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उत्कल हादसा : दोषियों को सजा दिलाने में फोरेंसिक रिपोर्ट अहम
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Wed, 30 Aug 2017 12:23 AM IST
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ट्रैक से उत्कल का मलबा हटाते कर्मचारी।
- फोटो : अमर उजाला
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कलिंग उत्कल ट्रेन हादसे में दोषियों को सजा दिलाने में फोरेंसिक रिपोर्ट अहम होगी। फोरेंसिक ने भी घटनास्थल का जायजा लेकर सबूत एकत्र किए थे। इसके साथ ही खुफिया तंत्र और जीआरपी अपने स्तर से जांच करने में भी लगे हैं। फोरेंसिक की रिपोर्ट आने के बाद जांच में तेजी आएगी। जांच का केंद्र बिंदु रेलवे की लापरवाही माना जा रहा है।
19 अगस्त को पुरी से हरिद्वार जा रही कलिंग उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन खतौली में डिरेलमेंट हो गई थी। हादसे में 23 यात्रियों को जान गंवानी पड़ी और सैकड़ों यात्री घायल हुए। दिल्ली-टपरी वाया मेरठ मंडल की रेलवे लाइन पर यह पहला हादसा माना गया है, जिसमें रेलवे के साथ जान-माल की हानि हुुई है। भीषण हादसे के तुरंत बाद रेलवे की टीमों के साथ फोरेंसिक टीम ने भी जांच पड़ताल कर मौके से सबूत जुटाए थे। दिल्ली से रेलवे आला अफसरों ने भी खतौली पहुंचकर डिरेलमेंट के कारणों की पड़ताल की थी।
दो दिन दिल्ली बोर्ड चेयरमैन की टीम खतौली में डटी रही और जांच की। इसके साथ लखनऊ की एटीएस समेत टेक्निकल टीमों ने भी ट्रैक और ट्रेन की जांच पड़ताल की है। जीआरपी मुजफ्फरनगर थाने में हादसे की रिपोर्ट दर्ज कराई गई, जिसकी जांच अधिकारियों ने सीओ जीआरपी गाजियाबाद रणधीर सिंह को सौंपी है। खुफिया तंत्र और फोरेंसिक जांच के अनुसार प्रथम दृष्टि से रेलवे कर्मचारियों की लापरवाही सामने आ रही है, जिसके चलते यह हादसा हुआ है।
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साथ ही जिले की फील्ड यूनिट भी मामले में अपने स्तर से रिपोर्ट बना रही है। इन सभी रिपोर्ट को जांच प्रमुख सीओ जीआरपी को सौंपा जाएगा। एसओ जीआरपी किशन अवतार ने बताया कि आला अधिकारियों द्वारा जांच पड़ताल जारी है। हादसे में कई टीम जांच कर रही है, जिनमें रेलवे बोर्ड की टीम भी हैं। जीआरपी अपने स्तर से इसमें जांच करने में लगी है। अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है। जांच के बाद फाइनल रिपोर्ट आने पर असलियत का पता चल सकेगा।
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19 अगस्त को पुरी से हरिद्वार जा रही कलिंग उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन खतौली में डिरेलमेंट हो गई थी। हादसे में 23 यात्रियों को जान गंवानी पड़ी और सैकड़ों यात्री घायल हुए। दिल्ली-टपरी वाया मेरठ मंडल की रेलवे लाइन पर यह पहला हादसा माना गया है, जिसमें रेलवे के साथ जान-माल की हानि हुुई है। भीषण हादसे के तुरंत बाद रेलवे की टीमों के साथ फोरेंसिक टीम ने भी जांच पड़ताल कर मौके से सबूत जुटाए थे। दिल्ली से रेलवे आला अफसरों ने भी खतौली पहुंचकर डिरेलमेंट के कारणों की पड़ताल की थी।
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दो दिन दिल्ली बोर्ड चेयरमैन की टीम खतौली में डटी रही और जांच की। इसके साथ लखनऊ की एटीएस समेत टेक्निकल टीमों ने भी ट्रैक और ट्रेन की जांच पड़ताल की है। जीआरपी मुजफ्फरनगर थाने में हादसे की रिपोर्ट दर्ज कराई गई, जिसकी जांच अधिकारियों ने सीओ जीआरपी गाजियाबाद रणधीर सिंह को सौंपी है। खुफिया तंत्र और फोरेंसिक जांच के अनुसार प्रथम दृष्टि से रेलवे कर्मचारियों की लापरवाही सामने आ रही है, जिसके चलते यह हादसा हुआ है।
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साथ ही जिले की फील्ड यूनिट भी मामले में अपने स्तर से रिपोर्ट बना रही है। इन सभी रिपोर्ट को जांच प्रमुख सीओ जीआरपी को सौंपा जाएगा। एसओ जीआरपी किशन अवतार ने बताया कि आला अधिकारियों द्वारा जांच पड़ताल जारी है। हादसे में कई टीम जांच कर रही है, जिनमें रेलवे बोर्ड की टीम भी हैं। जीआरपी अपने स्तर से इसमें जांच करने में लगी है। अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है। जांच के बाद फाइनल रिपोर्ट आने पर असलियत का पता चल सकेगा।