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बारिश से बाहरी बस्तियां डूबीं, सड़कें जलमग्न
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
Updated Sat, 28 Jul 2018 12:07 AM IST
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बारिश के बीच पानी से होकर गुजरतीं महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
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लगातार बारिश से शहर की सड़कें और बाहरी बस्तियां जलमग्न हो गई है। कई सड़क मार्गों पर पेड़ टूटने से जाम लगा रहा। बिजली की कटौती से लोगों को परेशानी हुई। झमाझम बारिश से रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर भी भीड़ दिखाई नहीं दी। स्कूलों की छुट्टी के समय बच्चों को भीगते हुए घर लौटना पड़ा। बारिश की वजह से मौसम खुशनुमा हुआ तो बच्चों ने भी बरसात में भीगने का लुत्फ उठाया। जिले में शुक्रवार को इस मानसून की सबसे अधिक 80 मिलीमीटर रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई।
गर्मी और उमस से झुलसे जनजीवन को लगातार बारिश ने राहत दी, मगर दुश्वारियां भी बढ़ गई। शिव चौक, रुड़की रोड, एसडी कॉलेज मार्केट, कोर्ट रोड इलाके में पानी सड़कों पर लबालब रहा। राहगीरों को पानी से ही गुजरना पड़ा। अभिभावकों के लिए स्कूली बच्चों को पानी से निकाल कर घर ले जाना मुश्किल हो गया।
कई जगहों पर गड्ढेे में साइकिल और दुपहिया वाहन लुढ़कते नजर आए। गांधी कॉलोनी में बारिश में भीगने का स्कूली बच्चों ने आनंद लिया। आर्य समाज रोड, आबकारी रोड, खालापार, शामली रोड, रामपुरी, जनकपुरी, शाहबुददीनपुर आदि इलाकों में भी सड़कों पर जलभराव रहा। गोल मार्केट और एसडी मॉर्केट की कई दुकानों में पानी भर गया। नायब तहसीलदार शिव अवतार सिंह ने बताया कि सदर क्षेत्र में सभी राजस्व निरीक्षकों को बारिश के चलते अलर्ट कर दिया गया है। उनको अपने क्षेत्रों में नजर रखने के लिए कहा गया है।
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धर्मशाला और मकान की छत गिरी
मुजफ्फरनगर। शुक्रवार को दिन में भारी बरसात के चलते भगत सिंह रोड पर स्थित एक पुरानी धर्मशाला की छत भरभरा कर गिर गई। उधर, इंदिरा कॉलोनी में भी सरदारा पाल के मकान की छत गिर गई।
पेड़ गिरने से लगा जाम
मुजफ्फरनगर। जानसठ रोड पर गांव शेर नगर के पास पानीपत-खटीमा राजमार्ग पर पेड़ गिरने से यातायात बाधित हो गया। वाहनों का लंबा जाम लगने से परेशानी आई। बारिश के बीच ट्रक पर पेड़ गिरने से बिजनौर से आ रहे वाहनों की कतार लग गई। नई मंडी पुलिस ने एक घंटे की मशक्कत के बाद जाम खुलवाया।
गंगा खादर में अलर्ट
मुजफ्फरनगर। पहाड़ों पर लगातार बारिश से गंगा का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। हरिद्वार स्थित भीमगोड़ा से एक लाख 12 हजार क्यूसेक पानी छोड़ने के कारण यहां गंगा बैराज पर गंगा का जल स्तर 218.90 मीटर पर पहुंच गया है, जो चेतावनी के निशान 219 से कुछ ही नीचे और खतरे के निशान 220 मीटर से केवल एक मीटर नीचे है।
गंगा का जल स्तर बढ़ने के कारण पुरकाजी, मोरना और रामराज खादर के गांवों में अलर्ट कर दिया गया है। खादर क्षेत्र के ग्रामीण भी भयभीत हैं, जो बाढ़ आने की आशंका से अपना सामान शिफ्ट करने की तैयारी में हैं। एडीएम वित्त सियाराम मौर्य ने बताया कि बाढ़ चौकियां सक्रिय कर दी गई हैं। लेखपालों को हालात पर सीधे नजर रखने के लिए कहा गया है। यहां खादर के गांवों में सोलानी नदी और गंगा के कारण बाढ़ के हालात बन जाते हैं।
बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त, सड़कें जलमग्न
खतौली। मूसलाधार बारिश पड़ने से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। सड़कें जलमग्न हो गईं और गली-मोहल्लों में पानी भरने से लोगों को भारी परेशानियां उठानी पड़ी। बारिश की वजह से मौसम सुहावना रहा।
शुक्रवार सुबह से ही मूसलाधार बारिश पड़नी शुरू हो गई थी। तेज बारिश की वजह से सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई थी। वाहन चालकों को दिन में लाइट जलाकर सड़कों से गुजरना पड़ रहा था। तेज बारिश में लोग सड़कों पर बाइक चलाने की हिम्मत नहीं जुटा सके। जानसठ रोड, जीटी रोड, नगर पालिक रोड, फलावदा रोड आदि मार्गों पर जगह पानी भर गया था। वाहनों के गुजरने से सड़क उखड़ने लगी है।
सड़कों की जगह पानी भरने की वजह से रोड़ियां उखड़ने से गड्ढे हो गए हैं। लगातार बारिश पड़ने से लोग अपने घरों से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा सके। बाजारों में भी ग्राहकों के नहीं आने से दुकानदार हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे। कई गली और मोहल्लों में भी पानी भर गया था। जिससे लोगों को पानी से गुजरने के लिए परेशानियां उठानी पड़ी। दिनभर बारिश की वजह से मौसम सुहावना रहा।
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गर्मी और उमस से झुलसे जनजीवन को लगातार बारिश ने राहत दी, मगर दुश्वारियां भी बढ़ गई। शिव चौक, रुड़की रोड, एसडी कॉलेज मार्केट, कोर्ट रोड इलाके में पानी सड़कों पर लबालब रहा। राहगीरों को पानी से ही गुजरना पड़ा। अभिभावकों के लिए स्कूली बच्चों को पानी से निकाल कर घर ले जाना मुश्किल हो गया।
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कई जगहों पर गड्ढेे में साइकिल और दुपहिया वाहन लुढ़कते नजर आए। गांधी कॉलोनी में बारिश में भीगने का स्कूली बच्चों ने आनंद लिया। आर्य समाज रोड, आबकारी रोड, खालापार, शामली रोड, रामपुरी, जनकपुरी, शाहबुददीनपुर आदि इलाकों में भी सड़कों पर जलभराव रहा। गोल मार्केट और एसडी मॉर्केट की कई दुकानों में पानी भर गया। नायब तहसीलदार शिव अवतार सिंह ने बताया कि सदर क्षेत्र में सभी राजस्व निरीक्षकों को बारिश के चलते अलर्ट कर दिया गया है। उनको अपने क्षेत्रों में नजर रखने के लिए कहा गया है।
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धर्मशाला और मकान की छत गिरी
मुजफ्फरनगर। शुक्रवार को दिन में भारी बरसात के चलते भगत सिंह रोड पर स्थित एक पुरानी धर्मशाला की छत भरभरा कर गिर गई। उधर, इंदिरा कॉलोनी में भी सरदारा पाल के मकान की छत गिर गई।
पेड़ गिरने से लगा जाम
मुजफ्फरनगर। जानसठ रोड पर गांव शेर नगर के पास पानीपत-खटीमा राजमार्ग पर पेड़ गिरने से यातायात बाधित हो गया। वाहनों का लंबा जाम लगने से परेशानी आई। बारिश के बीच ट्रक पर पेड़ गिरने से बिजनौर से आ रहे वाहनों की कतार लग गई। नई मंडी पुलिस ने एक घंटे की मशक्कत के बाद जाम खुलवाया।
गंगा खादर में अलर्ट
मुजफ्फरनगर। पहाड़ों पर लगातार बारिश से गंगा का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। हरिद्वार स्थित भीमगोड़ा से एक लाख 12 हजार क्यूसेक पानी छोड़ने के कारण यहां गंगा बैराज पर गंगा का जल स्तर 218.90 मीटर पर पहुंच गया है, जो चेतावनी के निशान 219 से कुछ ही नीचे और खतरे के निशान 220 मीटर से केवल एक मीटर नीचे है।
गंगा का जल स्तर बढ़ने के कारण पुरकाजी, मोरना और रामराज खादर के गांवों में अलर्ट कर दिया गया है। खादर क्षेत्र के ग्रामीण भी भयभीत हैं, जो बाढ़ आने की आशंका से अपना सामान शिफ्ट करने की तैयारी में हैं। एडीएम वित्त सियाराम मौर्य ने बताया कि बाढ़ चौकियां सक्रिय कर दी गई हैं। लेखपालों को हालात पर सीधे नजर रखने के लिए कहा गया है। यहां खादर के गांवों में सोलानी नदी और गंगा के कारण बाढ़ के हालात बन जाते हैं।
बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त, सड़कें जलमग्न
खतौली। मूसलाधार बारिश पड़ने से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। सड़कें जलमग्न हो गईं और गली-मोहल्लों में पानी भरने से लोगों को भारी परेशानियां उठानी पड़ी। बारिश की वजह से मौसम सुहावना रहा।
शुक्रवार सुबह से ही मूसलाधार बारिश पड़नी शुरू हो गई थी। तेज बारिश की वजह से सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई थी। वाहन चालकों को दिन में लाइट जलाकर सड़कों से गुजरना पड़ रहा था। तेज बारिश में लोग सड़कों पर बाइक चलाने की हिम्मत नहीं जुटा सके। जानसठ रोड, जीटी रोड, नगर पालिक रोड, फलावदा रोड आदि मार्गों पर जगह पानी भर गया था। वाहनों के गुजरने से सड़क उखड़ने लगी है।
सड़कों की जगह पानी भरने की वजह से रोड़ियां उखड़ने से गड्ढे हो गए हैं। लगातार बारिश पड़ने से लोग अपने घरों से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा सके। बाजारों में भी ग्राहकों के नहीं आने से दुकानदार हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे। कई गली और मोहल्लों में भी पानी भर गया था। जिससे लोगों को पानी से गुजरने के लिए परेशानियां उठानी पड़ी। दिनभर बारिश की वजह से मौसम सुहावना रहा।