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सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में पूर्व मंत्री यशवंत सिंह बरी
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सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में पूर्व मंत्री यशवंत सिंह बरी
मुजफ्फरनगर। सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में पूर्व मंत्री भाजपा नेता डॉ. यशवंत सिंह को 14 साल बाद बरी कर दिया गया। एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में प्रकरण की सुनवाई हुई।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता अनिल जिंदल और अमीर अहमद ने बताया कि 2007 में जानसठ विधानसभा से डॉ. यशवत सिंह ने बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था। चुनाव प्रचार के दौरान नायब तहसीलदार धर्मेंद्र ने सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मुकदमा दर्ज कराया था। विवेचक ने जांच के बाद चार्जशीट दाखिल की। प्रकरण की सुनवाई एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट मेें हुई। सोमवार को न्यायाधीश गोपाल उपाध्याय ने प्रकरण में फैसला सुनाया। साक्ष्यों के अभाव में डॉ. यशवंत सिंह को बरी कर दिया गया। अदालत में तीन गवाह पेश किए गए थे।
डॉ. यशवंत सिंह बाद में भाजपा में शामिल हो गए थे। वह नगीना सीट से सांसद भी रहे हैं। वर्तमान में वह भाजपा में सक्रिय हैं।
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मुजफ्फरनगर। सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में पूर्व मंत्री भाजपा नेता डॉ. यशवंत सिंह को 14 साल बाद बरी कर दिया गया। एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में प्रकरण की सुनवाई हुई।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता अनिल जिंदल और अमीर अहमद ने बताया कि 2007 में जानसठ विधानसभा से डॉ. यशवत सिंह ने बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था। चुनाव प्रचार के दौरान नायब तहसीलदार धर्मेंद्र ने सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मुकदमा दर्ज कराया था। विवेचक ने जांच के बाद चार्जशीट दाखिल की। प्रकरण की सुनवाई एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट मेें हुई। सोमवार को न्यायाधीश गोपाल उपाध्याय ने प्रकरण में फैसला सुनाया। साक्ष्यों के अभाव में डॉ. यशवंत सिंह को बरी कर दिया गया। अदालत में तीन गवाह पेश किए गए थे।
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डॉ. यशवंत सिंह बाद में भाजपा में शामिल हो गए थे। वह नगीना सीट से सांसद भी रहे हैं। वर्तमान में वह भाजपा में सक्रिय हैं।