उठाना ही बंद कर दिया।
विज्ञापन
पीड़ित ने ठगी का आरोप लगाते हुए तहरीर देकर कार्रवाई की गुहार लगाई, जिस पर पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। इंस्पेक्टर योगेश शर्मा ने बताया कि दोनों आरोपियों रवि व सचिन को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपियों ने ठगे गए 2.10 लाख रुपये के साथ ही घटना में प्रयुक्त गाड़ी भी बरामद कर ली गई है। पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
इस बार 45 वोट से हारा है पूर्व प्रधान रवि
मुजफ्फरनगर। जानसठ क्षेत्र के गांव राजपुर तिलौरा निवासी रवि पूर्व योजना में ग्राम प्रधान था। इस बार भी वह प्रधान पद का प्रत्याशी था, लेकिन महज 45 वोट से चुनाव हार गया। गांव का ही सचिन उसका सहयोगी है। इंस्पेक्टर ने बताया कि आरोपी रवि के खिलाफ इससे पहले भी ठगी संबंधी कई मामले दर्ज हैं। रिपोर्ट दर्ज कर दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।